BMC चुनाव: कहीं वोटर लिस्ट से नाम गायब, कहीं बदले मतदान केंद्र... अव्यवस्थाओं के बीच मुंबईकरों ने डाला वोट

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि स्याही सैनिटाइजर, एसीटोन या पानी से आसानी से मिटाई जा सकती है, जिससे फर्जी या दोबारा मतदान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

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16 जनवरी को बीएमसी के चुनाव के नतीजे जारी होंगे (File Photo- PTI) 16 जनवरी को बीएमसी के चुनाव के नतीजे जारी होंगे (File Photo- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:45 PM IST

करीब नौ साल बाद हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव में मतदान के दौरान भारी अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं. गुरुवार को हुए मतदान में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने वोटर लिस्ट में नाम गायब होने, ऑनलाइन और ऑफलाइन रिकॉर्ड में अंतर, तथा बिना सूचना मतदान केंद्र बदले जाने की शिकायतें कीं, जिससे कई जगहों पर भ्रम और देरी की स्थिति बनी रही.

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मतदाताओं के साथ-साथ चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने भी समस्याओं की पुष्टि की. कई कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें जो मतदाता सूचियां दी गई थीं, उनमें फोटो बेहद धुंधले थे, जिससे पहचान सत्यापित करने में अधिक समय लगा.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी. कई मतदान केंद्रों पर न तो उन्हें मदद के लिए स्वयंसेवक मिले और न ही पर्याप्त दिशा-निर्देश. मतदान पर्चियों पर बूथ नंबर नहीं होने और संकेतक बोर्ड की कमी से बुजुर्ग मतदाता इधर-उधर भटकते नजर आए.

इस बीच, विपक्षी नेताओं ने मतदान में इस्तेमाल की गई अमिट स्याही की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि स्याही सैनिटाइजर, एसीटोन या पानी से आसानी से मिटाई जा सकती है, जिससे फर्जी या दोबारा मतदान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

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कुछ मतदाताओं ने यह भी शिकायत की कि मोबाइल फोन पर कोई आधिकारिक प्रतिबंध न होने के बावजूद पुलिस ने उन्हें फोन के साथ मतदान केंद्र में प्रवेश नहीं करने दिया. कई जगहों पर मोबाइल फोन प्रतिबंध से जुड़े पोस्टर भी लगाए गए थे.

ऑनलाइन ऐप और बूथ लिस्ट में अंतर

कई मामलों में मतदाताओं ने बताया कि चुनाव आयोग की वेबसाइट या ऐप पर दिखाए गए मतदान केंद्र, बूथ पर मौजूद प्रिंटेड लिस्ट से मेल नहीं खाते थे. वर्षों से एक ही बूथ पर मतदान करने वाले मतदाताओं को अचानक दूसरे केंद्रों पर भेजा गया.

क्रॉफर्ड मार्केट निवासी सईद अनवर ने बताया कि वेबसाइट पर उनका मतदान केंद्र जेजे इंस्टीट्यूट दिखाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें मुसाफिरखाना भेज दिया गया. वहीं, कालाचौकी के संजय शिंदे ने कहा कि इस बार उनका बूथ काफी दूर शिफ्ट कर दिया गया, जिससे उन्हें नाम ढूंढने में परेशानी हुई.

एक शिवसेना कार्यकर्ता के अनुसार, कई लोग सुबह अपने पुराने बूथ पहुंचे, लेकिन बदले बूथ की जानकारी न होने के कारण बिना वोट डाले काम पर निकल गए.

कुछ इलाकों में एक ही इमारत के निवासियों के मतदान केंद्र अलग-अलग जगहों पर निर्धारित पाए गए. कई बूथों पर चुनावकर्मी मतदाताओं को उनके सही मतदान केंद्र तक पहुंचाने में जुटे रहे.

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एक 84 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रोफेसर ने अपने भवन के चार ऐसे मतदाताओं की सूची रिटर्निंग ऑफिसर को सौंपी, जो फिलहाल विदेश में हैं, और उनके नाम पर फर्जी मतदान की आशंका जताई. रिटर्निंग ऑफिसर ने शिकायत मिलने की पुष्टि की.

गौरतलब है कि गुरुवार को मुंबई समेत महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के लिए मतदान संपन्न हुआ. परिणाम शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे.

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