सबसे बड़ी और सबसे छोटी जीत... एमपी में इन सीटों पर हुआ दिलचस्प मुकाबला

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की चारों विधानसभा सीटों पर बीजेपी का कब्जा बरकरार है. पंधाना सीट से बीजेपी की छाया मोरे ने कांग्रेस की रुपाली बारे को 28 हजार 984 मतों के अंतर से पराजित किया. यहां कांग्रेस को जीत की बड़ी उम्मीद थी. शुरुआती दो राऊंड में कांग्रेस ने 1704 मतों की बढ़त भी ली थी.

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सांकेतिक तस्वीर. सांकेतिक तस्वीर.

जय नागड़ा

  • खंडवा ,
  • 03 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 8:15 PM IST

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की चारों विधानसभा सीटों पर बीजेपी का कब्जा बरकरार है. यहां सबसे बड़ी जीत हरसूद विधानसभा क्षेत्र से विजय शाह की रही. उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को साठ हजार वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया. इस तरह वो यहां से लगातार आठवीं बार विधायक चुने गए हैं.

इसी कड़ी में खंडवा विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी की कंचन मुकेश तनवे ने कांग्रेस के कुंदन मालवीय को 37 हजार 930 मतों से हराया. इस सीट से बीजेपी ने तीन बार से विधायक रहे देवेंद्र वर्मा का टिकट काटकर कंचन तनवे को प्रत्याशी बनाया था. वो हाल ही में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गई थीं.

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छाया मोरे ने कांग्रेस की रुपाली को 28 हजार से अधिक वोटों से हराया

उधर, पंधाना सीट से बीजेपी की छाया मोरे ने कांग्रेस की रुपाली बारे को 28 हजार 984 मतों के अंतर से पराजित किया. यहां कांग्रेस को जीत की बड़ी उम्मीद थी. शुरुआती दो राऊंड में कांग्रेस ने 1704 मतों की बढ़त भी ली थी. मगर, जैसे-जैसे मतगणना बढ़ती रही छाया मोरे एकतरफा बढ़त बनाती गईं. 

मान्धाता सीट से बीजेपी के नारायण पटेल महज 774 वोटों से जीते

बीजेपी ने इस सीट से अपने सिटिंग एमएलए राम दांगोरे का टिकट काटकर कुछ समय पहले ही कांग्रेस छोड़कर पार्टी में शामिल हुईं छाया को टिकट दिया था. पिछले विधानसभा चुनाव में वो कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं और हार गई थीं. इस बार बीजेपी का साथ उन्हें फलीभूत हुआ है.

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वहीं, मान्धाता में बीजेपी के नारायण पटेल को भी जीत मिली. हालांकि ये जीत महज 774 मतों के अंतर से हुई. कांग्रेस के उत्तमपाल सिंह ने उन्हें कड़ी टक्कर दी. पिछले विधानसभा उपचुनाव में यही जोड़ी आमने -सामने थी. तब बीजेपी की जीत का अंतर 22 हजार मतों से ज्यादा का था. नारायण पटेल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के ही टिकट पर चुनाव जीते थे. फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल होकर उपचुनाव में विधायक बने थे.

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