सपा नेत्री, पिता रह चुके विधायक, चाचा पूर्व केंद्रीय मंत्री... कौन हैं फर्रुखाबाद में 'वोटों का जिहाद करो' कहने वाली मारिया आलम खान?

फर्रूखाबाद में सपा प्रत्याशी के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मारिया आलम ने मुस्लिम समाज के लोगों से एकजुट होकर वोट देने की अपील करते हुए कहा कि एक साथ होकर वोटों का जिहाद करो क्योंकि हम सिर्फ वोटों का जिहाद कर सकते हैं. उनके इस बयान से सियासत गर्म हो गई है.

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सलमान खुर्शीद की भतीजी मारिया आलम खान सलमान खुर्शीद की भतीजी मारिया आलम खान

फिरोज़ खान

  • फर्रूखाबाद ,
  • 30 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 4:35 PM IST

लोकसभा चुनाव 2024 के बीच कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद की भतीजी मारिया आलम खान चर्चा में आ गई हैं. यूपी के फर्रूखाबाद में सपा प्रत्याशी के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मारिया आलम ने मुस्लिम समाज के लोगों से एकजुट होकर वोट देने की अपील करते हुए कहा कि एक साथ होकर वोटों का जिहाद करो क्योंकि हम सिर्फ वोटों का जिहाद कर सकते हैं. उनके इस बयान से सियासत गर्म हो गई है. आइए जानते हैं सलमान खुर्शीद की भतीजी मारिया के बारे में...

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बता दें कि मारिया आलम खान दिवंगत इजहार आलम खान की बेटी हैं. इजहार आलम जिला फर्रुखाबाद के ग्राम पितोरा (तहसील कायमगंज) के रहने वाले थे और कायमगंज विधानसभा से समाजवादी पार्टी के विधायक भी रह चुके हैं. वहीं, मारिया फर्रुखाबाद में समाजवादी पार्टी की जिला उपाध्यक्ष हैं. 

मारिया आलम खान के पति सरोश उमर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में कंप्यूटर साइंस विभाग में प्रोफेसर हैं. मारिया आलम की शिक्षा-दीक्षा जामिया इस्लामिया विश्वविद्यालय दिल्ली से हुई है. वह ह्यूमन साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट हैं. 

सलमान खुर्शीद की भतीजी मारिया आलम खान

राजनीतिज्ञ के अलावा मरिया सोशल एक्टिविस्ट भी हैं. उन्होंने कई आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है. वह अधिकांश समय दिल्ली के जामियानगर में रहती हैं. मरिया ने जेल में बंदियों के रोजगार के लिए भी काम किया है. 

चर्चा में है मारिया का ये बयान 

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फर्रूखाबाद में सपा प्रत्याशी के समर्थन में हुई जनसभा में बोलते हुए सलमान खुर्शीद की भतीजी ने कहा- "बहुत अकलमंदी के साथ, बहुत जज्बाती न होकर, बहुत खामोशी के साथ, एक साथ होकर वोटों का जिहाद करो क्योंकि हम सिर्फ वोटों का जिहाद कर सकते हैं और इस संघी सरकार को भगाने का काम कर सकते हैं. बहुत शर्म आती है, जब मैंने ये सुना कि कुछ मुसलमानों ने मुकेश राजपूत की मीटिंग कराई. मुझे लगता है कि समाज से उनका हुक्का-पानी बंद कर देना चाहिए."

मारिया आलम खान

इसके बाद मुस्लिमों को नसीहत देते हुए मारिया आलम ने आगे कहा- "इतना मतलबी मत बनो कि बच्चों की जिंदगियों से खेलो, हमारे बच्चों की जानों से खेलो. आज कितने लोग CAA-NRC में जेलों में बंद हैं. मुझे खुशी हो रही है कि उन बच्चों के कितने केस सलमान खुर्शीद साहब फ्री में लड़ रहे हैं. ये बहुत बड़ी बात हैं."

उन्होंने यह भी कहा कि हम आपके लिए लड़ रहे हैं, संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अगर आप साथ नहीं दोगे तो हम अकेले कुछ नहीं कर सकते क्योंकि हमारी ताकत आप हो और आप अगर ऐसे दिल छोड़कर बैठ जाओगे कि अब कुछ नहीं होगा तो ऐसा नहीं होता. 100 बार लड़ेंगे और 100 बार हारेंगे. अगर अपने मुल्क को बचाना चाहते हो, अपने मुल्क की खूबसूरती को बचाना चाहते हो, गंगा-जमुनी तहजीब को बचाना चाहते हो तो इस बार बहुत होश से वोट दो.

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आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज

फिलहाल, सपा नेत्री मारिया आलम खान के खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज हो गया है. मारिया आलम ने जनसभा में 'वोट जिहाद' की अपील की थी. उनपर कायमगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ है. 

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