लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल को होगा. चुनावी माहौल के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में क्षत्रिय स्वाभिमान पंचायत हुई. जहां समाज के नेताओं ने अपने हक के लिए बीजेपी के खिलाफ वोट करने की अपील की. बता दें, क्षत्रिय इतिहास से छेड़छाड़, BJP से सबसे कम टिकट मिलना, अग्निपथ स्कीम और EWS का सरलीकरण न होना. इन मुद्दों के साथ लोग एक बार फिर क्षत्रिय स्वाभिमान महापंचायत में जुटे और बीजेपी के खिलाफ वोट करने की कसम खाई.
गाजियाबाद से जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह का टिकट काटने के बाद BJP को लगातार समाज के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है. क्षत्रिय समाज के किसान ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने आजतक सबसे कम टिकट समाज को दिए हैं. इसके बाद बीजेपी के मंत्री पर्शोत्तम रुपाला ने क्षत्रिय समाज की महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करके कर दी. लेकिन रुपाला ने अपनी टिप्पणी पर माफी मांग ली है. बावजूद क्षत्रिय समाज गुजरात से लेकर जम्मू और पूर्वांचल तक गुस्से में है. इस पंचायत में पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की पौत्री अद्रिजा मंजरी सिंह भी पहुंची और रुपाला पर जमकर हमला किया.
धौलाना में हुई क्षत्रिय स्वाभिमान पंचायत
इस मौके पर अद्रिजा मंजरी सिंह ने कहा कि समाज की नाराजगी सिर्फ टिकट न मिलना नहीं बल्कि लगातार अनदेखी है. नेताओं का आरोप है कि राजपूत समाज से सबसे ज्यादा लोग सेना में भर्ती होते थे. अब अग्निपथ स्कीम आने के बाद रोजगार के रास्ते भी बहुत सीमित हो गए हैं. जिन सीटों पर कभी क्षत्रिय उम्मीदवार जीतते थे, उनको समाज से छीन लिया है.
बीजेपी के खिलाफ वोट करने की कसम खाई
EWS कोटा में राजपूतों के बच्चे सलेक्ट नहीं हो पा रहे हैं. क्योंकि उनके पास खेत है जिससे सरकार को लगता है कि उनकी 8 लाख सालाना आय होती है. सहारनपुर से लेकर आगरा और गौतमबुध नगर से लेकर बागपत और मेरठ तक क्षत्रिय वोटर करीब 10 प्रतिशत हैं. रिटायर्ड मेजल हिमांशु सिंह सोम का कहना है कि इतिहास विकृतिकरण भी समाज के लिए बड़ा मुद्दा है. भाजपा के नेताओं के ऊपर इतिहास विकृतिकरण में शामिल होने का आरोप है.
अभिषेक आनंद