प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनावों में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए उम्मीदवारों से कहा है कि वे एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों से आरक्षण छीनने और इसे अपने वोट बैंक को देने के कांग्रेस के इरादे के बारे में मतदाताओं के बीच जागरूकता फैलाएं. तीसरे चरण के उम्मीदवारों को लिखे एक व्यक्तिगत पत्र में पीएम मोदी ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर विभाजनकारी और भेदभावपूर्ण इरादे रखने का आरोप लगाया. इसके अलावा पीएम मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखा है.
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पत्र में कहा, "वे लोगों की मेहनत की कमाई छीनकर अपने वोट बैंक को देने पर तुले हैं. कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वे विरासत टैक्स जैसे खतरनाक विचार लाएंगे. उन्हें रोकने के लिए देश को एकजुट होना होगा."
हर उम्मीदवार को भेजे पत्र में प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह कोई सामान्य चुनाव नहीं है.
पीटीआई के मुताबिक उम्मीदवारों को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, "भारत भर के परिवार, विशेष रूप से वरिष्ठ सदस्य, पिछले पांच-छह दशकों में जिन कठिनाइयों से गुजरे हैं, उन्हें याद होगा. पिछले 10 वर्षों में हर वर्ग के जीवन की गुणवत्ता में गिरावट आई है. समाज में सुधार हुआ है, इनमें से कई परेशानियां दूर हो गई हैं, फिर भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है और यह चुनाव सभी के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करने के हमारे मिशन में निर्णायक होगा.''
मोदी ने कहा कि भाजपा को मिलने वाला प्रत्येक वोट 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में गति प्रदान करेगा. चुनाव के पहले दो चरणों के उत्साहजनक रुझान बताते हैं कि भारत की जनता इस चुनाव में हमारे इस विजन को समर्थन देने का मन बनाकर आगे बढ़ रही है.
उनके पत्रों में कहा गया है कि गर्मी से हर किसी को परेशानी होती है, साथ ही मतदाताओं से सुबह जल्दी वोट डालने की अपील की गई है. प्रधानमंत्री ने कहा, "यह जरूरी है कि हमारे कार्यकर्ता लोगों को बड़ी संख्या में बाहर जाने और मतदान करने के लिए प्रेरित करें. बूथ जीतने पर ध्यान केंद्रित करें. प्रत्येक बूथ पर जीत से निर्वाचन क्षेत्र में सफलता मिलती है. साथ ही, मैं अपने कार्यकर्ताओं से अनुरोध करता हूं पार्टी उनके और उनके आस-पास के अन्य लोगों के स्वास्थ्य का ख्याल रखेगी."
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने उन्हें केंद्र और पहले गुजरात में एक सफल मंत्री होने के अलावा पार्टी के सबसे मूल्यवान कार्यकर्ताओं में से एक बताया. पीएम मोदी ने कहा कि शाह ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत 13 साल की उम्र में आपातकाल के खिलाफ अभियान चलाने वालों का समर्थन करके की थी और 1980 के दशक से उनके जुड़ाव को याद किया. उन्होंने कहा, "तब से मैंने भारत के उत्थान और समाज सेवा के प्रति आपकी अटूट प्रतिबद्धता देखी है."
पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष के रूप में शाह ने इसे दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनाने के उनके सपने को साकार किया. पीएम ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और संसद में ब्रिटिश काल के कानूनों की जगह लेने वाले तीन आपराधिक कानूनों को पारित करने में एक मंत्री के रूप में उनकी भूमिका की सराहना की.
पीएम ने पार्टी के विकास के लिए दिन-रात काम करने के लिए अमित शाह की सराहना करते हुए कहा, "आप संसद में एक उत्कृष्ट वक्ता रहे हैं और सबसे जटिल मामलों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने में सक्षम हैं. गांधीनगर से लोकसभा सांसद के रूप में आपने अपनी जिम्मेदारियों का बेहतरीन तरीके से निर्वहन किया है. मुझे पूरा विश्वास है कि आपके निर्वाचन क्षेत्र के लोगों का समर्थन हमेशा मिलता रहेगा."
पीएम ने सिंधिया को भी लिखा पत्र
प्रधानमंत्री मोदी ने बीजेपी प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी पत्र लिखा. इसमें उन्होंने कहा, "क्षेत्र में आपके द्वारा किए गए विकास कार्य, क्षेत्र के प्रगति के प्रति आपकी दूरदर्शिता को दर्शाता है. सिंधिया जैसे ऊजार्वान साथी मुझे संसद में मजबूती प्रदान करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने सिंधिया को पत्र लिख उन्हें आगामी चुनाव की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि सिंधिया ने क्षेत्र और प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाई है और यह सिंधिया की दूरदर्शिता को दिखलाता है. सिंधिया ने नागर विमानन और इस्पात मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं. अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने मतदाताओं को भाजपा को वोट देने की अपील की और सिंधिया को शुभकामनाएं दी.
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