अखिलेश के गढ़ में BJP की सेंधमारी, मोहन यादव के जरिए यादव वोटरों को लुभाने की कोशिश

उत्तर प्रदेश का मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र प्रदेश के हॉट सीटों में एक माना जाता है. यह सीट समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है. यहां से मुलायम सिंह परिवार की दो बहुएं आमने-सामने हैं. एक तरफ सपा से खुद अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी ने जयवीर सिंह को मैदान में उतारा है. एक तरफ अखिलेश यादव खुद यहां एड़ी चोटी लगाए हुए हैं. वहीं यादव बहुल मैनपुरी में बीजेपी ने एमपी सीएम मोहन यादव को भेजा है.

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अखिलेश यादव और मोहन यादव अखिलेश यादव और मोहन यादव

सिमर चावला

  • मैनपुरी,
  • 15 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 9:27 PM IST

Loksabha Election 2024: मैनपुरी में बीजेपी और सपा दोनों ही तरफ से धुआंधार प्रचार हो रहा है. एक तरफ जहां बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने पहुंचे एमपी सीएम मोहन यादव ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी को आड़े हाथ लिया. वहीं मैनपुरी को सपा का गढ़ कहे जाने को पुराने दिनों की बात बताई. वहीं डिंपल यादव के पक्ष में प्रचार के लिए आए अखिलेश यादव ने बीजेपी पर डिवाइड एंड रूल का आरोप लगाया और कहा कि इसी के तहत मोहन यादव को यहां प्रचार का जिम्मा दिया गया है. 

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बीजेपी प्रत्याशी जयवीर सिंह के प्रचार के लिए  मैनपुरी पहुंचे मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने पूरे देश को मोदीमय बताया. जब उनसे पूछा गया कि एक समय मैनपुरी समाजवादी पार्टी का गढ़ होता था, इस पर उन्होंने दो टूक बात कह दी. मोहन यादव ने कहा कि जो भी किसी का गढ़ था, वो पुरानी बात हो गई. अब सब मोदी मय हो गए हैं. 

यादव बहुल सीट माना जाता है मैनपुरी
यादव बहुल लोकसभा सीट होने की बात पर मोहन यादव ने कहा कि  जहां से मैं आता हूं. मेरी जाति के 500 वोट भी नहीं हैं. लेकिन, पार्टी मुझे लगातार 3 बार से टिकट दे रही है. हमें जाति की जगह योग्यता पर ध्यान देना चाहिए. अखिलेश यादव के सवाल पर उन्होंने कहा कि दो-दो चुनाव देख लिये जनता अब इन पर विश्वास नहीं करती है. 

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डिंपल यादव को जीत हाथ से जाती दिख रही : मोहन यादव
मोहन यादव ने डिंपल यादव के बीजेपी के संकल्प पत्र पर सवाल उठाने पर कहा कि उनको भी अन्दर से पता है कि क्या हो रहा है. मोदी जी से दुनिया में देश का मान बढ़ा. हर तरफ वाहवाही हो रही. इसलिए जिन्हें हाथ से सत्ता जाती हुए दिखती है. उन्हें जीत पर शंका होती ही है और वह ऐसे ही कटाक्ष करते हैं. एक बात जान लीजिए जनता मोदी जी के साथ है. 

जातीय जनगणना के सवाल पर राहुल गांधी को खरी-खरी
राहुल गांधी के जातीय जनगणना को लेकर बयान पर मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी के नाना जी ने जातिगत जनगणना कराने से मना किया. उनकी दादी ने जाति का जनगणना नहीं कराई.कई लोग हम पर आरोप लगाते हैं कि हम जातिगत जनगणना के विषय में स्पष्ट नहीं हैं, तो बता दें हम इसपर स्पष्ट हैं. हम कोई विरोधी नहीं हैं. लेकिन महिला, गरीब, किसान, युवा यदि इन्हीं चार श्रेणी पर हम ध्यान दे दें तो पूरा समाज इसमें आ जाता है.

कमलनाथ के घर पुलिस पहुंचने को बताया सही 
पूर्व सीएम कमलनाथ के घर पुलिस पहुंचने पर  मोहन यादव ने कहा कि  आचार संहिता लगी हुई है और आप किसी भी प्रत्याशी के निजी जीवन से छेड़छाड़ तो पुलिस प्रशासन होता क्यों है? वो कार्रवाई करेगा नकुल नाथ और दिग्विजय सिंह के चुनाव लड़ने पर उन्होंने कि कोई भी आकर चुनाव लड़ ले, मोदी की आंधी में सब उड़ जाएगा.

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अखिलेश बोले -मैनपुरी के लोग सपा का साथ न छोड़ा न छोड़ेंगे
वहीं दूसरी तरफ अपनी पत्नी और सपा प्रत्याशी डिंपल यादव के प्रचार के लिए मैनपुरी पहुंचे अखिलेश यादव ने कहा कि  यह वो क्षेत्र है जहां पर जितनी भी कठिन परिस्थितियों हो, लोगों ने न नेताजी का साथ छोड़ा ना समाजवादी पार्टी का. जो यहां से प्रत्याशी हैं उन्होंने तो प्रत्याशी बनने के पहले ही कह दिया कि यहां जीतने का क्या है. यहां से तो समाजवादी ही जीतेगी.

बीजेपी पोस्टरों पर अपने प्रत्याशियों को चेहरा भी लगाए
मैनपुरी में एमपी के सीएम के चुनाव प्रचार में आने पर अखिलेश यादव ने कहा कि जहां तक मोहन यादव के नेतृत्व का सवाल है,वो सिर्फ इसलिए क्योंकि वह उस जाति से आते हैं. बीजेपी जाति की गिनती तो करती है लेकिन जातिगत जनगणना कराना नहीं चाहती. बीजेपी ये बताएं कि वह अपने प्रत्याशियों का चेहरा क्यों नहीं लगा रही होडिंग पर, सिर्फ एक नेता का क्यों लगा रही है. जब लोगों को समस्याएं होंगी तो क्या लोग दिल्ली जाकर समस्या सुनाएंगे.

बीजेपी की पॉलिसी 'डिवाइड एंड रूल'
अखिलेश ने कहा कि बीजेपी की स्ट्रैटेजी है 'डिवाइड एंड रूल' और 'यूज़ ऐंड थ्रो'. बीजेपी बताए कि दस साल देश के और सात साल यूपी के उन्होंने क्या दिया है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जो समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन के नेताओं की जीत की हवा चल रही है, उससे बीजेपी का सफाया होने जा रहा है.

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अखिलेश यादव ने कहा कि आर्मी की नौकरी चार साल की कर दी. पुलिस वालों की तीन साल की हो जाएगी. अगर बीजेपी 400 पार कर रही होती तो दो- दो मुख्यमंत्रियों को उन्हें जेल नहीं भेजना पड़ता. जो लोग 400 पार बोल रहे हैं वह अपने मुख्यमंत्री तक का चेहरा होर्डिंग पर नहीं रख रहे हैं.

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