कर्नाटक के बीजापुर शहर की ऐतिहासिक तौर पर खास हचान है और आदिल शाही साम्राज्य की कई धरोहरें यहां मौजूद हैं. इसके अलावा बीजापुर विश्व प्रसिद्ध गोल गुम्बद के लिए जाना जाता है, इस शहर का पुराना नाम विजयपुर था. राजनाधी बेंगलुरु से 530 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में बसे इस शहर की खास पहचान है. बीजापुर लोकसभा सीट पर फिलहाल बीजेपी का कब्जा है और यहां से रमेश चंदप्पा जिगाजिनागी सांसद हैं. यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
देश की अन्य सीटों की तरह यह लोकसभा सीट पहले कांग्रेस का किला हुआ करती थी लेकिन 90 के दशक से यहां बीजेपी ने पांव पसारने शुरू किए और जनता के बीच अपना जनाधार बढ़ाने में सफल हुई. यह सीट पहले बॉम्बे स्टेट और फिर मैसूर स्टेट का हिस्सा थी लेकिन साल 1977 के लोकसभा चुनाव से इसे कर्नाटक राज्य में शामिल कर लिया गया. यहां अब तक हुए कुल 16 लोकसभा चुनाव में 9 बार कांग्रेस को जीत मिली है जबकि 4 बार बीजेपी ने अपना परचम लहराया है. बीजापुर सीट पर दो बार जनता पार्टी और 1976 में स्वतंत्र पार्टी ने भी जीत दर्ज की थी.
करीब 5 दशकों तक यहां बीजेपी का कोई नामोनिशान तक नहीं था लेकिन पहली बार 1999 के चुनाव में बीजेपी ने यहां खाता खोला और तब से अब तक इस सीट पर कमल के निशान का ही कब्जा है. साल 1999 और 2004 में बीजेपी के बसनगौड़ा पाटिल यहां से चुनाव जीते, इसके बाद 2009 और 2014 में बीजेपी के ही रमेश चंदप्पा जिगाजिनागी को बीजापुर लोकसभा सीट पर लगातार 2 बार जीत मिली.
सामाजिक तानाबाना
बीजापुर की कुल आबादी करीब 21.77 लाख है जिसमें करीब 16.22 लाख मतदाता हैं. इनमें 8.47 लाख पुरुष वोटर और 7.74 लाख महिला वोटर शामिल हैं. बीजापुर की कुल आबादी का 77 फीसदी हिस्सा ग्रामीण जनता है जबकि 23 फीसदी आबादी शहरी क्षेत्र की है. जातिगत समीकरण की बात करें तो इस सीट पर अनुसूचित जाति की आबादी करीब 20 फीसदी है और 2 फीसदी के करीब अनुसूचित जनजाति के लोग रहते हैं. बीजापुर लोकसभा सीट के अंतर्गत 8 विधानसभा सीटें भी आती हैं.
2014 का जनादेश
पिछले लोकसभा चुनाव में इस सीट पर बीजेपी के रमेश चंदप्पा जिगाजिनागी ने कांग्रेस के प्रकाश राठौर को करीब 70 हजार वोटों से हराया था. 2014 के चुनाव में बीजेपी को 4,71,757 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस 4,01938 वोटों पर सिमट गई थी. इस चुनाव में करीब 60 फीसदी मतदान हुआ और करीब 9.66 लाख लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. पिछले चुनाव में जनता दल सेक्युलर के उम्मीदवार को 6 फीसदी यानी 57,551 वोट हासिल हुए थे. नतीजों में आम आदमी पार्टी को 0.5 फीसदी वोट मिले थे जो यहां से पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रही थी.
सांसद का रिपोर्ट कार्ड
बीजापुर से बीजेपी सांसद रमेश चंदप्पा जिगाजिनागी (66) के पास लंबा संसदीय अनुभव है और वह 5 बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं. पहली बार वह 1983 में विधानसभा चुनाव जीते और इसके बाद 1998 तक 3 बार जीतकर कर्नाटक विधानसभा पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कर्नाटक सरकार में विभिन्न विभागों का जिम्मा भी संभाला. साल 1998-99 में वह 12वीं लोकसभा का चुनाव जीतने में सफल रहे और उसके बाद लगातार 5 बार लोकसभा चुनाव जीतते रहे.
साल 2014 में मिली जीत के बाद जिगाजिनागी को मोदी सरकार में राज्य मंत्री भी बनाया गया. संसद में उनका प्रदर्शन मंत्री होने की वजह से दर्ज नहीं है लेकिन उन्होंने अपनी सांसद निधि की 36 फीसदी राशि विकास कार्यों के लिए खर्च की है. पिछले चुनाव में दिए हलफनामे के मुताबिक उनके पास कुल 8 करोड़ की संपत्ति है और जिगाजिनागी पर 2 आपराधिक मामले भी दर्ज हैं.
अनुग्रह मिश्र