पश्चिम बंगाल की कोलकता उत्तर सीट पर 23 मई को मतगणना के बाद चुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं. इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार सुदीप बंदोपाध्याय ने 127095 वोटों से जीत हासिल की है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रत्याशी बंगाल बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष राहुल (विश्वजीत) सिन्हा को हराया है. वहीं सीपीएम उम्मीदवार कनिनिका बोस तीसरे नंबर पर रहे.
कब और कितनी हुई वोटिंग
कोलकता उत्तर लोकसभा सीट पर 19 मई को मतदान हुआ और 65.74 फीसदी वोटिंग दर्ज हुई. जबकि 2014 के चुनाव में 66.68 फीसदी और 2009 में 64.2 फीसदी मतदान हुआ था.
कौन-कौन प्रमुख उम्मीदवार
कोलकाता उत्तर लोकसभा सीट पर टीएमसी ने अपने मौजूदा सांसद सुदीप बंदोपाध्याय को एक बार फिर से मैदान में उतारा जबकि बीजेपी ने भी इस सीट से अपने पुराने उम्मीदवार और पश्चिम बंगाल बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष रहे राहुल (विश्वजीत) सिन्हा पर दांव खेला. कांग्रेस ने सैयद शाहिद इमाम और सीपीएम ने कनिनिका बोस को चुनाव मैदान में उतारा. कई निर्दलीय उम्मीदवारों समेत कुल 21 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई.
2014 का चुनाव
2014 में AITC और मजबूत हो चुकी थी और पार्टी के उम्मीदवार सुदीप बंदोपाध्याय ने एक बार फिर यहां से जीत दर्ज की. उन्होंने बीजेपी के राहुल (विश्वजीत) सिन्हा को बड़े अंतर से हराया. सुदीप को 343687 वोट मिले तो राहुल सिन्हा को 247461 वोट मिले. 2014 लोकसभा चुनाव में यहां पर 66.68 वोट पड़े वहीं 2009 में 64.2 फीसदी वोट पड़े थे. 2009 में AITC को 35.96 फीसदी सीपीएम को BJP को 25.89 को फीसदी, सीपीएम को 20.51 फीसदी और कांग्रेस को 13.68 फीसदी वोट मिले थे. 2014 के चुनाव में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को 52.5 पर्सेंट, बीजेपी को 40.05 फीसदी और सीपीएम को 4.22 फीसदी वोट मिले.
सामाजिक ताना-बाना
चुनाव आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक कोलकाता उत्तर में 1366647 वोटर हैं. इसमें से 790290 पुरुष हैं और 576357 महिलाएं. 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की आबादी 1778600 है कोलकाता यह पहला संसदीय क्षेत्र जहां की 100 फीसदी आबादी शहरी है. यहां पर अनुसूचित जाति और जनजाति का रेश्यो क्रमश: 4.84 और 0.18 फीसदी का है. कुल आबादी में पुरुषों की संख्या 53 फीसदी और महिलाओं की संख्या 47 फीसदी है.
सीट का इतिहास
कोलकाता उत्तर संसदीय सीट का गठन परिसीमन आयोग के सुझाव के बाद 2008 में किया गया. पहले यह इलाका कोलकाता संसदीय क्षेत्र के तहत ही आता था. इस सीट के बनते ही ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने इस पर कब्जा कर लिया. टीएमसी के उम्मीदवार ने सीपीएम के कद्दावर नेता मोहम्मद सलीम को यहां से पराजित कर दिया. यह शहरी सीट है और यहां शहरी मतदाताओं की संख्या ज्यादा है. यह इलाका पश्चिम बंगाल की आर्थिक गतिविधियों का केंद्र है.
2009 में पहली बार यहां लोकसभा चुनाव हुआ. इस चुनाव में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार सुदीप बंदोपाध्याय ने सीपीएम के कद्दावर नेता मोहम्मद सलीम को पराजित कर दिया. सुदीप बंदोपाध्याय को 460646 वोट मिले तो मोहम्मद सलीम को 351368 वोट मिले थे.
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सना जैदी