गुजरात की बारडोली विधानसभा सीट: किसके सिर बंधेगा जीत का सेहरा...तय करते हैं हलपती मतदाता, जानिए सियासी समीकरण

यह सीट सरदार वल्लभ भाई पटेल की कर्मभूमि रही है. इसके साथ ही ये सीट कांग्रेस का गढ़ रही है. लेकिन साल 2012 और 2017 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने इस सीट पर जीत दर्ज की. ईश्वर भाई परमार(अनिल भाई) मौजूदा विधायक हैं. अब देखना होगा कि इस बार किस पार्टी को बारडोली के मतदाता अपना आशीर्वाद देंगे.

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गुजरात की बारडोली विधानसभा सीट गुजरात की बारडोली विधानसभा सीट

संजय सिंह राठौर

  • सूरत,
  • 07 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 5:07 PM IST

गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक रखी है. सभी दल अपनी रणनीति के तहत सियासी जमीन तैयार करने में जुटे हैं. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि सूरत जिले की बारडोली विधानसभा सीट के बारे में. 

कहा जाता है कि सूरत जिले में राजनीति की रणनीति बारडोली की भूमि से बनती है. बारडोली विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. साल 2017 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो यहां 58.55 फीसदी मतदान हुआ था. बीजेपी के ईश्वर भाई परमार ने कांग्रेस के तरुण कुमार जगुभाई वाघेला को 38 हजार 854 वोटों के अंतर से हराया था. बारडोली विधानसभा क्षेत्र में बारडोली तहसील के 58 गांव और पलसाना तहसील के सभी गांव व चौर्यासी तहसील के 19 गांव आते हैं. 2012 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के ईश्वर भाई परमार ने कांग्रेस के नितिन भाई राणा को 22 हजार 272 वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी. बीजेपी के ईश्वर भाई परमार को 81 हजार 49 वोट मिले थे. जबकि कांग्रेस के नितिन भाई राणा को 58 हजार 777 वोट मिले थे । 

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कांग्रेस के भुला भाई पटेल पहले विधायक
महाराष्ट्र से अलग होकर गुजरात के अस्तित्व में आने के बाद पहली बार बारडोली विधानसभा सीट पर 1962 में चुनाव हुआ था. इस सीट से कांग्रेस के भुला भाई पटेल पहले विधायक बने थे. 1967 से 1972 तक कांग्रेस के भुला भाई विधायक रहे. 1975 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (संगठन) से छोटू भाई चुनाव जीते थे. सन 1980 और 1985 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी. इसके बाद 1990 में जेडी ( जनता दल ) के प्रत्याशी प्रवीण भाई राठौड़ जीते थे. साल 1995 में कांग्रेस ने फिर इस सीट पर कब्जा किया जबकि 1998 में पहली बार बीजेपी ने इस सीट पर जीत पाई और रजनीकांत रजवाजी विधायक बने. इसके बाद 2002 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के अनिल पटेल और 2007 के चुनाव में कांग्रेस के कुंवर जी हलपती ने जीत दर्ज की थी. 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के ईश्वर भाई परमार विधायक बने.

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मतदाताओं का समीकरण और समस्या
बारडोली विधानसभा क्षेत्र में 2022 की मतदाता सूची के अनुसार कुल 2 लाख 63 हजार 925 मतदाता हैं. इसमें 1 लाख 26 हजार 943 महिला मतदाता, 1 लाख 36 हजार 978 पुरुष और 4 अन्य मतदाता हैं. विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा हलपती समाज के 60 हजार मतदाता हैं जोकि कुल मतदाताओं का 25 फीसदी है. कहा जाता है कि हलपती समाज के मतदाता जिसके पक्ष में होते हैं जीत उसी की होती है. यहां पलसाना औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला प्रदूषण लोगों की सबसे बड़ी समस्या है. 

विधायक का परिचय 
नाम: ईश्वर भाई रमण भाई परमार 
जन्म तिथि: 01.03.1971
व्यापारः कार्टिंग & खेती  
संपत्ति: 1 करोड़ 63 लाख 77 हजार 044
ऋण: 18 लाख 15 हजार 541
शिक्षा: 12वीं फेल 
क्रिमिनल केस: 0

 

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