अमनौर विधानसभा क्षेत्र के दलित टोला में ग्रामीणों ने सड़क नहीं बनने को लेकर विरोध जताया. ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव में वोट बहिष्कार का निर्णय लिया है. ग्रामीणों ने कीचड़ भरे रास्ते पर खड़े होकर सरकार विरोधी और वोट बहिष्कार के नारे लगाए. इस बहिष्कार और प्रदर्शन में बड़ी तादाद में ग्रामीण महिलाएं भी शामिल थीं.
ग्रामीणों ने कहा आजादी के 73 साल बीत जाने के बाद भी गांव में एक सड़क नहीं है. जिससे लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी होती है. इसको लेकर कई बार पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय एमएलए से गुहार लगाई गई, लेकिन किसी ने उनकी इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया. कोई सुनवाई नहीं हो रही है.
गांव वालों ने किया चुनाव का बहिष्कार
ग्रामीणों का कहना है कि आज तक कोई जनप्रतिनिधि गांव में नहीं आया है. चुनाव के समय वोट लेने आते हैं और वादा करते हैं, चुनाव जीतने के बाद इस गांव को भूल जाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के पढ़ने के लिए स्कूल तक नहीं है. न ही नल-जल, नाली-गली योजना का लाभ मिला है.
ग्रामीण योगेंद्र दास ने बताया कि हम लोग के गांव में आजादी के बाद से सड़क नहीं बनी है. न ही स्कूल है न ही नल-जल ,नाली-गली की योजनाओं का लाभ मिल रहा है. बहुत परेशानी है. जनप्रतिनिधियों को सिर्फ वोट लेने की चिंता रहती है. हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है. इस बार हम लोगों ने विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं करने का फैसला किया है.
आलोक कुमार जायसवाल