बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के बीच बयानबाजी तेज होती जा रही है. पिछले महीने टीएमसी नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से नंदीग्राम से विधानसभा चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि उन्होंने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की घोषणा की है लेकिन यह नहीं बताया कि वे सिर्फ यहीं से मैदान में उतरेंगी.
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता और पार्टी के बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने आज ट्वीट कर कहा, 'ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है. पर, उन्होंने ये नहीं कहा कि वे सिर्फ यहीं से मैदान में उतरेंगी! यदि उनको अपनी जीत का भरोसा है, तो ये घोषणा भी करें! वरना ये समझा जाएगा कि आपको नंदीग्राम पर भरोसा नहीं!'
इससे पहले अपने एक अन्य ट्वीट में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, 'पश्चिम बंगाल का समीकरण! पीरजादा अब्बास सिद्दीकी टीएमसी का उपमुख्यमंत्री. कांग्रेस और सीपीएम गठबंधन का मुख्यमंत्री अब्दुल मनाद. कोलकाता का मेयर फिरहाद हकीम. किधर जा रहा है बंगाल! बंगाल के लोगों को सोचना होगा.'
पिछले महीने किया था ऐलान
पिछले महीने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ऐलान किया था कि वो इस बार नंदीग्राम से विधानसभा चुनाव लड़ेंगी. इससे पहले ममता भवानीपुर से चुनाव लड़ती आई हैं.
बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होना है और टीएमसी तथा बीजेपी के बीच राजनीतिक जंग जारी है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी ने जनवरी में नंदीग्राम में चुनावी सभा की, यहां उनके निशाने पर भारतीय जनता पार्टी रही.
नंदीग्राम में चुनावी सभा में ममता बनर्जी ने ऐलान करते कहा, 'मैं चाहती हूं इस बार यहां से चुनाव लडूं.' ममता ने मंच पर ही राज्य यूनिट की अध्यक्ष से ये अपील की और तुरंत ही वहां फैसला हो गया. अब टीएमसी छोड़कर बीजेपी में आए शुभेंदु अधिकारी को पार्टी ने ममता के खिलाफ नंदीग्राम से मैदान में उतराने का मन बना लिया है.
इस बीच सूत्र बताते हैं कि बीजेपी नंदीग्राम उम्मीदवार घोषित करने से क्यों डर रही है? या फिर अपना मुख्यमंत्री चेहरा भी बता रही? ममता बनर्जी सभी 294 सीटों के लिए टीएमसी का चेहरा हैं. बीजेपी को पहले घोषणा करनी चाहिए कि वे नंदीग्राम में ममता बनर्जी के खिलाफ किसे मैदान में उतारेगी.
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