दिल्ली में बीजेपी ने 48 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल कर लिया है. जबकि आम आदमी पार्टी सिर्फ 22 सीटों पर सिमट गई है. इस चुनाव में बीजेपी ने 8 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, जबकि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ने 9-9 महिलाओं को टिकट दिया था. बीजेपी की ओर से चुनाव मैदान में उतारी गईं 8 महिला उम्मीदवारों में से 4 ने जीत हासिल की है, जबकि आम आदमी पार्टी की सिर्फ एक महिला उम्मीदवार ही चुनाव जीतने में सफल हो सकी हैं. वो हैं आतिशी. जबकि कांग्रेस अपना खाता खोलने में भी असफल रही. बता दें कि दिल्ली चुनाव में 96 महिला उम्मीदवार थीं, इसमें से सिर्फ 5 ने जीत हासिल की है.
पिछले तीन दशकों में दिल्ली विधानसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगातार कम रहा है. 1993 में सिर्फ तीन महिलाएं विधानसभा के लिए चुनी गई थीं, जो विधानसभा का सिर्फ 4.3 प्रतिशत हिस्सा थीं. दिल्ली विधानसभा में महिलाओं की सबसे अधिक संख्या 1998 में दर्ज की गई थी, जब 9 महिलाएं विधायक बनकर विधानसभा पहुंची थीं. जो कुल सीटों का 12.9 प्रतिशत हिस्सा थीं. हालांकि बाद के वर्षों में इस संख्या में उतार-चढ़ाव आया.
2003 में 7 महिलाएं विधानसभा के लिए चुनी गईं, लेकिन 2008 और 2013 में यह संख्या तेज़ी से गिरकर सिर्फ़ तीन रह गई. वहीं, 2015 के चुनाव में 6 महिलाएं जीतकर विधानसभा पहुंची थीं. इसके बाद 2020 में हुए चुनाव में 8 महिलाओं ने जीत हासिल की थी.
हालांकि 2025 में यह आंकड़ा फिर से घट गया. इस चुनाव में सिर्फ 5 महिलाएं चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची हैं. जो कुल सीटों का 7.1 प्रतिशत है. राष्ट्रीय राजधानी में तीन महिला मुख्यमंत्री रही हैं, 1998 में भाजपा की दिवंगत नेता सुषमा स्वराज, 1998 से 2013 तक कांग्रेस की दिवंगत नेता शीला दीक्षित सीएम रहीं. जबकि आम आदमी पार्टी से वर्तमान में आतिशी सीएम हैं. जिस दिल्ली में तीन महिला सीएम रहीं, उस राज्य की विधानसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत कम है.
अंकिता तिवारी