नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में प्रश्नपत्र लीक का दावा करने वाली रिपोर्ट्स पूरी तरह से निराधार हैं. इस बात पर जोर देते हुए कि प्रत्येक प्रश्न पत्र का हिसाब लिया गया है, NTA ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्न पत्र की कथित कॉपियों का वास्तविक पेपर से कोई संबंध नहीं है. परीक्षा एजेंसी ने बयान जारी करते हुए कहा, “एनटीए के सुरक्षा प्रोटोकॉल और मानक संचालन प्रक्रियाओं से यह पता चला है कि किसी भी पेपर लीक की ओर इशारा करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट पूरी तरह से निराधार हैं."
एनटीए की वरिष्ठ निदेशक साधना पाराशर ने कहा, "अफवाहों पर विराम लगाने के लिए प्रत्येक प्रश्न पत्र का हिसाब-किताब रखा गया है. परीक्षा शुरू होने के बाद कोई भी बाहरी व्यक्ति या एजेंसी केंद्रों तक नहीं पहुंच सकता है. एग्जाम सेंटर्स के गेट बंद होने के बाद, बाहर से किसी को भी हॉल के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं है. इसकी पूरी तरह के सीसीटीवी निगरानी होती है. सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्न पत्रों की अन्य सभी तस्वीरों का वास्तविक परीक्षा प्रश्न पत्र से कोई संबंध नहीं है."
बता दें कि NTA ने रविवार को देश भर के 557 और 14 विदेशी शहरों में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2024 का आयोजन किया था. हालांकि, NEET का प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका जताई जा रही थी. इस संबंध में इनपुट मिलने के बाद पटना पुलिस ने रविवार रात कई जगहों पर छापेमारी की. पटना एसएसपी राजीव मिश्रा ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि NEET UG परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में गोपनीय सूचना के आधार पर एक FIR दर्ज की गई है.
राजस्थान के सेंटर पर गलत पेपर बांटे गए
एनटीए ने रविवार को दावा किया था कि राजस्थान के एक परीक्षा केंद्र पर गलत प्रश्नपत्र वितरित किए जाने के कारण कुछ अभ्यर्थी पेपर लेकर बाहर चले गए. एजेंसी ने प्रश्नपत्र के लीक होने की बात से इनकार किया था. एनटीए ने रविवार को ही पेपर लीक की खबरों का जोरदार खंडन किया था. साथ ही बताया था कि राजस्थान के सवाई माधोपुर के एक परीक्षा केंद्र पर हिंदी माध्यम के छात्रों को गलती से अंग्रेजी में पेपर दे दिए गए. और पर्यवेक्षक जब तक गलती सुधारते, छात्र जबरदस्ती प्रश्न पत्र लेकर परीक्षा हॉल से बाहर चले गए. बाद में केंद्र में 120 प्रभावित उम्मीदवारों के लिए परीक्षा दोबारा आयोजित की गई.
इस परीक्षा के लिए 23 लाख छात्रों ने कराया था रजिस्ट्रेशन
इस साल NEET UG के लिए रिकॉर्ड 23 लाख अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें 10 लाख से अधिक लड़के, 13 लाख से अधिक लड़कियां और 24 छात्र 'थर्ड जेंडर' के तहत पंजीकृत थे. अगर राज्यवार बात करें तो उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक 3,39,125 छात्रों ने पंजीकरण कराया था, इसके बाद महाराष्ट्र से 279904 छात्र थे. राजस्थान से 1,96,139 छात्रों ने नीट यूजी 2024 के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था. दक्षिणी राज्यों की बात करें तो तमिलनाडु से 155216 आवेदकों ने पंजीकरण कराया था, जबकि कर्नाटक से 154210 आवेदक पंजीकृत हुए थे.
दिल्ली में 3 लोग गिरफ्तार
वहीं दिल्ली पुलिस ने तीन ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है, जो किसी और अभ्यर्थी की जगह बैठकर परीक्षा दे रहे थे. पुलिस के मुताबिक रविवार को दक्षिण जिला क्षेत्र के कुछ स्कूलों में NEET-UG परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें दो स्कूलों की शिकायतें थीं. सर्वोदय (सह-शिक्षा) एमएमटीसी/एसटीसी, बेगमपुर, नई दिल्ली और माउंट कोलंबस स्कूल, दक्षिण पुरी, दिल्ली में परीक्षा में शामिल फर्जी अभ्यर्थियों के संबंध में क्रमश: पीएस मालवीय नगर और अंबेडकर नगर में सूचनाएं प्राप्त हुईं. इसके बाद मालवीय नगर थाना पुलिस ने अभिषेक, उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम बिराई, थाना खेरापा, तह भोपालगढ़, जिला जोधपुर, राजस्थान को एक अभ्यर्थी की ओर से एग्जाम में बैठने के लिए गिरफ्तार किया.
वहीं थाना अम्बेडकर नगर पुलिस ने दो व्यक्ति गजराज सिंह निवासी ग्राम बिधाड़ी गुजरान, तह. बसुआ, थाना दौसा, राजस्थान, उम्र 21 वर्ष और राकेश उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम उंडू, तह. शिव, जिला. बाड़मेर, राजस्थान को दो अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा देते हुए पाया गया। इन सभी के खिलाफ पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज करते हुए कार्रवाई की है.
मिलन शर्मा