Advertisement

एजुकेशन

लड़ाई छोड़ ईरान भाग गया था हुमायूं, इसके मकबरे को देख बना था ताजमहल

aajtak.in
  • 30 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 2:24 PM IST
  • 1/12

हाल ही में शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने दिल्ली में स्थित हुमायूं के मकबरे को तोड़कर कब्रिस्तान बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. उन्होंने दिल्ली के मुसलमानों को कब्रिस्तान के लिए जगह देने की मांग की है, क्योंकि उनके पास दफनाने को जमीन नहीं बची है. आइए जानते हैं हुमायूं के मकबरे का इतिहास और हुमायूं से जुड़ी दिलचस्प बातें...

  • 2/12

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में वक्फ बोर्ड ने कहा है कि 35 एकड़ में फैला हुमायूं का मकबरा कब्रिस्तान के काम आ सकता है, क्योंकि हुमायूं न तो इस्लामिक प्रचारक था और न ही कोई धर्मगुरु, बल्कि उसने हिंदुस्तान को लूटा था.

  • 3/12

हुमायूं के मकबरे का निर्माण 1565 (AD) करवाया गया था. इसका निर्माण बाबर के बड़े बेटे हुमायूं की मौत के बाद उनकी बड़ी बेड़ी बेगम बेगा बेगम ने करवाया था. यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर का दर्जा दिया है.

Advertisement
  • 4/12

हुमायूं की मौत 1556 में हुई और हाजी बेगम के नाम से जानी जाने वाली उनकी विधवा, हमीदा बानू बेगम ने मृत्‍यु के 9 साल बाद इस मकबरे का निर्माण शुरू करवाया जो 1572 में पूरा हुआ. हुमायूं ने फारसी स्थापत्य कला के सिद्धांतो का ज्ञान प्राप्त किया था और शायद स्वयं ही इस मकबरे की योजना बनाई थी.

  • 5/12

इस मकबरे का निर्माण 15 लाख रूपए (1.5 मिलियन) की लागत से हुआ था. एक फारसी वास्‍तुकार, मिराक मिर्जा गियासबेग को इस मकबरे के लिए हाजी बेगम ने नियुक्त किया था.

  • 6/12

यह मकबरा एक वर्गाकार उद्यान के केंद्र में है और चार बाग मुख्य भागों में विभाजित है, जिसके केंद्र में छोटे तालाब भी हैं. लाल बलुआ पत्थर से बना हुआ है और इस मकबरे की खांचेदार कोनों वाली दो मंजिला संरचना, 7 मीटर ऊंचे वर्गाकार चबूतरे पर खड़ी है.

Advertisement
  • 7/12

कब्र इस परिसर के बीच में है. मुगल वंश के अनेक शासक यहां दफन हैं. आखिरी मुगल शासक, बहादुरशाह जफर ने अपने तीन शहजादों के साथ प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857 ई.) के दौरान इस मकबरे में शरण ली थी. यह मकबरा फारसी वास्‍तु कला औऱ भारतीय परंपराओं का मिश्रण है.

  • 8/12

सिकंदर लोदी (1489-1517 ई.) का मकबरा भारत में बनने वाला पहला उद्यान-मकबरा था, लेकिन हुमायूं के मकबरे ने ही एक नई परंपरा की शुरुआत की और उसका उदाहरण है आगरा का ताजमहल. ताजमहल इस मकबरे की तर्ज पर ही बनवाया गया था.

  • 9/12

मुगल वंश के अनेक शासक यहां दफन हैं. आखिरी मुगल शासक, बहादुरशाह जफर ने अपने तीन शहजादों के साथ प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857 ई.) के दौरान इस मकबरे में शरण ली थी.

Advertisement
  • 10/12

हुमायूं ने बाबर के बाद भारत की राजगद्दी संभाली थी और उनके भाई ने काबुल और लाहौर का शासन लिया था. हुमायूं का शासन भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में था.

  • 11/12

चौसा का युद्ध भारतीय इतिहास में लड़े गये महत्त्वपूर्ण युद्धों में से एक है, जो 26 जून, 1539 ई. को हुमायूं और शेरशाह के बीच 'चौसा' जगह पर लड़ा गया था. चौसा के युद्ध में हुमायूं ने कुछ गलतियां की और हार गया. हुमायूं युद्ध क्षेत्र से भाग निकला. बताया जाता है कि वो इरान भाग गया था और बाद में हुमायूं ने वापस शासन हासिल भी किया था.

  • 12/12

हुमायूं ने चार बड़े युद्ध लड़े थे, जिसमें देवरा का युद्ध (1531), चौसा का युद्ध (1539), बिलग्राम (1540) और सरहिंद का युद्ध (1555) में लड़ा गया था.

Advertisement

लेटेस्ट फोटो

Advertisement