मेडिकल काउंसिल के LOGO में भगवान धन्वंतरि की फोटो जुड़ी, इंडिया हुआ भारत!

मेडिकल काउंसिल के लोगो में भगवान धन्वंतरि की फोटो जोड़ने पर सवाल उठ रहे हैं. हाल ही में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग यानी एनएमसी (NMC) के आधिकारिक लोगो में दो बदलाव किए गए हैं.

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(फोटो: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की वेबसाइट) (फोटो: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की वेबसाइट)

मिलन शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 12 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 2:07 PM IST

नेशनल मेडिकल काउंसिल के हालिया दो बड़े बदलाव काफी चर्चा में हैं. इनमें से लोगो में भगवान धन्वंतरि की फोटो जोड़ने पर सवाल उठ रहे हैं. हाल ही में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग यानी एनएमसी (NMC) के आधिकारिक लोगो में दो बदलाव किए गए हैं.

1. पहले बदलाव में 'इंडिया' की जगह 'भारत' लिखा गया है.
2. वहीं दूसरे बदलाव में आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि की रंगीन फोटो जोड़ी गई है.   

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हालांकि लोगों पर हो रहे विवाद पर आयोग का कहना है कि भगवान धन्वंतरि पिछले वर्ष से इसका हिस्सा रहे हैं. लेकिन अब उनकी फोटो को ब्लैक एंड व्हाइट की जगह रंगीन कर दिया गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने संसद में कहा कि भगवन धन्वतरि भारत के लिए चिकित्सा क्षेत्र में प्रतिक हैं और एन एम सी के लोगो में सिर्फ तस्वीर को रंगीन किया गया है. भगवान धन्वंतरि की तस्वीर होना भारत के लिए न सिर्फ गौरव की बात है बल्कि देश को अपनी विरासत और संस्कृति पर गर्व करना चाहिए.


कौन हैं धन्वंतरि भगवान
श्री धन्वन्तरि हिन्दू मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु के अवतार हैं. इनका पृथ्वी लोक में अवतरण समुद्र मन्थन के समय हुआ था. त्रयोदशी को श्री धन्वन्तरि का सागर से प्रादुर्भाव हुआ था. इसलिए दीपावली के दो दिन पूर्व धनतेरस को भगवान धन्वन्तरि का अवतरण दिवस मनाया जाता है. इसी दिन उन्होंने आयुर्वेद का भी प्रादुर्भाव किया था.
उन्‍हें भगवान विष्णु का रूप कहते हैं जिनकी चार भुजायें हैं. उपर की दोंनों भुजाओं में शंख और चक्र धारण किये हुये हैं. जबकि दो अन्य भुजाओं मे से एक में जलूका और औषध तथा दूसरे मे अमृत कलश लिये हुये हैं. उन्‍हें आयुर्वेद की चिकित्सा करनें वाले वैद्य आरोग्य का देवता भी कहते हैं. उन्होंने ही अमृतमय औषधियों की खोज की थी. इनकी पूजा करने से रोगों से मुक्ति मिलती है व आरोग्यता की प्राप्ति होती है.
अमृत काल के संकल्प
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अमृत काल में भारत को विकसित देश बनाने का न सिर्फ प्रण लिया है बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत में  "गौरव" और "गुलामी" के अर्थ को परिभाषित किया है.  इन्ही बिन्दुओ को ध्यान में रखकर नये संसद भवन का निर्माण किया गया है. भारतीय नौसेना के ध्‍वज में छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रतीक चिह्न को लिया गया है. कर्तव्‍य पथ का निर्माण व सुभाषचन्‍द्र बोस की प्रतिमा का अनावरण जैसे कई औपनिवेशिकता के प्रतीकों से मुक्‍ति को दर्शाता है.

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देश अपनी सशक्‍त तस्‍वीर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसी क्रम में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के लोगो में आजादी के पूर्व यूनान के देवता की फोटो को बदलकर भारत में स्‍वास्‍थ्‍य के देवता श्री धन्‍वंतरि भगवान की तस्‍वीर लगाई गई है. यह हमारी विरासत और संस्‍कृति के लिए गौरव की बात है. श्री धन्‍वन्‍तरि भगवान स्‍वास्‍थ्‍य के देवता के साथ आस्था के प्रतीक हैं. श्री धन्वंतरि भगवान के हमारे देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी कई मंदिर हैं.

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