बारहवीं बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन एक दर्दनाक हादसे ने पूरे डोंबिवली और आसपास के इलाके को झकझोर कर रख दिया. परीक्षा देने जा रहे 18 वर्षीय छात्र सोहम कटरे की चलती लोकल ट्रेन से गिरकर मौत हो गई. यह हादसा मंगलवार सुबह कलवा–मुंब्रा रेलवे स्टेशन के बीच हुआ.
दरवाज़े पर खड़े होने से बिगड़ा संतुलन बिगड़ गया
मिली जानकारी के अनुसार, डोंबिवली निवासी सोहम कटरे आज सुबह बारहवीं के पहले पेपर के लिए कलवा स्थित एक महाविद्यालय के परीक्षा केंद्र जा रहा था. वह मुंबई सीएसएमटी की ओर जाने वाली उपनगरीय लोकल ट्रेन में सवार था. रोज़ की तरह सुबह के समय ट्रेन में अत्यधिक भीड़ थी. इसी भीड़ के कारण दरवाज़े पर खड़े सोहम का संतुलन बिगड़ गया और वह खारेगांव फाटक से पहले रेलवे ट्रैक पर गिर पड़ा. इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल सोहम को तत्काल ठाणे के सिविल अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, सुबह करीब 10:30 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. रेलवे पुलिस ने मौत की पुष्टि की है और मामले की जांच जारी है.
परिवार पर टूट पड़ा दुखों का पहाड़
सोहम डोंबिवली में अपने माता-पिता के साथ रहता था. वह कलवा स्थित एक हाई स्कूल में 12वीं साइंस का छात्र था. बेटे की असामयिक मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है. गौरतलब है कि मंगलवार से दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षाएं शुरू हुई हैं. सुबह के समय ऑफिस जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ के कारण लोकल ट्रेनों में अत्यधिक दबाव रहता है. वहीं, बोर्ड परीक्षाओं के दौरान छात्रों के परीक्षा केंद्र अलग-अलग स्थानों पर होने से विद्यार्थियों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ती है. इस घटना के बाद एक बार फिर मुंबई उपनगरीय रेल मार्ग पर यात्रियों, खासकर छात्रों की सुरक्षा का मुद्दा चर्चा में आ गया है.
प्रशासन को करनी चाहिए सुरक्षित व्यवस्था
मृतक छात्र के भाई प्रमोद कटरे ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, सोहम मेरे मामा का बेटा था. आज सुबह उसका बेहद दुखद निधन हो गया. मैं सरकार से हाथ जोड़कर एक ही विनती करता हूं कि सुबह के समय लोकल ट्रेनों में बहुत ज्यादा भीड़ होती है. आज दसवीं-बारहवीं की परीक्षा का पहला दिन था. बोर्ड परीक्षा के दौरान छात्रों के परीक्षा केंद्र अलग-अलग जगह होते हैं. ऐसे में प्रशासन को छात्रों के लिए अलग और सुरक्षित व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे न हों. ऑफिस समय की भीड़ में छोटे बच्चों को कैसे यात्रा करनी चाहिए? हमारे रिश्तेदारों और दोस्तों में भी इस इलाके में पहले कई हादसे हो चुके हैं. खासकर यहां रेलवे क्रॉसिंग होने के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं. प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए.
परिवार के साथ-साथ सोहम के स्कूल प्रशासन ने भी रेलवे प्रशासन से छात्रों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है. स्कूल प्रशासन द्वारा रेलवे अधिकारियों से मुलाकात कर छात्रों की सुरक्षित यात्रा के लिए उपाययोजनाओं को लेकर ज्ञापन देने की तैयारी की जा रही है.
मिथिलेश गुप्ता