ईरान-वेनेजुएला संकट: वहां कितने भारतीय हैं और क्या है सरकार की ताजा एडवाइजरी

विदेश मंत्रालय (MEA) ने ईरान और वेनेजुएला दोनों देशों के लिए अलग-अलग ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है.

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भारत सरकार दोनों देशों में हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है (Photo:AP and ITG) भारत सरकार दोनों देशों में हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है (Photo:AP and ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:37 PM IST

पश्चिम एशिया में ईरान और दक्षिण अमेरिका में वेनेजुएला दोनों देशों में जारी गंभीर राजनीतिक और सामाजिक संकट के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने ताजा हालात को देखते हुए दोनों देशों के लिए अलग-अलग ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है और भारतीयों से गैर-जरूरी यात्रा टालने व सतर्क रहने की अपील की है.

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ईरान में हालात क्यों बिगड़े?

ईरान में 28 दिसंबर 2025 विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था. इसकी शुरुआत तेहरान के ग्रैंड बाजार में दुकानदारों की हड़ताल से हुई थी. रियाल (ईरान की करेंसी) की तेज गिरावट, 40–50 प्रतिशत तक पहुंची महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों में उछाल ने आम लोगों को सड़कों पर ला दिया.

कुछ ही दिनों में यह आंदोलन आर्थिक मुद्दों से आगे बढ़कर राजनीतिक मांगों में बदल गया. कई शहरों में इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ नारे लगे और सत्ता परिवर्तन तक की मांगें उठीं. अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये प्रदर्शन ईरान के 31 में से 22 प्रांतों और दर्जनों शहरों तक फैल चुके हैं. छोटे और मध्यम शहरों में तनाव ज्यादा बताया जा रहा है.

सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 20–35 से ज्यादा लोगों की मौत की खबरें हैं, जबकि सैकड़ों गिरफ्तारियां हुई हैं। सरकार ने कुछ इलाकों में छुट्टियां घोषित की हैं और बातचीत की पेशकश भी की है, लेकिन सख्ती जारी है.

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ईरान में कितने भारतीय रहते हैं?

MEA के पुराने आंकड़ों के अनुसार ईरान में पहले करीब 4,000–4,190 भारतीय (NRIs और PIOs मिलाकर) रहते थे. हालांकि 2025 की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह संख्या बढ़कर लगभग 10,765 हो गई है.

इनमें ज्यादातर व्यापारी, शिक्षाविद् और प्रोफेशनल्स हैं, जो मुख्य रूप से तेहरान और जाहेदान में रहते हैं .MEA की जनवरी 2026 की ताजe एडवाइजरी में भारतीयों से कहा गया है कि वे गैर-जरूरी यात्रा से पूरी तरह बचें, प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहें, भारतीय दूतावास में अपना पंजीकरण कराएं और दूतावास की वेबसाइट व सोशल मीडिया अपडेट्स पर नजर रखें.

सरकार की ताजा ट्रैवल एडवाइजरी

MEA के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार वेनेजुएला में भारतीय समुदाय बहुत छोटा है. यहां लगभग 50 NRIs और 30 PIOs, यानी  करीब 80 भारतीय रहते हैं. यह समुदाय मुख्य रूप से काराकास में केंद्रित है और ज्यादातर लोग व्यापार व तेल-गैस सेक्टर से जुड़े हैं.

ईरान: गैर-जरूरी यात्रा से पूरी तरह बचें, प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहें, भारतीय दूतावास से संपर्क बनाए रखें और स्थिति पर नजर रखें.

वेनेजुएला: राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए गैर-जरूरी यात्रा टालें, वहां मौजूद भारतीय अत्यधिक सावधानी बरतें, आवाजाही सीमित रखें और काराकास स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें.

भारत सरकार दोनों देशों में हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि जरूरत पड़ने पर और निर्देश जारी किए जाएंगे. भारतीय नागरिकों से अपील है कि वे स्थानीय खबरों पर ध्यान दें और दूतावासों के संपर्क में बने रहें. ईरान और वेनेजुएला में जारी संकट के बीच भारत की यह सख्त एडवाइजरी अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है.

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