भारत में IAS की नौकरी लोगों को काफी प्रभावित करती है और भारत में बड़े वर्ग का सपना आईएएस अधिकारी बनना होता है. पैसे के साथ पावर मिलने की वजह से लोगों में आईएएस का क्रेज ज्यादा है. लेकिन, कुछ लोग इंवेस्टमेंट बैंकर की नौकरी को ज्यादा बेहतर मानते हैं और उसकी वजह है सैलरी. इंवेस्टमेंट बैंकर की सैलरी काफी ज्यादा होती है, जिस वजह से अब लोगों का इधर रुझान बढ़ने लगा है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर इंवेस्टमेंट बैंकर होते कौन हैं, उनकी सैलरी कितनी होती है और अगर कोई बनना चाहे तो कैसे बन सकता है...
कौन होते हैं इंवेस्टमेंट बैंकर?
इंवेस्टमेंट बैंकर फाइनेंस से जुड़ी नौकरी है, जिसका नाम बड़ी कंपनियों के लिए पैसा जुटाना है. ये लोग ही कंपनी में आईपीओ, बॉन्ड, शेयर से जुड़े काम करते हैं. इसके अलावा अगर कोई कंपनी, किसी दूसरी कंपनी को खरीदना चाहती है या कोई बड़ी डील करना चाहती है तो इसका प्लान भी इंवेस्टमेंट बैंकर ही करते हैं. ये सरकार या कॉरपोरेट को फाइनेंशियल स्ट्रैटेजी देते हैं. जब भी कंपनी अरबों-खरबों की डील करती है तो इसका स्ट्रक्चर फाइनल ये ही लोग करते हैं. जैसे मान लीजिए कोई अरबपति शख्स किसी विदेशी कंपनी खरीदना चाहता है तो Investment Banker पूरी डील डिजाइन करता है.
कितनी होती है सैलरी?
अगर सैलरी की बात करें तो इन पद पर काम करने वाले जूनियर लोगों की सैलरी भी एक-डेढ़ लाख से शुरू होती है. जब ये सीनियर हो जाते हैं तो सैलरी करोड़ों में होती है और कई बैंकर्स की सैलरी 10 करोड़ से भी हो सकती है. इतना ही नहीं, इनकी सैलरी में बोनस भी काफी अहम होता है और अलग अलग डील के आधार पर बोनस भी मिलता है. कई बार ये बोनस सैलरी से ज्यादा भी हो जाता है.
कैसे बन सकते हैं?
अब बात करते हैं कि अगर कोई इंवेस्टमेंट बैंकर बनना चाहे तो क्या करना होगा. इसका रास्ता ये है कि इसके लिए बिजनेस की पढ़ाई करनी होती है, जिसमें B.Com, MBA, Economics आदि शामिल है. जो लोग IIM जैसे बड़े कॉलेजों में एडमिशन लेते हैं, उनके लिए बैंकर बनने की राह आसान होती है. जो लोग सीए बनने के बाद इसकी तैयारी करते हैं तो उन्हें जल्दी सफलता मिलती है. इसमें Financial Modeling, वैल्युएशन, मार्केट एनालिसिस आदि की अच्छी जानकारी होनी चाहिए.
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