जब अचानक रुक गया प्रथम विश्व युद्ध, सैनिकों ने एक साथ मनाया था क्रिसमस, नहीं चली एक भी गोली

आज पूरी दुनिया में धूमधाम से क्रिसमस मनाया जा रहा है. इतिहास में ऐसा भी मौका आया जब इस दौरान पूरी दुनिया युद्ध की विभिषिका झेल रही थी. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भी क्रिसमस के दिन अचानक लड़ाईयां रुक गई थी और दोनों तरफ के सैनिकों ने मिलकर इसे सेलिब्रेट किया.

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प्रथम विश्वयुद्ध में क्रिसमस पर युद्ध विराम (Getty) प्रथम विश्वयुद्ध में क्रिसमस पर युद्ध विराम (Getty)

सिद्धार्थ भदौरिया

  • नई दिल्ली,
  • 25 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:02 AM IST

1914 में क्रिसमस के दिन ब्रिटिश और जर्मन सेनाओं के बीच गाना-बजाना और फुटबॉल का खेल हुआ था. यह इतिहास का एक अदभुत क्षण था. इसे क्रिसमस युद्धविराम संधि भी कहा जाता है.  यह महान युद्ध के सबसे चर्चित और अजीब क्षणों में से एक है.

25 दिसंबर 1914 को क्रिसमस की सुबह प्रथम विश्व युद्ध में शामिल अधिकांश जर्मन सैनिकों ने अपनी बंदूकें और तोप चलाना बंद कर दिया था. अचानक वे लोग क्रिसमस कैरोल गाने लगे. पूर्वी और पश्चिमी मोर्चों पर कुछ स्थानों पर, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन के सैनिकों ने जर्मनों के साथ मिलकर उनके हर्षोल्लासपूर्ण गायन में ब्रास बैंड को भी शामिल होते सुना.

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सबह की पहली किरण के साथ क्रिसमस पर हो गया युद्ध विराम
सुबह की पहली किरण के साथ, कई जर्मन सैनिक अपनी खाइयों से बाहर निकले और नो-मैन्स-लैंड के पार मित्र देशों की सीमा पर पहुंचे और अपने दुश्मनों की मातृभाषा में "मेरी क्रिसमस" का नारा लगाया. पहले तो मित्र देशों के सैनिकों को लगा कि यह एक चाल है, लेकिन जर्मनों को निहत्था देखकर वे भी अपनी खाइयों से बाहर निकले और दुश्मन सैनिकों से हाथ मिलाया.

सैनिकों ने सिगरेट और प्लम पुडिंग के उपहारों का आदान-प्रदान किया और कैरोल और गाने गाए. यहां तक ​​कि विरोधी पक्षों के सैनिकों द्वारा फुटबॉल मैच भी खेला गया.  1914 का तथाकथित क्रिसमस युद्धविराम यूरोप में युद्ध छिड़ने के पांच महीने बाद ही हुआ था और यह युद्ध में दुश्मनों के बीच वीरता की पुरानी धारणा के अंतिम उदाहरणों में से एक था.

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कई सैनिकों की डायरी में इस घटना का मिलता है उल्लेख 
क्रिसमस युद्धविराम का वर्णन उस समय की अनेक डायरियों और पत्रों में मिलता है. जे. रीडिंग नामक एक ब्रिटिश सैनिक ने अपनी पत्नी को एक पत्र लिखा जिसमें उसने 1914 में अपने अवकाश के अनुभव का वर्णन किया है. वो लिखते हैं - क्रिसमस की पूर्व संध्या पर मेरी कंपनी फायरिंग लाइन में थी, और मेरी बारी थी... एक खंडहर में जाने की और क्रिसमस की सुबह 6:30 बजे तक वहीं रहने की.

क्रिसमस के दिन नहीं चली थी एक भी गोली
सुबह के शुरुआती हिस्से में जर्मनों ने गाना और चिल्लाना शुरू कर दिया, सभी अच्छी अंग्रेजी में गा रहे थे. उन्होंने चिल्लाकर कहा कि क्या आप राइफल ब्रिगेड हैं. क्या आपके पास एक अतिरिक्त बोतल है. अगर है तो हम आधे रास्ते आएंगे और आप दूसरी तरफ आधे रास्ते आएं. रीडिंग ने बताया कि बाद में वे हमारी ओर आए और हमारे साथी उनसे मिलने गए. मैंने उनमें से कुछ से हाथ मिलाया और उन्होंने हमें सिगरेट और सिगार दिए. हमने उस दिन गोली नहीं चलाई और सब कुछ इतना शांत था कि ऐसा लग रहा था जैसे कोई सपना हो.

जर्मन सैनिकों ने क्रिसमस ट्री पर जलाई मोमबत्ती
जॉन फर्ग्यूसन नामक एक अन्य ब्रिटिश सैनिक अपनी डायरी में उल्लेख किया है कि  यहां हम उन लोगों के साथ हंस रहे थे और बातें कर रहे थे जिन्हें कुछ ही घंटे पहले हम मारने की कोशिश कर रहे थे. अन्य डायरियों और पत्रों में जर्मन सैनिकों द्वारा अपनी खाइयों के चारों ओर क्रिसमस ट्री जलाने के लिए मोमबत्तियों का उपयोग करने का वर्णन है. एक जर्मन पैदल सैनिक ने बताया है कि कैसे एक ब्रिटिश सैनिक ने एक अस्थायी नाई की दुकान खोली, जिसमें जर्मनों से बाल कटवाने के लिए कुछ सिगरेट ली गईं.

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सैनिक फुटबॉल का खेल खेलते हैं 
एर्नी विलियम्स नामक एक ब्रिटिश फाइटर ने बाद में एक साक्षात्कार में बर्फीले मैदान पर कुछ अस्थायी फुटबॉल खेल के बारे में अपनी यादों का वर्णन किया है. गेंद कहीं से आई, मुझे नहीं पता कि कहां से... उन्होंने कुछ गोल बनाए और एक साथी गोल करने गया और फिर यह सिर्फ एक सामान्य किक-अबाउट था. मुझे लगता है कि इसमें लगभग दो सौ लोग हिस्सा ले रहे थे.

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प्रमुख घटनाएं 

25 दिसंबर 1991 - राष्ट्रपति मिखाइल एस. गोर्बाचोव के त्यागपत्र के साथ ही सोवियत संघ का विभाजन एवं उसका अस्तित्व समाप्त हो गया.

25 दिसंबर 1977 - हॉलीवुड के प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता चार्ली चैपलिन का निधन.

25 दिसंबर 1974 - रोम जा रहे एयर इंडिया के विमान बोइंग 747 का अपहरण.

25 दिसंबर 1892 - स्वामी विवेकानंद कन्याकुमारी में समुद्र के मध्य स्थित चट्टान पर तीन दिन तक साधना की.

25 दिसंबर 1771 - मुग़ल शासक शाह आलम द्वितीय मराठाओं के संरक्षण में दिल्ली के सिंहासन पर बैठे.

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