डायमंड लैंड... जहां की धरती से भर-भरकर निकलते हैं हीरे, जिसके सामने 'कोहिनूर' भी हल्का

अफ्रीका में एक देश है जहां की धरती हीरे उगलती है. यह देश रूस में अपना दूतावास खोलने जा रहा है. इस देश में पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा हीरा निकलता है. इस देश का अकेले पूरी दुनिया के कुल हीरा उत्पादन में 20 प्रतिशत योगदान है. ऐसे में जानते हैं इस डायमंड लैंड और इसके हीरे की कहानी क्या है?

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ये देश है दुनिया का सबसे बड़ा हीरा उत्पादक (Photo - Pexels) ये देश है दुनिया का सबसे बड़ा हीरा उत्पादक (Photo - Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:29 AM IST

पश्चिम के साथ चल रहे व्यापक टकराव के बीच रूस अफ्रीका में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. इसी कड़ी में अब दुनिया का सबसे बड़ा हीरा उत्पादक देश के साथ रूस ने हाथ मिलाया है. इस देश की धरती के नीचे हीरे भरे पड़े हैं. इसने रूस को  वहां के हीरा उत्पादन में निवेश करने का आग्रह किया है.

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यहां बाद हो रही है अफ्रीका के बोत्सवाना की, जिसे डायमंड लैंड कहा जाता है. बोत्सवाना रूस में अपना दूतावास खोलने जा रहा है.न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने रविवार को बोत्सवाना के विदेश मंत्री फेन्यो बुटाले के हवाले से बताया कि बोत्सवाना जल्द ही मॉस्को में एक दूतावास खोलने जा रहा है.उसने रूसी निवेशकों को दुर्लभ धातुओं और हीरों के क्षेत्र में सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया है. 

बोत्सवाना के फेन्यो बुटाले ने तास को बताया कि हम मानते हैं कि इसकी राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता को देखते हुए बोत्सवाना निवेश के लिए सबसे अच्छी जगह है. इसलिए, हम रूसी निवेशकों को बोत्सवाना आने के लिए प्रोत्साहित करते हैं.

बोत्सवाना के खदानों से निकले हैं दुनिया के सबसे बड़े-बड़े हीरे
हीरे आमतौर पर बोत्सवाना के राष्ट्रीय राजस्व का लगभग एक तिहाई और विदेशी मुद्रा प्राप्तियों का तीन चौथाई हिस्सा प्रदान करते हैं. बोत्सवाना के खदानों से एक से बढ़कर एक हीरे निकले हैं. दुनिया के सबसे बड़े हीरे भी यहीं से निकले हैं. यहां से निकले हीरे कई राजा-महाराजाओं के क्राउन की शोभा बढ़ाते रहे हैं. 

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बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक  दूसरा सबसे बड़ा हीरा 2024 में बोत्सवाना के खदानों से ही निकला था. एक 2,492 कैरेट का कच्चा हीरा - बोत्सवाना में कनाडाई कंपनी लुकारा डायमंड के स्वामित्व वाली एक खदान से निकला था. यह 1905 में दक्षिण अफ्रीका में पाए गए 3,106 कैरेट के कलिनन हीरे के बाद की सबसे बड़ी खोज थी. जिसे नौ अलग-अलग पत्थरों में काटा गया था. इनमें से कई ब्रिटिश क्राउन ज्वेल्स में हैं.

दूसरा सबसे बड़ा हीरा बोत्सवाना की राजधानी गैबोरोन से लगभग 500 किलोमीटर (300 मील) उत्तर में स्थित कारोवे खदान में पाया गया था.बोत्सवाना में इससे पहले सबसे बड़ी खोज 2019 में इसी खदान में हुई थी. जब 1,758 कैरेट का हीरा मिला था. 

अरबों रुपये होती है एक हीरे की कीमत
इस हीरे की कीमत करीब 40 मिलियन डॉलर यानी 3.6 अरब रुपये थी.  ब्रिटेन स्थित अखबार फाइनेंशियल टाइम्स ने बताया कि 2019 में मिले 1,758 कैरेट के इस  हीरे को फ्रांसीसी फैशन ब्रांड लुई वुइटन ने एक अज्ञात राशि में खरीदा था.2016 में उसी खदान में मिले 1,109 कैरेट के हीरे को 2017 में लंदन के जौहरी लॉरेंस ग्राफ, जो ग्राफ डायमंड्स के अध्यक्ष हैं, ने 63 मिलियन डॉलर में खरीदा था.

कनाडाई कंपनी लुकारा की मेगा डायमंड रिकवरी ने एक्स-रे तकनीक का उपयोग करके हीरे का पता लगाया गया था. इसका इस्तेमाल 2017 से उच्च मूल्य वाले हीरों की पहचान करने और उन्हें संरक्षित करने के लिए किया जाता रहा है ताकि अयस्क-कुचलने की प्रक्रियाओं के दौरान वे टूट न जाएं.

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यहां पहली बार 1967 में मिला था हीरा
बोत्सवाना दुनिया के सबसे बड़े हीरा उत्पादकों में से एक है, जो वैश्विक उत्पादन का लगभग 20% हिस्से पर हक रखता है. जब 1967 में बोत्सवाना में हीरे का पहला विशाल भंडार खोजा गया, तब यह देश दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक था. देश के संस्थापक राष्ट्रपति सर सेरेत्से खामा के नेतृत्व में, उन्होंने बुनियादी ढांचे और जिम्मेदार संसाधन विकास पर आधारित अर्थव्यवस्था का निर्माण किया.

हीरों के इतिहास को बोत्सवाना ने जिस तरह से नया रूप दिया है, वैसा किसी और देश ने नहीं किया. महज कुछ दशकों में, हीरा जगत में एक अनजान देश से यह अब तक खोजे गए सबसे दुर्लभ और असाधारण हीरों का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है.

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