हापुड़ लिंचिंग केसः यूपी सरकार को SC का नोटिस, पीड़ित पक्ष ने दायर की याचिका

Hapur lynching case पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस मामले में अभी तक पुलिस ने चश्मदीदों के बयान तक दर्ज नहीं किए हैं. इसलिए इस लिंचिंग मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की जाए.

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इस मामले की जांच के लिए SIT का गठन किए जाने की मांग की गई है (फोटो- आजतक) इस मामले की जांच के लिए SIT का गठन किए जाने की मांग की गई है (फोटो- आजतक)

परवेज़ सागर / अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 1:49 PM IST

हापुड़ लिंचिंग केस में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है. यह नोटिस जून 2018 में हापुड़ में लिचिंग का शिकार बने पीड़ित के बेटे की याचिका पर जारी किया गया है. उस याचिका में इस मामले की जांच एसआईटी से कराने की मांग की गई है. साथ ही एसआईटी में यूपी के बाहर के अधिकारियों को शामिल किए जाना भी मांग में शामिल है.

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हापुड़ में दरिंदगी के शिकार बने कासिम के बेटे मेहताब ने यह याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी. जिस पर संज्ञान लेते हुए सर्वोच्च अदालत ने यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है. पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि यूपी पुलिस इस मामले की जांच ठीक से नहीं कर रही है.

पीड़ित पक्ष के मेहताब ने आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस मामले में अभी तक पुलिस ने चश्मदीदों के बयान तक दर्ज नहीं किए हैं. इसलिए इस लिंचिंग मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित किए जाने की मांग की गई है. साथ ही पीड़ित पक्ष ने सबसे बड़ी अदालत से कहा कि एसआईटी में यूपी के बाहर से अधिकारियों को शामिल किया जाए.

बताते चलें कि जून 2018 में यूपी के हापुड़ में गौकशी के शक में कासिम नामक शख्स की कुछ असामाजिक तत्वों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. इस मामले में दो दर्जन से ज्यादा लोगों को नामजद किया गया था. लेकिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर लगातार यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे.

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