वसूली कांड में सचिन वाजे को सशर्त माफी दी गई, अनिल देशमुख मामले में बने सरकारी गवाह

वसूली मामले में सचिन वाजे सरकारी गवाह बनने को तैयार हो गए हैं. सीबीआई कोर्ट ने उन्हें सशर्त माफी दे दी है. माना जा रहा है कि अब अनिल देशमुख की मुसीबत और ज्यादा बढ़ने जा रही है.

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सचिन वाजे को कोर्ट से राहत दी गई सचिन वाजे को कोर्ट से राहत दी गई

विद्या

  • मुंबई,
  • 01 जून 2022,
  • अपडेटेड 6:11 PM IST

वूसली कांड में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को एक और बड़ा झटका लग गया है. इस मामले में पूर्व इंस्पेक्टर सचिन वाजे सरकारी गवाह बनने को तैयार हो गए हैं. इसी वजह से सीबीआई कोर्ट ने उन्हें सशर्त माफी प्रदान कर दी है. कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वाजे को अब केस से जुड़ी हर जानकरी विस्तृत तरीके से बतानी होगी. जांच एजेंसी इस माफी का विरोध जरूर कर रही थी, लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि ये मामला कोर्ट के दायरे में आता है और उन्होंने वाजे को सशर्त माफी देने का फैसला लिया है.

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अब जानकारी के लिए बता दें कि अनिल देशमुख को 100 करोड़ रुपये की जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया गया था. तब ये भी आरोप लगा था कि सचिन वाजे के जरिए देशमुख ने मुंबई के कई बार से करीब 4.70 करोड़ रुपये इकट्ठा किए थे. ऐसे में उन पर अपने पद का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगा था. लेकिन अब उसी मामले में सीबीआई कोर्ट ने सचिन वाजे को राहत दी है. शर्त सिर्फ इतनी है कि वाजे पूरे मामले में एक सरकारी गवाह बनेंगे और अदालत को सारा सच बताएंगे. 

वैसे सचिन वाजे ने सीबीआई कोर्ट में खुद एक अर्जी दाखिल की थी. उन्होंने साफ कहा था कि उनके अहम बयान की वजह से ही वसूली कांड में जांच आगे बढ़ पाई थी. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सीबीआई की जांच में उनकी तरफ से लगातार सहयोग किया गया. ऐसे में उन्होंने माफी की मांग की थी जिसे कोर्ट ने अब स्वीकार कर लिया है.

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इस समय सचिन वाजे न्यायिक हिरासत में हैं. मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक रखने के साथ-साथ मनसुख हिरेन हत्याकांड मामले में वे आरोपी हैं. इस मामले में हाल ही में स्पेशल कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया था. कहा गया था कि वे एक प्रभावशाली शख्स हैं जो सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं. ऐसे में उस मामले में उन्हें कोई राहत नहीं दी गई लेकिन देशमुख केस में सरकारी गवाह बन उन्होंने पूर्व गृह मंत्री की चुनौती बढ़ा दी है.


 

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