पुणे पुलिस ने गुरुवार को उस 17 वर्षीय लड़के के दादा से पूछताछ की जिसने हाल ही में कथित तौर पर अपनी पोर्श कार से एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारकर दो लोगों को कुचल दिया था और बाद में दोनों की मौत हो गई थी. मामले की जांच कर रहे अपराध शाखा के अधिकारियों ने आरोपी नाबालिग के एक दोस्त और पूर्व ड्राइवर से भी पूछताछ की जो कल्याणी नगर इलाके में दुर्घटना के समय कार में उसके साथ थे.
जब नाबालिग के दादा को पुलिस आयुक्त के दफ्तर में अपने बेटे का सामना करने के लिए ले जाया जा रहा था, तो कुछ पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछने की कोशिश की. इसी दौरान एक व्यक्ति ने उनके साथ धक्का-मुक्की करने की कोशिश की.
इस बीच आरोपी नाबालिग ने दावा किया है कि दुर्घटना के समय उसका फैमिली ड्राइवर गाड़ी चला रहा था. नाबालिग के दो दोस्त, जो दुर्घटना के समय उसके साथ थे, उन्होंने उसके दावों का समर्थन किया है.
ड्राइवर का बयान
वहीं बुधवार को पुलिस ने नाबालिग के पिता की हिरासत की मांग करते हुए अदालत को बताया था कि चूंकि किशोर कार चलाना चाहता था, इसलिए ड्राइवर ने अपने नियोक्ता (नाबालिग के पिता) को फोन किया और उन्हें अपने बेटे की मांग के बारे में बताया. यह उसके पिता थे जिन्होंने ड्राइवर से कहा कि वह अपने बेटे को कार चलाने दे. अधिकारी ने कहा कि ड्राइवर को मामले में गवाह के तौर पर अदालत में पेश किया जा सकता है.
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सीसीटीवी एकत्र करने में जुटी पुलिस
वहीं पुलिस उस पूरे रास्ते के सीसीटीवी फुटेज एकत्र कर रही है, जहां से कार गुजरी. इसमें घर से लेकर रेस्तरां तक, फिर ब्लैक क्लब और वहां से दुर्घटना स्थल तक शामिल है. पुलिस यह देख रही है कि दुर्घटना के समय कार कौन चला रहा था. फोरेंसिक टीम ने दुर्घटना में शामिल पोर्शे कार की भी जांच की.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "एक टीम ने आज कार की जांच की, जो यरवदा पुलिस स्टेशन के कब्जे में है. हमने पहले ही घटनास्थल की फोरेंसिक जांच कर ली है और अब कार की भी जांच की गई है. तकनीकी पहलुओं जैसे जीपीएस, कार के चारों ओर लगे कैमरों की जांच की गई. 'पुलिस ने कहा कि उन्होंने नाबालिग के पिता का एक फोन जब्त कर लिया है जो फिलहाल पुलिस हिरासत में है.
आरोपी को भेजा किशोर न्याय बोर्ड
बता दें कि पुणे के कल्याणी नगर में रविवार तड़के कथित तौर पोर्श कार चला रहे नाबालिग चालक ने मोटरसाइकिल से जा रहे दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को कुचल दिया था, जिससे दोनों की मौत हो गयी थी. पुलिस ने दावा किया कि नाबालिग नशे की हालत में कार चला रहा था. नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) से पहले जमानत मिल गई थी लेकिन मामले ने तूल पकड़ा तो बुधवार को जेजेबी ने उसे पर्यवेक्षण गृह भेज दिया.
क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने कहा, ‘नाबालिग के दादा, उसके दोस्त और ड्राइवर से कार दुर्घटना के संबंध में आज पूछताछ की गई.’ पुलिस नाबालिग के पिता को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है जो शहर का एक प्रमुख बिल्डर है. जब नाबालिग के दादा को पुलिस आयुक्तालय में अपने बेटे का सामना करने के लिए ले जाया जा रहा था तो कुछ पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछने की कोशिश की, जिसके बाद उनके साथ आए एक व्यक्ति ने उनके साथ धक्का-मुक्की की. इससे पहले कि पुलिस हस्तक्षेप करती, तीखी नोकझोंक हुई.
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आरोपी के दोस्तों से भी पूछताछ
अधिकारी ने कहा लड़के के दादा और उनके बेटे का आमना-सामना कराया गया क्योंकि मामले से जुड़े कुछ तथ्यों की पुष्टि करने की जरूरत थी. उन्होंने कहा, 'चूंकि लग्जरी कार अग्रवाल परिवार के स्वामित्व वाली रियल्टी फर्म के नाम पर है, इसलिए नाबालिग के दादा, जो फर्म के मालिकों में से एक हैं, से कार के स्वामित्व के संबंध में पूछताछ की गई.' उन्होंने बताया कि शनिवार और रविवार की दरमियानी रात में हुई घटनाओं के क्रम की पुष्टि करने के लिए कार में नाबालिग के साथ मौजूद उसके एक दोस्त से भी पूछताछ की गई.
इस बीच, बीजेपी नेता और राज्यसभा सदस्य मेधा कुलकर्णी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दुर्घटना से पता चलता है कि किशोर न्याय अधिनियम की समीक्षा करने की जरूरत है क्योंकि इस लड़के जैसे तथाकथित नाबालिग गंभीर अपराधों से बचने के लिए कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं.
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