मिजोरम में मिले थे डेटोनेटर, गृह मंत्रालय ने NIA को सौंपी जांच

असम राइफल्स की ओर से 26 जून को चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान 3000 स्पेशल डेटोनेटर, 925 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 40 बॉक्स वायर समेत एक टन से अधिक विस्फोटक पदार्थ मिले थे.

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गृह मंत्रालय ने एनआईए को सौंपी जांच (प्रतीकात्मक तस्वीर) गृह मंत्रालय ने एनआईए को सौंपी जांच (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 31 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 10:30 AM IST
  • असम राइफल्स ने बरामद किया था विस्फोटकों का जखीरा
  • गृह मंत्रालय ने मामले की जांच एनआईए को सौंपी- सूत्र

मिजोरम और असम के बीच सीमा विवाद चरम पर है. सीमा पर हुई हिंसक झड़प के बाद से दोनों राज्यों के बीच तनाव चरम पर है. इस बीच मिजोरम के चम्पई जिले में विस्फोटक मिले थे. मिजोरम के चम्पई में विस्फोटक मिलने को गृह मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय ने इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए को सौंप दिया है.

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सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय ने विस्फोटक मिलने के मामले की जांच एनआईए से कराने का फैसला कर लिया है. गृह मंत्रालय ने इस मामले की जांच 28 जुलाई को ही एनआईए को सौंप दिया. जानकारी के मुताबिक मिजोरम-असम बॉर्डर पर विवाद चल रहा है. दोनों राज्यों के बीच चल रहे विवाद के बीच चम्पई जिले में तीन हजार डेटोनेटर मिलने का मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है.

बताया जाता है कि 26 जून को मिजोरम बॉर्डर पर भारी मात्रा में विस्फोटक मिला था. असम राइफल्स ने चेकिंग के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए थे. असम राइफल्स की ओर से 26 जून को चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान 3000 स्पेशल डेटोनेटर, 925 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 40 बॉक्स वायर समेत एक टन से अधिक विस्फोटक पदार्थ मिले थे.

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असम राइफल्स को मिले विस्फोटकों के जखीरे के मामले में गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है. गृह मंत्रालय ने अब इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया है. एनआईए जांच के जरिए अब इसकी तह में जाने की कोशिश होगी कि मिजोरम में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक कहां से आया और इसे क्यों लाया गया था?

 

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