Delhi Laxmi Nagar Triple Murder Inside Story: दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में एक खौफनाक वारदात ने दहशत फैला दी. एक घर के भीतर जो हुआ, उसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया. वहां 25 साल के एक युवक ने अपनी मां, बहन और नाबालिग भाई की बेरहमी के साथ मौत के घाट उतार दिया. लोगों को यकीन नहीं हो रहा था कि कोई बेटा ऐसा भी कर सकता है. यह मामला धीरे-धीरे एक फिक्शन क्राइम कहानी जैसा बनता चला गया, लेकिन इसकी हकीकत बेहद डरावनी है.
आरोपी और पीड़ितों की पहचान
इस ट्रिपल मर्डर मामले में आरोपी की पहचान यशवीर (यशबीर) सिंह के रूप में हुई है. मृतकों में उसकी 46 वर्षीय मां कविता, 24 साल की बहन मेघना और 14 साल का छोटा भाई मुकुल शामिल हैं. तीनों एक ही घर में रहते थे. बाहर से यह एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार लगता था, लेकिन अंदर हालात बिल्कुल अलग थे. पुलिस के मुताबिक, परिवार लंबे समय से आर्थिक तंगी और तनाव से गुजर रहा था.
आर्थिक तंगी का शिकार था परिवार
जांच में सामने आया कि यशवीर गंभीर आर्थिक संकट में था. घर चलाना मुश्किल हो गया था और कर्ज का दबाव लगातार बढ़ रहा था. आरोपी के पिता पेशे से ट्रक ड्राइवर थे और पिछले करीब छह महीनों से परिवार के साथ नहीं रह रहे थे. घर की सारी जिम्मेदारी यशवीर पर थी. इसी तनाव ने धीरे-धीरे उसके दिमाग को अंधेरे में धकेल दिया. पुलिस मान रही है कि यही हालात इस खौफनाक फैसले की जड़ बने.
मौत की खतरनाक साजिश
यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया. उसने पहले अपने परिवार के सदस्यों को बेहोश करने का प्लान बनाया. इसके लिए उसने एक जहरीले पौधे धतूरे का इस्तेमाल किया. यशवीर जानता था कि धतूरा इंसान को अचेत कर सकता है, और यही उसकी साजिश का पहला कदम बना.
मंदिर से लाया धतूरे के बीज
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह सोमवार सुबह यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन के पास एक मंदिर गया था. वहीं पास में लगे एक पौधे से उसने धतूरे के बीज इकट्ठा किए. इसके बाद घर आकर उसने उन बीजों से लड्डू तैयार किए. यह सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई. एक साधारण सा दिखने वाला लड्डू, मौत का हथियार बन चुका था.
लड्डू में मिलाया जहर
दोपहर के समय यशवीर ने अपनी मां, बहन और भाई को वही लड्डू खाने के लिए दिए. किसी को शक नहीं हुआ. परिवार के तीनों सदस्यों ने लड्डू खा लिए. कुछ ही देर में तीनों की हालत बिगड़ने लगी और वे बेहोश हो गए. घर के भीतर सन्नाटा छा गया. यही वह पल था, जिसका आरोपी इंतजार कर रहा था.
बेहोशी के बाद गला घोंटा
पुलिस के मुताबिक, जब तीनों पूरी तरह बेहोश हो गए, तब यशवीर ने अगला कदम उठाया. दोपहर करीब 1:30 से 2 बजे के बीच उसने मफलर से एक-एक कर तीनों का गला घोंट दिया. मां, बहन और नाबालिग भाई… उसने किसी को भी नहीं बख्शा. एक ही घर में तीन लाशें पड़ी थीं और बाहर किसी को भनक तक नहीं लगी.
पत्नी की गैरमौजूदगी
घटना के वक्त आरोपी की पत्नी घर पर मौजूद नहीं थी. वह किसी काम से बाहर गई हुई थी. पुलिस अब उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है, हालांकि शुरुआती जांच में उसकी सीधी संलिप्तता सामने नहीं आई है. फिर भी पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है, ताकि कोई कड़ी छूट न जाए.
थाने पहुंचा कातिल बेटा
तीनों की हत्या करने के बाद यशवीर घर से निकला और सीधे लक्ष्मी नगर पुलिस स्टेशन पहुंच गया. शाम करीब 5 बजे उसने थाने में जाकर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया. उसने बिना किसी डर के अपना जुर्म कबूल कर लिया. पुलिस के लिए यह पल भी चौंकाने वाला था, क्योंकि किसी भी तरह की पीसीआर कॉल या शिकायत पहले दर्ज नहीं हुई थी.
घर से मिले तीन शव
आरोपी के बयान के बाद पुलिस की कई टीमें तुरंत सुभाष चौक पर मौजूद आरोपी के घर पर पहुंचीं. घर का दरवाजा खोलते ही अंदर का दृश्य दिल दहला देने वाला था. मां, बहन और भाई के शव घर के अंदर पड़े थे. पुलिस ने तुरंत घर को सील कर दिया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.
फोरेंसिक जांच और सबूतों की तलाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया. टीम ने घर से खाने के नमूने, लड्डू के अवशेष और अन्य सबूत जुटाए. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मौत केवल गला घोंटने से हुई या धतूरे के जहर ने भी इसमें भूमिका निभाई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले में अहम मानी जा रही है.
आत्महत्या की कोशिशों का दावा
पूछताछ में यशवीर ने दावा किया कि उसने पिछले दो महीनों में कई बार खुद आत्महत्या करने की कोशिश की थी. उसने एक्सिडेंट प्लान करना, सांप के काटने का नाटक करना और यहां तक कि हवा का इंजेक्शन लगाने जैसी बातें भी बताईं. उसने यह भी दावा किया कि उसके नाम पर करीब 1.5 करोड़ रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी थी. पुलिस इन सभी दावों की जांच कर रही है.
मां के कथित बयान का एंगल
आरोपी ने एक चौंकाने वाला दावा और किया. उसके मुताबिक, एक दिन पहले उसकी मां ने कथित तौर पर उससे कहा था कि अगर वह मरना चाहता है, तो पहले पूरे परिवार को मार डाले. हालांकि पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि यह सिर्फ आरोपी का बयान है और इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है. जांच एजेंसियां इस एंगल को बेहद सावधानी से खंगाल रही हैं.
हर एंगल से जांच
फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. पड़ोसियों और रिश्तेदारों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि परिवार की आर्थिक और मानसिक स्थिति को समझा जा सके. यह ट्रिपल मर्डर मामला न सिर्फ एक अपराध है, बल्कि एक ऐसे मानसिक अंधेरे की कहानी है, जिसने एक बेटे को अपने ही परिवार का कातिल बना दिया. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई की पूरी तस्वीर सामने आएगी.
(आज तक ब्यूरो)
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