RCMP Report in Lawrence Bishnoi Gang: कनाडा में आतंकी संगठन घोषित हो चुका लॉरेंस बिश्नोई गैंग एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय विवादों में घिर गया है. रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह गैंग भारत सरकार की ओर से काम कर रहा है. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद भारत-कनाडा संबंधों को लेकर नई बहस छिड़ गई है. रिपोर्ट को वैंकूवर स्थित मीडिया संस्थान ग्लोबल न्यूज़ ने एक्सेस किया है. आरोप बेहद गंभीर हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल खड़े कर रहे हैं.
गोपनीय रिपोर्ट का खुलासा
RCMP की यह रिपोर्ट तीन पन्नों की है और फिलहाल इसे गोपनीय खुफिया समीक्षा बताया जा रहा है. रिपोर्ट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग और भारत सरकार के कथित संबंधों का जिक्र छह बार किया गया है. ग्लोबल न्यूज़ के मुताबिक, यह रिपोर्ट हाल ही में उसके हाथ लगी. हालांकि रिपोर्ट पर कोई तारीख दर्ज नहीं है, जिससे इसकी टाइमलाइन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. फिर भी इसके कंटेंट ने राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है.
भारत-कनाडा संबंधों के बीच आई रिपोर्ट
यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब भारत और कनाडा के रिश्ते पटरी पर लौटते दिख रहे थे. अगस्त 2025 में दोनों देशों ने करीब 10 महीने के तनाव के बाद एक-दूसरे के यहां फिर से राजदूत नियुक्त किए थे. इससे पहले कनाडा ने भारत पर जासूसी और हिंसक गतिविधियों के आरोप लगाए थे. भारत ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया और सबूत मांगे, जो कभी पेश नहीं किए गए.
कनाडा में बढ़ती गैंग की मौजूदगी
RCMP की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई गैंग की कनाडा में मौजूदगी लगातार बढ़ रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह एक हिंसक आपराधिक संगठन है, जो कई देशों में सक्रिय है. कनाडा में इसका नेटवर्क तेजी से फैल रहा है और यह स्थानीय अपराधों में भी शामिल है. रिपोर्ट के अनुसार, गैंग संगठित तरीके से अपने अपराधों को अंजाम दे रहा है.
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस का दावा
RCMP रिपोर्ट का सबसे विवादित हिस्सा यह दावा है कि बिश्नोई गैंग भारत सरकार की ओर से काम करता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि गैंग अपने आपराधिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए हिंसा का इस्तेमाल करता है. हालांकि इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सार्वजनिक सबूत नहीं दिए गए हैं. यही वजह है कि रिपोर्ट की निष्पक्षता और मंशा पर सवाल उठ रहे हैं.
लॉरेंस बिश्नोई गैंग की करतूत
RCMP के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है. इनमें जबरन वसूली, नशीले पदार्थों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और टारगेट किलिंग शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि गैंग का मुख्य मकसद लालच और आर्थिक लाभ है. रिपोर्ट में साफ किया गया है कि इसके पीछे कोई राजनीतिक या धार्मिक एजेंडा नहीं बताया गया है.
कनाडा यात्रा के दिन आई रिपोर्ट
यह रिपोर्ट उसी दिन जारी की गई, जब ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी भारत के व्यापार मिशन पर रवाना हुए. 12 से 17 जनवरी के बीच उनकी भारत यात्रा तय है. ऐसे समय पर रिपोर्ट का सामने आना कई सवाल खड़े करता है. जानकारों का मानना है कि इसका समय चयन भी राजनीतिक संकेत देता है.
गैंग का फैलता नेटवर्क
रिपोर्ट में कहा गया है कि कनाडा सरकार द्वारा आतंकी संगठन घोषित किए जाने के बावजूद बिश्नोई गैंग की गतिविधियां थमी नहीं हैं. बीते एक साल में गैंग की हिंसक घटनाओं में इजाफा हुआ है. कनाडा में इसके नेटवर्क का विस्तार होना वहां की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है.
जेल से चल रहा अपराध साम्राज्य
कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद है. इसके बावजूद वह अपने गैंग को जेल से ही संचालित कर रहा है. उसके सहयोगी भारत के कई राज्यों और विदेशों में फैले हुए हैं. यह तथ्य भी रिपोर्ट में अप्रत्यक्ष रूप से सामने आता है कि गैंग का नेटवर्क कितना संगठित है.
ट्रूडो काल में बिगड़े थे रिश्ते
पूर्व कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में भारत-कनाडा संबंध सबसे ज्यादा तनावपूर्ण रहे. ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की भूमिका का आरोप लगाया था. भारत ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया और सबूत मांगे. कनाडा की ओर से कोई ठोस प्रमाण आज तक पेश नहीं किए गए.
संगठित अपराध पर सहयोग की सहमति
अक्टूबर में भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत और कनाडा संगठित अपराध से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं. दोनों देशों ने खुफिया जानकारी साझा करने की भी बात कही थी. इसके बावजूद बिश्नोई गैंग की गतिविधियों पर कोई खास असर नहीं दिखा.
कपिल शर्मा के कैफे पर हमला
रिपोर्ट में बताया गया है कि गैंग ने कनाडा में कई कारोबारियों को निशाना बनाया है. जबरन वसूली के मामलों में हमले किए गए हैं. ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में कॉमेडियन कपिल शर्मा के ‘कैप्स कैफे’ पर हमला भी इसी कड़ी में देखा गया. इस घटना ने भारतीय समुदाय में डर का माहौल पैदा किया.
अलर्ट के बावजूद कार्रवाई नहीं
भारत का आरोप रहा है कि उसने कनाडा को कई बार संगठित अपराध और आतंकवाद को लेकर अलर्ट किया. इसके बावजूद कनाडा ने दशकों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की. यही वजह है कि आज ऐसे नेटवर्क वहां पनप पाए. यह मुद्दा अब फिर से अंतरराष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन गया है.
भारतीय राजदूत का तीखा बयान
कनाडा में भारत के राजदूत दिनेश पटनायक ने CBC को दिए इंटरव्यू में कहा था कि आरोप लगाना आसान है. उन्होंने कहा कि भारत पिछले 40 साल से कनाडा में आतंकवाद का मुद्दा उठाता रहा है. इसके बावजूद वहां एक भी व्यक्ति को दोषी ठहराया नहीं गया. यह बयान कनाडा की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल था.
कनाडा की भूमिका पर सवाल
RCMP भले ही बिश्नोई गैंग के लिए भारत सरकार को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रही हो, लेकिन असली सवाल कनाडा की भूमिका पर है. गैंग के तत्व वहां कैसे पहुंचे और समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई. जानकारों का मानना है कि इन सवालों के जवाब दिए बिना आरोप अधूरे हैं. यही वजह है कि यह रिपोर्ट विवादों में घिरती नजर आ रही है.
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