जबरन वसूली के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस ने की फायरिंग, बेगुनाह आदिवासी की गोली लगने से मौत

आदिवासी व्यक्ति के परिवारवालों ने आरोप लगाया कि उनके परिजन की मौत पुलिस की गोली से हुई है. परिवारवालों ने उस पर गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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आरोपी पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो रही है (सांकेतिक चित्र) आरोपी पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो रही है (सांकेतिक चित्र)

aajtak.in

  • गोड्डा,
  • 19 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 2:08 AM IST

Godda Shootout: झारखंड के गोड्डा जिले में जबरन वसूली के एक मामले में एक आरोपी को पकड़ने गई पुलिस की गोली से कमजोर आदिवासी समूह (PVGT) के एक 30 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई. पुलिस ने सर्च ऑपरेशन के दौरान गोलीबारी की. जिसमें उस व्यक्ति को गोली लग जाने से उसकी मौत हो गई. इस मामले में अब आरोपी पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है.

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आदिवासी व्यक्ति के परिवारवालों ने आरोप लगाया कि उनके परिजन की मौत पुलिस की गोली से हुई है. परिवारवालों ने उस पर गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. मामला बढ़ जाने पर गोड्डा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नाथू सिंह मीणा ने कहा कि इस मामले में एक विशेष टीम लगाई गई है. 

एसपी ने बताया कि घटना की जांच करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के लिए उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई. एसपी नाथू सिंह मीणा ने कहा कि मृतक की पहचान हरि नारायण पहाड़िया के रूप में हुई है. वो झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 350 किलोमीटर दूर बड़ा डांगा पारा का रहने वाला है. 

पुलिस के एक बयान के अनुसार, 16 अप्रैल को सुंदर पहाड़ी पुलिस थाने में जबरन वसूली से संबंधित एक प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बुधवार शाम को पुलिस की एक टीम बेनाडिक हेम्ब्रम के घर पर छापेमारी करने के लिए बड़ा डांगा पारा गई थी. पुलिस ने छापेमारी के दौरान, पुलिस ने घर से दूर एक व्यक्ति को भागते हुए देखा. 

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पुलिस के मुताबिक, तभी सहायक उपनिरीक्षक (ASI) राजनाथ यादव ने उसे रुकने के लिए कहा. लेकिन उसने भागने की कोशिश की. बयान में कहा गया है कि उसे पकड़ने की प्रक्रिया के दौरान गोलीबारी की घटना हुई और हरि नारायण नाम के उस व्यक्ति के बाएं कंधे में गोली लगी. उसे घायल हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सुंदर पहाड़ी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

इस बीच, मृतक हरि नारायण के बड़े भाई कामदेव पहाड़िया (24) ने पुलिस के इस आरोप को सिरे से नकार दिया कि उसका भाई घर से भाग रहा था. कामदेव ने पीटीआई को जानकारी देते हुए बताया कि 'यह घटना एक नदी के किनारे हुई जहां उसका भाई शौच के लिए गया था. उसके भाई को जानबूझकर गोली मारी गई, लेकिन इसका कारण नहीं पता है.

कामदेव ने कहा कि वे उन पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे, जिन्होंने उनके भाई पर गोली चलाई थी. उनका कहना था कि उनका भाई एक किसान था. उसकी दो बेटियां और एक बेटा है. वह परिवार में कमाने वाला एकमात्र व्यक्ति था. अब, उनकी पत्नी और बच्चों की देखभाल कौन करेगा? कामदेव ने टीम में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने मांग की है.

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