रिश्तेदारों को फंसाने के लिए पुलिस को दी मंदिर में बम विस्फोट की झूठी खबर, ऐसे पकड़ा गया आरोपी

डीएसपी अनिल सिसारा ने बताया, 'कॉल मिलने के तुरंत बाद फौरन पुलिस हरकत में आ गई और एक टीम, डॉग और बम निरोधक दस्तों के साथ मंदिर परिसर की सुरक्षा जांच के लिए रवाना की गई. तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. फिर आरोपी को भरूच रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक किया गया.

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पुलिस ने आरोपी को पकड़कर साजिश का खुलासा किया पुलिस ने आरोपी को पकड़कर साजिश का खुलासा किया

aajtak.in

  • भरूच,
  • 15 मई 2025,
  • अपडेटेड 8:55 PM IST

गुजरात के भरूच शहर में स्वामीनारायण संप्रदाय से संबंधित एक मंदिर में बम विस्फोट की झूठी कॉल करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी के पकड़े जाने के बाद इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. दरअसल, आरोपी ने अपने रिश्तेदार को फंसाने के लिए ये पूरी साजिश रची थी. पुलिस ने गुरुवार को इस मामला खुलासा करते हुए यह जानकारी दी.

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भरूच शहर के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) अनिल सिसारा ने बताया कि तौसीफ पटेल नाम के एक शख्स ने बुधवार शाम को अपने मोबाइल फोन से शहर के पुलिस नियंत्रण कक्ष और आपदा नियंत्रण कक्ष को दो कॉल किए और दावा किया कि चार लोग गुरुवार की रात 1 से 2 बजे के बीच झाड़ेश्वर में स्वामीनारायण मंदिर को उड़ाने जा रहे हैं.

डीएसपी अनिल सिसारा ने पीटीआई को बताया, 'कॉल मिलने के तुरंत बाद फौरन पुलिस हरकत में आ गई और एक टीम, डॉग और बम निरोधक दस्तों के साथ मंदिर परिसर की सुरक्षा जांच के लिए रवाना की गई. तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. कॉल की जांच के बाद पटेल को भरूच रेलवे स्टेशन के पास एक इलाके में ट्रैक किया गया. 

पुलिस ने एक बयान में कहा, 'आरोपी ने पुलिस को बताया है कि उसके और उसके भाइयों के बीच संपत्ति का विवाद है. जिसके चलते उसने अपने रिश्तेदारों को फंसाने के लिए ये कॉल किए थे. आरोपी ने दावा किया है कि उसके भाई उसे पैतृक संपत्ति का हिस्सा देने से इनकार कर रहे हैं. उसने दावा किया है कि उसका साला भी उसे परेशान कर रहा है.' 

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पुलिस के बयान में कहा गया है कि भरूच सिटी 'सी' डिवीजन पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 (किसी सरकारी कर्मचारी को उसकी वैध शक्ति का दुरुपयोग करने के इरादे से गलत जानकारी देना, जिससे किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान या चोट पहुंचे) और 353 (2) (झूठे बयान, अफवाह या खतरनाक समाचार बनाना, प्रकाशित करना या प्रसारित करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
 

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