दक्षिणी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में पुलिस ने चार ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जो डकैती के मामले में वांछित थे.अधिकारियों के मुताबिक, डकैती में वांछित मुख्य आरोपी और उसके तीन साथियों को पुलिस ने उसके बाएं हाथ पर बने 'त्रिशूल' टैटू के जरिए पहचाना और फिर अरेस्ट कर लिया.
दरअसल 26 अक्टूबर को गोविंदपुरी में एक इवेंट मैनेजमेंट फर्म के दफ्तर में चार लोग अचानक घुसे और कंपनी के प्रबंधक को "टॉय गन" दिखाकर लूटपाट को अंजाम दिया. जिस समय लूटपाट को अंजाम दिया गया उस समय प्रबंधक अपनी टीम के सदस्यों के साथ एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उत्तराखंड जाने की तैयारी कर रहे थे.
गर्लफ्रेंड की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड करने से था नाराज
मुख्य आरोपी की पहचान विपुल (36) के रूप में की गई है. पुलिस उपायुक्त ( दक्षिण-पूर्व) राजेश देव ने बताया कि विपुल कंपनी के मालिक से बदला लेना चाहता था क्योंकि उसने सोशल मीडिया पर अपनी टीम की एक महिला सदस्य की तस्वीर अपलोड की थी जिसके साथ वह (विपुल) रिलेशनशिप में था. अन्य आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के मोदीनगर निवासी जयवर्धन (36), विजय (34) और सुमित (30) के रूप में हुई है.
अपनी शिकायत में, फर्म के मालिक ने कहा कि चार लोगों ने ऑफिस में एंट्री की और उनकी टीम की एक महिला सदस्य से एक मोबाइल फोन, 14,000 रुपये नकद और दो सोने की अंगूठियां लूट लीं और उनकी पिटाई भी की. पुलिस ने कहा कि आरोपी ने पीड़ितों से और नकदी मांगी जिसके बाद शिकायतकर्ता ने अपनी पत्नी को फोन किया.
टैटू बना पुलिस का मददगार
पुलिस ने बताया कि दो आरोपी उसके बाद हरियाणा के फरीदाबाद स्थित उसके आवास पर गए और उसकी पत्नी से 70,000 रुपये ले लिए, बाद में वे सभी भाग गए. अधिकारी ने कहा कि शिकायतकर्ता ने खुलासा किया कि आरोपियों में से एक ने अपनी बायीं बांह पर 'त्रिशूल' का टैटू बनवाया था. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अपराध को अंजाम देने के लिए फर्जी नंबर प्लेट वाली कार का इस्तेमाल किया था, सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई और अपराध में इस्तेमाल की गई कार की पहचान की गई.
महिपालपुर से हुई गिरफ्तारी
डीसीपी देव ने बताया कि आरोपियों में से एक, जिसके बांह पर 'त्रिशूल' टैटू था, की पहचान बाद में विपुल के रूप में हुई. उन्होंने बताया कि विपुल महिपालपुर इलाके के एक होटल में रह रहा था, जहां से उसे पकड़ा गया. अधिकारी ने कहा कि उसके सहयोगियों को भी बाद में गिरफ्तार कर लिया गया, अपराध में इस्तेमाल की गई कार और टॉय गन भी बरामद कर ली गई है. पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच से पता चला है कि लुटेरों को कंपनी के कार्यालय और उसके कर्मचारियों के बारे में अंदरूनी जानकारी थी.
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