अभी तक नहीं मिला रांची से लापता 2 मासूम बच्चों का सुराग, जांच में अब स्निफर डॉग स्क्वॉड और FSL की एंट्री

रांची के मौसीबाड़ी खटाल इलाके से नए साल के दूसरे दिन 5 साल का अंश और 4 साल की अंशिका लापता हो गए थे. जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. पुलिस ने इस मामले में 51 हजार का इनाम घोषित किया है, स्निफर डॉग और FSL टीम भी बच्चों को तलाश रही है. पढ़ें पूरी कहानी.

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पुलिस अभी तक बच्चों का सुराग नहीं लगा पाई (फोटो-ITG) पुलिस अभी तक बच्चों का सुराग नहीं लगा पाई (फोटो-ITG)

सत्यजीत कुमार

  • रांची,
  • 08 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:01 PM IST

Ranchi Missing Children Case: झारखंड की राजधानी रांची के मौसीबाड़ी स्थित खटाल इलाके से दो मासूम बच्चों के रहस्यमयी तरीके से लापता होने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. 2 जनवरी से अब तक सुनील कुमार के 5 वर्षीय बेटे अंश और 4 साल की बेटी अंशिका का कोई सुराग नहीं मिल पाया है. दोनों बच्चे घर से बिस्किट लेने के लिए निकले थे, लेकिन इसके बाद वे वापस नहीं लौटे. परिवार की चिंता हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है. पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चों का पता नहीं चल सका है. मामला अब पूरे इलाके में चिंता और भय का कारण बन गया है.

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बिस्किट लेने निकले, फिर नहीं लौटे
परिजनों के मुताबिक, 2 जनवरी को अंश और अंशिका रोज़ की तरह घर के पास स्थित दुकान से बिस्किट लेने निकले थे. बच्चों के देर तक वापस न लौटने पर परिवार ने आसपास तलाश शुरू की. मोहल्ले, खटाल और आस-पास के इलाकों में खोजबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. शुरुआती जांच के बाद भी बच्चों का कोई पता नहीं चल पाया. यह रहस्य और गहराता चला गया कि आखिर दोनों बच्चे अचानक कहां गायब हो गए.

पुलिस के हाथ अब भी खाली
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बच्चों की तलाश में बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया है. जानकारी देने वाले को 51 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है. इस ऑपरेशन में 4 आईपीएस अधिकारी और 8 डीएसपी रैंक के अधिकारी लगाए गए हैं. इसके बावजूद अब तक पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिली है. लगातार छापेमारी और पूछताछ जारी है. पुलिस का कहना है कि हर संभावित एंगल से मामले की जांच की जा रही है.

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स्निफर डॉग स्क्वॉड और FSL की एंट्री
जब पारंपरिक तरीकों से कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस ने जांच को और तेज कर दिया. अब स्निफर डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी सर्च ऑपरेशन में शामिल किया गया है. आसपास के इलाकों से लेकर संभावित रास्तों की बारीकी से जांच की जा रही है. फॉरेंसिक सबूत जुटाने की कोशिश की जा रही है ताकि बच्चों तक पहुंचा जा सके. पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी जांच से कोई अहम कड़ी सामने आ सकती है.

इलाके में बढ़ता आक्रोश
बच्चों के नहीं मिलने से खटाल इलाके में लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. बस्तीवासियों का कहना है कि इतने दिनों और इतने संसाधनों के बावजूद पुलिस मामले को सुलझा नहीं पाई है. स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जांच में चूक कहां हो रही है. लोगों में डर का माहौल भी है. इसी बीच पुलिस पर दबाव लगातार बढ़ रहा है कि जल्द से जल्द बच्चों को ढूंढा जाए.

बेबस मां का दर्द
आजतक से बात करते हुए बच्चों की मां फूट-फूटकर रो पड़ीं. उन्होंने कहा कि परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है और वे सिर्फ छह महीने पहले ही रांची आए हैं. उनका बस यही कहना है कि बच्चे सुरक्षित वापस लौट आएं. बच्चों की दादी ने भी कहा कि उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं है और वे ईश्वर से लगातार प्रार्थना कर रही हैं. बताया गया है कि बच्चों की मां सदमे में हैं और बार-बार बेहोश हो जा रही हैं. परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.

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जन आंदोलन की तैयारी
इधर, बच्चों की तलाश को लेकर जन आंदोलन की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं. स्थानीय लोग सड़कों पर उतरकर आवाज़ बुलंद करने की बात कह रहे हैं. हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर दो मासूम बच्चे अचानक कहां चले गए. पुलिस पर दबाव बढ़ता जा रहा है और पूरा राज्य इस मामले पर नजर बनाए हुए है. अब उम्मीद यही है कि जल्द कोई सुराग मिले और दोनों बच्चे सुरक्षित अपने घर लौट सकें.

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