सब्जी बेची, पार्षद बना, हत्या की... फरारी के 7 साल बाद ऐसे अरेस्ट हुआ हिंदू बनकर छिपा तांत्रिक

मेरठ का रहने वाला नजाकत अली शातिर अपराधी है. सात साल पहले पुलिस की कस्टडी से फरार होने के बाद वह दिल्ली में हिंदू बनकर छिपा था. यहां उसने एक होटल लीज पर लिया था. इसे चलाकर वह जिंदगी शान से जी रहा था. सब्जी बेचने से लेकर तांत्रिक बनने तक की उसकी कहानी फिल्मी लगती है.

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मेरठ के रशीद नगर का रहने वाला तांत्रिक नजाकत उर्फ पप्पू शातिर अपराधी है. मेरठ के रशीद नगर का रहने वाला तांत्रिक नजाकत उर्फ पप्पू शातिर अपराधी है.

उस्मान चौधरी

  • मेरठ,
  • 15 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 12:16 PM IST

पुलिस कस्टडी से 7 साल पहले फरार हुए तांत्रिक नजाकत उर्फ पप्पू को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी 50 हजार का इनामी अपराधी है. वह गिरफ्तारी से बचने के लिए हिंदू साधू का भेष बनाकर दिल्ली में रह रहा था. उसको एसटीएफ ने मंगलवार शाम मेरठ के गोल मार्केट सिविल लाइन से गिरफ्तार किया है.

घेराबंदी कर एसटीएफ ने किया गिरफ्तार 
अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया, “मेरठ के रशीद नगर का रहने वाला तांत्रिक नजाकत उर्फ पप्पू शातिर अपराधी है. सूचना मिली थी कि नजाकत सिविल लाइन जनपद मेरठ के गोल मार्केट में अपने भाई से मिलने आने वाला है. इसके बाद एसटीएफ मेरठ ने गोल मार्केट से घेराबंदी कर नजाकत को गिरफ्तार कर लिया.” 

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हत्या के मामले में जेल गया, कस्टडी से हुआ फरार 
तांत्रिक नजाकत 26 नवंबर 2013 को हुए बिलाल हत्याकांड का मुख्य आरोपी है. इस मामले में उसे जेल भेजा गया था. 26 सितंबर 2015 को नजाकत मेरठ कोर्ट में पेशी पर लाया गया. इसी दौरान पुलिसकर्मियों से सेटिंग कर नजाकत अली फरार हो गया. नजाकत की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार का इनाम रखा गया था. 

दिल्ली में संजय शर्मा के नाम से रह रहा था 
पूछताछ में नजाकत ने बताया, “पुलिस कस्टडी से 2015 में भागने के बाद उसने दिल्ली के रोहिणी में अनुभव अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 18 सी खरीदा था. इसकी रजिस्ट्री अपनी पत्नी नसरीन के नाम से थी. अपने रिश्तेदार से मिलकर करोल बाग में बैन्ज इन्टरनेशनल होटल लीज पर लेकर चला रहा था. दिल्ली में संजय शर्मा के नाम से रह रहा था, ताकि पहचान न हो सके.”

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सब्जी की दुकान से पार्षद तक का सफर 
नजाकत ने पूछताछ में बताया, “1998-99 में चौधरी चरण विश्वविद्यालय से स्नातक किया. उसके बाद सब्जी मंडी मेरठ मे दो साल तक सब्जी की दुकान चलाई. फिर रसीदनगर में प्रॉपर्टी का काम किया और इसके साथ-साथ टीवी न्यूज चैनल भी चलाता था. चैनल न्यूज वन और आजाद न्यूज का जनपद ब्यूरो हेड रहा.” 

उसने आगे बताया, “2005 में पहली बार तमंचे और कारतूस के मुकदमें में जेल गया. मगर, तीन दिन बाद ही जमानत हो गई थी. पैसे कमाने के लिए साढू सिराज के साथ मिलकर तांत्रिक बनकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया. 2007 से 2012 तक रसीदनगर का पार्षद रहा. इस दौरान 2009 में कॉपरेटिव बैंक का वाइस चैयरमेन बना, लेकिन कुछ विवादों के चलते 2 महीने बाद पद से हट गया.” 

कई राज्यों में दर्ज हैं 13 केस 
नजाकत अली पर अलग-अलग राज्यों में करीब 13 मुकदमे दर्ज हैं. वह यूपी पुलिस सहित राजस्थान और हरियाणा पुलिस का मोस्ट वांटेड भी है. फरारी के दौरान वह अलग-अलग जगहों पर नाम बदल कर रहता रहा. उसके खिलाफ हत्या के दो और ठगी के कई मुकदमे दर्ज हैं. 

नजाकत के खिलाफ 2007 में ब्रहमपुरी के रहने वाले रामकुमार ने 50 हजार रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था. इसी साल हरियाणा के हिसार में एक व्यक्ति ने ठगी का मुकदमा लिखाया. उससे नजाकत ने चार लाख रुपये की ठगी की थी. 

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2008 में कॉन्सटेबल इरफान थाना ब्रहमपुरी ने नजाकत और उसके साथी अनीस आदि के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कराया था. 2013 में राजस्थान में राजगढ की मधु अग्रवाल ने नजाकत के खिलाफ पांच लाख रुपये की ठगी का केस दर्ज कराया था. 
 

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