भोपाल: RSS से जुड़े संगठन के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाने वाला गिरफ्तार, भ्रामक पोस्ट डालने का आरोप

पुलिस ने राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है. उस पर आरएसएस से जुड़े संगठन के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर भ्रामक पोस्ट डालने का आरोप है. उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत की गई थी कि वेबसाइट के जरिए वो दूसरे धर्म का प्रचार कर रहा है. फिलहाल आरोपी को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है.

Advertisement
आरोपी राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी आरोपी राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी

रवीश पाल सिंह / आकाश चौहान

  • भोपाल/मंदसौर,
  • 07 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 12:20 PM IST
  • मंदसौर के नारायणगढ़ इलाके का मामला
  • आरोपी पर भ्रामक पोस्ट डालने का आरोप
  • कोर्ट ने आरोपी को 7 दिन की रिमांड पर भेजा

मंदसौर जिले की नारायणगढ़ पुलिस ने एक ब्लॉगर को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ब्लॉगर राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने आरएसएस से जुड़े संगठन प्रज्ञा प्रवाह (Prajna Pravah)  के नाम से मिलती वेबसाइट Pragya Pravah बनाई और उस पर भ्रामक पोस्ट डाले. राजेंद्र प्रसाद को नारायणगढ़ के रहने वाले आरएसएस कार्यकर्ता और वकील सुनील साहू की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने पुलिस में शिकायत की थी कि द्विवेदी ने स्पेलिंग बदकर प्रज्ञा प्रवाह के नाम से वेबसाइट बनाई और फिर उस पर साजिशन पहले हिंदू धर्म से जुड़ी पोस्ट डालीं, फिर अन्य धर्म की ओर पाठकों की मानसिकता को आकर्षित करने का प्रयास किया गया. 

Advertisement

7 दिन की रिमांड पर भेजा गया आरोपी

ये शिकायत मिलने के बाद जांच के लिए नारायणगढ़ पुलिस ने टीम बनाई. जांच के बाद भोपाल से राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी को गिरफ्तार किया गया. नारायणगढ़ थाना प्रभारी अवनीश श्रीवास्तव के मुताबिक द्विवेदी की पूर्व में जबलपुर में जिला शिक्षा अधिकारी के तौर पर तैनाती रह चुकी है. पुलिस ने धारा 295A और 153B के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद द्विवेदी को कोर्ट में पेश किया. जहां से उसे 7 अप्रैल तक पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया है.  

ब्लॉग में भ्रामक बातें लिखी थीं

शिकायतकर्ता सुनील साहू का कहना है कि प्रज्ञा प्रवाह नाम से आरएसएस का एक अनुषांगिक संगठन है जिसके वो सक्रिय कार्यकर्ता हैं और इस संगठन के माध्यम से हिंदू समाज को जागरुक करने का काम किया जाता है. साहू ने कहा, “एक दिन मैंने इंटरनेट पर देखा कि प्रज्ञा प्रवाह के नाम से मिलते-जुलते हुए नाम से एक ब्लॉग लिखा गया था, जिसमें दूसरे धर्म का प्रचार-प्रसार किया गया था. इस ब्लॉग की स्पेलिंग में थोड़ा सा अंतर था. जब मैंने गौर से पढ़ा तो पाया कि हिंदू धर्म के खिलाफ अनर्गल और द्वेषपूर्ण बातें लिखी हुई थीं. ब्लॉग में संघ प्रमुख मोहन भागवत का बयान बताते हुए भ्रामक जानकारी दी गई थी.”

Advertisement

पहले भी लग चुके हैं ऐसे आरोप

आरोपी राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने शिक्षा विभाग से जुड़े रहने के दौरान टीचर, प्रिंसिपल, फिर जिला शिक्षा अधिकारी तक पोस्टिंग पाई. बताया जा रहा है कि द्विवेदी के जबलपुर में जिला शिक्षा अधिकारी रहने के दौरान भी दूसरे धर्म का प्रचार करने का आरोप लगा था.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement