Drug Trafficking Crackdown Kashmir: दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ड्रग तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. शुक्रवार को पुलिस ने एक कथित ड्रग तस्कर की करीब 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर दी. यह कार्रवाई NDPS एक्ट के तहत की गई है. पुलिस का कहना है कि जब्त की गई संपत्तियां अवैध ड्रग कारोबार से अर्जित की गई थीं. इस कदम को ड्रग माफिया की आर्थिक कमर तोड़ने की दिशा में अहम माना जा रहा है. पुलिस लगातार ऐसे नेटवर्क पर शिकंजा कस रही है.
मनिगाम गांव में बड़ी जब्ती
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, यह संपत्तियां मनिगाम गांव में स्थित हैं. जब्त की गई संपत्ति में छह दुकानें, पांच गोदाम, एक टिन शेड और एक प्लिंथ शामिल है. ये सभी व्यावसायिक ढांचे बताए जा रहे हैं. पुलिस ने इन परिसंपत्तियों को औपचारिक रूप से अटैच कर लिया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इनका बाजार मूल्य लगभग 1.5 करोड़ रुपये आंका गया है. यह कार्रवाई पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई.
कौन है आरोपी?
पुलिस अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि यह संपत्ति मोहम्मद अशरफ खांडे की है. वह कुलगाम के निपोरा इलाके का निवासी है. जांच एजेंसियों के अनुसार, वह लंबे समय से बड़े स्तर पर ड्रग तस्करी में शामिल रहा है. पुलिस का दावा है कि उसने अवैध ड्रग कारोबार से भारी मुनाफा कमाया. इसी अवैध कमाई से उसने ये संपत्तियां खरीदी थीं. फिलहाल उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act की धारा 68-एफ के तहत की गई है. इस धारा के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त या अटैच किया जा सकता है. पुलिस ने पहले जांच में यह स्थापित किया कि संपत्तियां ड्रग तस्करी से हासिल पैसों से खरीदी गई थीं. इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर संपत्ति अटैच की गई. अधिकारियों का कहना है कि ड्रग माफिया के खिलाफ यह सख्त संदेश है. कानून के तहत अवैध कमाई को बख्शा नहीं जाएगा.
ड्रग नेटवर्क की कमर तोड़ने की मुहिम
कुलगाम पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई ड्रग तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति का हिस्सा है. सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अवैध कमाई पर भी प्रहार किया जा रहा है. पुलिस का मानना है कि जब आर्थिक स्रोत खत्म होंगे, तो तस्करी की गतिविधियां भी कमजोर पड़ेंगी. दक्षिण कश्मीर में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी है. अधिकारियों ने साफ किया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होती रहेगी.
aajtak.in