असम में चर्चित पुलिस सब इंस्पेक्टर जूनमोनी राभा की मौत को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि जूनमोनी काफी दबंग और निडर पुलिस अधिकारी थीं. जिस तरह से गंभीर सड़क हादसे में उनकी मौत हुई है, उसे लेकर पुलिस भी एक्शन मोड में नजर आ रही है. ऐसे में सबसे पहले ये जान लेते हैं कि आखिर जूनमोनी राभा थी कौन?
कौन थीं जूनमोनी राभा?
असम पुलिस की सब इंस्पेक्टर जूनमोनी राभा का जन्म 1 जुलाई 1993 को असम के कामरूप जिले में हुआ था. वह इसी जिले के दखिंगों, सिवपुर, कहिलीपारा की रहने वाली थीं. उनके पिता का नाम कमल राभा था. उनका पहले ही देहांत हो चुका है. जूनमोनी को पहले से ही फोर्स में जाने की इच्छा थी. लिहाजा पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने असम पुलिस में जाने की तैयारी शुरू कर दी थी. जूनमोनी की मेहनत रंग लाई और 1 जुलाई 2017 में उनका चयन असम पुलिस में बतौर सब इंस्पेक्टर हुआ. इस दौरान जूनमोनी ने कई स्थानों पर काम किया. लेकिन 13 दिसंबर 2021 उनकी तैनाती नागांव पुलिस विभाग में हुई थी. तब से वो वहीं पर तैनात थी.
ऐसे हुआ सड़क हादसा
महज 30 साल की उम्र में जूनमोनी राभा ने दुनिया को अलविदा कह दिया. मंगलवार की सुबह तड़के एक हादसे में उनकी मौत हो गई. नागांव जिले में उनकी कार की एक कंटेनर ट्रक से आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हुई थीं. लेकिन इलाज के लिए ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई. हादसे के वक्त वह अपनी निजी कार में अकेली थी. उन्होंने वर्दी के बजाय साधारण कपड़े पहने हुए थे. ये हादसा कलियाबोर अनुमंडल के जाखलाबंधा थाना क्षेत्र के सरुभुगिया गांव में हुआ.
मंगेतर को किया था गिरफ्तार
नागांव जिले की सब-इंस्पेक्टर जूनमोनी राभा के साथ कुछ विवाद भी जुड़े थे. वो अपने काम और काम के तरीके की वजह से लेडी सिंघम कहलाने लगी थी. लोग उन्हें दबंग दरोगा भी कहते थे. उनका नाम उस वक्त चर्चाओं में आया था, जब उन्होंने अपने मंगेतर राणा पोगाग को पिछले साल 8 मई को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था. उसके खिलाफ जूनमोनी ने ही प्राथमिकी दर्ज की थी. आरोपी राणा को कोर्ट में पेश किया गया था और कोर्ट ने उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जूनमोनी एक साल से ज्यादा समय से आरोपी के साथ रिलेशनशिप में थी और अक्टूबर 2021 में उसके साथ सगाई भी कर ली थी.
शादी से पहले खुली थी राणा की पोल
राणा पोगाग ने खुद को तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) का जनसंपर्क अधिकारी बताते हुए झूठा दावा किया था और ONGC में नौकरी का वादा करके लोगों से लाखों रुपये ठग लिए थे. जब आरोपी पहली बार जूनमोनी से मिला था, तो उसने खुद को ओएनजीसी अधिकारी के तौर पर पेश किया था. वे नवंबर में शादी करने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही जूनमोनी को पता चला था कि राणा ने कुछ लोगों को ओएनजीसी में नौकरी और ठेके देने का झांसा देकर ठगा है.
जब जूनमोनी को जाना पड़ा था जेल
बात उन दिनों की है, जब सब इंस्पेक्टर जूनमोनी राभा माजुली में तैनात थीं. तब दो ठेकेदारों ने पुलिस से शिकायत की थी कि माजुली में तैनाती के दौरान उन्होंने अपने पूर्व प्रेमी राणा पोगाग के साथ मिलकर वित्तीय सौदे किए थे. ठेकेदारों का आरोप है कि उनके साथ ठगी हुई थी. इस मामले में असम पुलिस की एसआई जूनमोनी राभा को लगातार दो दिनों की पूछताछ के बाद 5 जून 2022 को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद असम के माजुली जिले की एक अदालत ने जूनमोनी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. इसके बाद उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया गया था. बाद में निलंबन हटा लिया गया और वह फिर से सेवा में शामिल हो गईं थी.
विधायक मामले में विवाद
इससे पहले वो जनवरी 2022 में एक और विवाद में फंस गई थीं, जब बिहपुरिया निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा विधायक अमिय कुमार भुइयां के साथ उनकी टेलीफोनिक बातचीत लीक हो गई थी.
उत्पीड़न किए जाने का आरोप
बताया जाता है कि राभा द्वारा 'अवैध रूप से' फिट की गई मशीनों के साथ देशी नावों के संचालन किए जाने पर एक्शन लिया गया था और कुछ नाविकों को गिरफ्तार कर लिया गया था. जिसके बाद उन पर भुइयां के निर्वाचन क्षेत्र के लोगों का कथित उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगा था.
जूनमोनी के खिलाफ दर्ज हुई थी FIR
असम के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एसआई जूनमोनी राभा के खिलाफ उत्तरी लखीमपुर पुलिस स्टेशन में सोमवार को ही भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं जैसे कि आपराधिक साजिश, डकैती, जान लेने का प्रयास, गलत तरीके से बंधक बनाना और जबरन वसूली जैसे मामलों में केस दर्ज हुआ था. यह मामला एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया था. डीजीपी ने दावा किया कि लखीमपुर और नागांव जिलों की पुलिस ने अपराध दर्ज करने के लिए वैध कार्रवाई की थी.
डीजीपी का ट्वीट
असम के डीजीपी ने एक ट्वीट करते हुए कहा कि एफआईआर संख्या 0183/2023 (उत्तरी लखीमपुर मामला) और एसआई जूनमोनी राभा की मौत की निष्पक्ष जांच के लिए समाज के विभिन्न वर्गों ने अनुरोध किया है, जिसके मद्देनजर, इस मामले की जांच सीआईडी असम को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है.
उधर, पुलिस अधीक्षक लीना डोले ने कहा, "हम जूनमोनी राभा को एक युवा ऊर्जावान अधिकारी के रूप में हमेशा याद रखेंगे, जो असम पुलिस के उप निरीक्षक के रूप में सेवा के लिए समर्पित थी."
(गुवाहाटी से सारस्वत कश्यप का इनपुट)
परवेज़ सागर