हायर पेंशन पर नया सर्कुलर... एक्स्ट्रा पेमेंट पर सहमति के लिए मिलेंगे 3 महीने, ये है ऑप्शन चुनने की आखिरी तारीख

नए सर्कुलर में कहा गया है कि पेंशनभोगियों/सदस्यों को पैसा जमा करने और कोष के अंतरण के लिए सहमति देने को लेकर 3 महीने तक का समय मिलेगा. हालांकि, अभी तक इसे लेकर तस्वीर साफ नहीं हो सकी है कि हायर पेंशन का ऑप्शन चुनने पर कैसे अतिरिक्त योगदान का विकल्प काम करेगा और पेमेंट का प्रोसेस क्या होगा.

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हायर पेंशन ऑप्शन को लेकर ईपीएफओ ने जारी किया नया सर्कुलर हायर पेंशन ऑप्शन को लेकर ईपीएफओ ने जारी किया नया सर्कुलर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2023,
  • अपडेटेड 9:36 AM IST

हायर पेंशन (Higher Pension) या उच्च पेंशन को लेकर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से नया सर्कुलर जारी किया गया है. इसके मुताबिक, अंशधारकों और पेंशनभोगियों को अतिरिक्त योगदान या बकाए का भुगतान पर सहमति देने के लिए अब तीन महीने का समय दिया जाएगा. ईपीएफओ की ओर से गुरुवार को ये सर्कुलर जारी किया गया है. इससे पहले, बीते साल नवंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से अंशधारकों को हायर पेंशन का ऑप्शन चुनने के लिए 4 महीने का समय देने के लिए निर्देशित किया था. 

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विकल्प चुनने की डेडलाइन 26 जून
बता दें अंशधारकों को हायर पेंशन का विकल्प देते हुए EPFO ने नियोक्ताओं के साथ संयुक्त विकल्प फॉर्म जारी कर दिया है. इसे भरने के लिए संगठन की ओर से ऑनलाइन सुविधा भी शुरू की गई है. बीते दिनों ही इस विकल्प को चुनने के लिए निर्धारित अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया गया था. इसके तहत Higher Pension ऑप्शन सेलेक्ट करने किए डेडलाइन तीन मई, 2023 थी, जो अब 26 जून, 2023 कर दी गई है. नए सर्कुलर में इस बात को स्पष्ट कर दिया गया है कि एक्सट्रा पेमेंट का निर्धारण क्षेत्रीय अधिकारी करेंगे और जो राशि निर्धारित होगी ब्याज सहित उसके बारे में सूचना हायर पेंशन विकल्प चुनने वाले अंशधारकों को दी जाएगी.

नए सर्कुलर में अभी भी अनसुलझे सवाल
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, नए सर्कुलर में कहा गया है कि पेंशनभोगियों/सदस्यों को पैसा जमा करने और कोष के अंतरण के लिए सहमति देने को लेकर 3 महीने तक का समय मिलेगा. हालांकि, अभी तक इसे लेकर तस्वीर साफ नहीं हो सकी है कि हायर पेंशन का ऑप्शन चुनने पर कैसे अतिरिक्त योगदान का विकल्प काम करेगा और पेमेंट का प्रोसेस क्या होगा. इसके साथ ही इस सवाल का जबाव भी नहीं मिला है कि अगर अधिक राशि मांगे जाने की स्थिति क्या उन्हें हायर पेंशन स्कीम से बाहर होने का विकल्प मिलेगा?

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1.16% का एक्स्ट्रा पेमेंट लिया जाएगा
श्रम मंत्रालय की ओर से मई की शुरुआत में ही ये स्पष्ट कर दिया गया था कि हायर पेंशन का ऑप्शन चुनने वालों के मूल वेतन का 1.16 फीसदी अतिरिक्त योगदान ईपीएफओ की संचालित सामाजिक सुरक्षा योजना में नियोक्ता के योगदान से लिया जाएगा. फिलहाल सरकार कर्मचारी पेंशन योजना (Employee Pension Scheme) में 15,000 रुपये के मूल वेतन की सीमा पर 1.16 फीसदी का योगदान सब्सिडी के रूप में देती है. अभी तक कर्मचारी ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा योजना में 12 फीसदी का योगदान देते हैं, जबकि नियोक्ता के 12 फीसदी योगदान में से 8.33 फीसदी EPS में और 3.67 फीसदी कर्मचारी भविष्य निधि में जाता है.

12 लाख से ज्यादा आवेदन हुए प्राप्त 
बीते दिनों आई पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि EPFO ने 4 नवंबर, 2022 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार पेंशनभोगियों/सदस्यों से विकल्प/संयुक्त विकल्प के सत्यापन के लिए आवेदन प्राप्त करने की व्यवस्था की है. इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई है. हायर पेंशन ऑप्शन चुनने के लिए अब तक 12 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं.

ये कर्मचारी चुन सकते हैं हायर पेंशन ऑप्शन
EPFO की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, जिन कर्मचारियों ने 5,000 रुपये या 6,500 रुपये की तत्कालीन वेतन सीमा से अधिक सैलरी में कॉन्ट्रिब्यूट किया था और EPS-95 के सदस्य होने के दौरान संशोधित योजना के साथ EPS के तहत ऑप्शन चुना था, वह हायर पेंशन के लिए योग्य होंगे. वहीं, योग्य सदस्य को बढ़े हुए लाभ के लिए अपने नियोक्ता के साथ ज्वाइंट रूप से आयुक्त द्वारा निर्धारित आवेदन पत्र और अन्य सभी जरूरी दस्तावेजों जैसे ज्वाइंट घोषणा आदि आवेदन में करना होगा.  

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बता दें नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने  Employees Pension (Amendment) Scheme 2014 को बरकरार रखा था. 22 अगस्त 2014 के ईपीएस संशोधन ने पेंशन योग्य सैलरी कैप को 6,500 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 15,000 रुपए प्रति माह किया गया था. इसके साथ ही मेंबर्स और एम्प्लॉयर्स को EPS में उनके वास्तविक वेतन का 8.33% कॉन्ट्रीब्यूट करने की भी अनुमति दी थी.

 

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