भारतीय प्रॉपर्टी बाजार के लिए साल 2025 अब तक का सबसे शानदार साल रहा है. कोलियर्स इंडिया की नई रिपोर्ट बताती है कि इस साल बड़े निवेशकों ने भारत के प्रॉपर्टी मार्केट में करीब $8.5 बिलियन (करीब 71,000 करोड़ रुपये) लगाए हैं. यह पिछले साल के मुकाबले 29% ज्यादा है. इस बड़ी कामयाबी के पीछे सबसे बड़ा हाथ साल के आखिरी तीन महीनों (अक्टूबर से दिसंबर) का रहा. सिर्फ इन तीन महीनों में ही $4.2 बिलियन का निवेश हुआ, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है, इससे पहले किसी भी एक तिमाही में इतना पैसा कभी नहीं लगाया गया था.
पूंजी निवेश का यह नया रिकॉर्ड ऐसे समय में बना है, जब दुनिया भर की अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है और देशों के बीच टैक्स को लेकर चल रही बातचीत के बावजूद व्यापार पटरी पर लौटता दिख रहा है. इसके साथ ही, भारत के तेजी से बढ़ने के भरोसे और निवेश के नए-नए मौकों ने दुनिया भर के बड़े निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है.
शहरों की बात करें तो बेंगलुरु और मुंबई निवेशकों के सबसे बड़े ठिकाने रहे. साल 2025 में हुए कुल निवेश का करीब आधा हिस्सा इन्हीं दो शहरों में आया. बेंगलुरु में $2.2 बिलियन और मुंबई में $1.8 बिलियन का निवेश हुआ। इन दोनों शहरों में जितना पैसा आया, उसका तीन-तिहाई हिस्सा सिर्फ ऑफिस मार्केट में लगा.
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कौन लगा रहा है इतना पैसा?
साल 2025 में भारतीय रियल एस्टेट में पैसा लगाने के मामले में हमारे अपने देश के निवेशक सबसे आगे रहे, उन्होंने पिछले साल के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा, यानी लगभग $4.8 बिलियन का निवेश किया. कुल निवेश में उनकी हिस्सेदारी 57 प्रतिशत रही, इसकी बड़ी वजह यह है कि अब भारतीय निवेशकों को प्रॉपर्टी मार्केट पर भरोसा बढ़ रहा है, क्योंकि यहां बेहतर प्रोजेक्ट्स मिल रहे हैं, रिटर्न अच्छा है और कामकाज में पारदर्शिता आई है.
दूसरी तरफ, विदेशी निवेशकों ने इस साल थोड़ा कम पैसा लगाया, उनका निवेश 16 प्रतिशत घटकर $3.7 बिलियन रह गया. हालांकि, साल के आखिरी तीन महीनों में विदेशी निवेश में भी सुधार दिखा है, जिससे संकेत मिलता है कि ग्लोबल लेवल पर निवेशकों का मूड अब फिर से बदल रहा है और वे भारत की ओर देख रहे हैं.
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सबसे ज्यादा पैसा कहां लगा?
कोलियर्स इंडिया के सीईओ बादल याग्निक का कहना है कि साल भर सबसे ज्यादा निवेश ऑफिस स्पेस में हुआ, जो कुल पैसे का 54 प्रतिशत था. इसके बाद लोगों ने रहने वाले घरों और बड़े गोदामों (Warehousing) में दिलचस्पी दिखाई. आने वाले समय में यह निवेश और बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत है और देशी-विदेशी दोनों ही निवेशक अब ज्यादा पैसा लगाने को तैयार हैं.
साल 2025 में भारतीय ऑफिस मार्केट में निवेश की जबरदस्त बाढ़ देखने को मिली. दफ्तरों के लिए बनी बिल्डिंग्स में करीब $4.5 बिलियन का निवेश हुआ, जो 2024 के मुकाबले लगभग दोगुना है. कमाल की बात यह है कि साल भर में जितना पैसा लगा, उसका करीब दो-तिहाई हिस्सा तो सिर्फ आखिरी तीन महीनों में ही आ गया. इसकी वजह यह रही कि देशभर के बड़े शहरों में शानदार और प्रीमियम ऑफिस स्पेस की मांग बहुत ज्यादा रही.
ऑफिस के बाद घरों (Residential) का नंबर आया. इस सेक्टर में $1.6 बिलियन का निवेश हुआ, जो पिछले साल के मुकाबले 36 प्रतिशत ज्यादा है. कुल निवेश में घरों की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत रही. इसके अलावा दुकानों (Retail), मिली-जुली इमारतों और दूसरे विकल्पों में भी निवेशकों ने करीब $1.5 बिलियन लगाए.
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