तपती गर्मियों और झुलसा देने वाली उमस के मौसम में, जब घर भट्टी की तरह तपने लगता है, तो सबसे पहले हमारा हाथ एसी के रिमोट पर जाता है. लेकिन जैसे ही महीने के आखिर में बिजली का बिल आता है, तो अच्छे-भलों के पसीने छूट जाते हैं.
अक्सर हम मान लेते हैं कि बिल ज्यादा आने की वजह पुराना एसी या खराब वायरिंग है, जबकि असली खेल तो घर के नक्शे और खिड़कियों की दिशा में छिपा होता है. नया घर चुनते समय खिड़कियों का सही एंगल न सिर्फ कमरे को कुदरती तौर पर ठंडा रखता है, बल्कि आपके कूलिंग के खर्च को भी कम करने की ताकत रखता है. तो चलिए जानते हैं कि खिड़कियों की कौन सी दिशा आपके बिजली बिल पर कितना असर डालती है.
पश्चिम की खिड़कियां जेब पर पड़ती हैं भारी
अगर आप नया घर देख रहे हैं और वहां बड़ी-बड़ी खिड़कियां पश्चिम यानी वेस्ट दिशा में हैं, तो थोड़ा संभल जाने की जरूरत है. गर्मियों के दिनों में दोपहर के बाद की सबसे तीखी और चुभने वाली धूप इसी दिशा से आती है. इस तरफ खिड़कियां होने का मतलब है कि शाम होते-होते आपका घर बुरी तरह तपने लगेगा. जब सूरज ढल रहा होता है, तब ये खिड़कियां इतनी गर्मी सोख लेती हैं कि एसी को कमरे को ठंडा करने के लिए घंटों एक्स्ट्रा मशक्कत करनी पड़ती है, जिसका सीधा असर आपके बैंक बैलेंस पर पड़ता है. अगर मजबूरी में ऐसी खिड़की वाला घर ले भी लिया है, तो फिर मोटे 'ब्लैकआउट' पर्दों पर निवेश करना ही एकमात्र विकल्प रह जाता है.
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दक्षिण वाली खिड़कियों से दिन भर आती है गर्मी
ठीक इसी तरह दक्षिण यानी साउथ दिशा की खिड़कियां भी बिजली बिल बढ़ाने का पूरा इंतजाम कर देती हैं. इस तरफ की खिड़कियों पर दिन भर सीधी धूप पड़ती है, जो घर के अंदरूनी तापमान को लगातार ऊंचा बनाए रखती है. बिना किसी सनशेड या छज्जे के ये खिड़कियां गर्मियों में आपके एसी को कभी चैन की सांस नहीं लेने देंगी. इसलिए नया फ्लैट या मकान फाइनल करने से पहले यह जरूर देख लेना चाहिए कि साउथ की तरफ कांच का काम कम से कम हो, ताकि घर का तापमान आपके कंट्रोल में रहे.
उत्तर और पूर्व की दिशा है सबसे ठंडी और किफायती
किफायती और ठंडे घर की तलाश उत्तर और पूर्व दिशा की खिड़कियों पर जाकर खत्म होती है. उत्तर दिशा की खिड़कियों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां से सीधी और चुभने वाली धूप कभी नहीं आती. इससे घर में रोशनी तो भरपूर रहती है पर तपिश का नामोनिशान नहीं होता. वहीं, पूर्व दिशा वाली खिड़कियों से सिर्फ सुबह की हल्की और सुखद धूप आती है, जो दोपहर होते-होते अपना रुख बदल लेती है. ऐसे घरों में शाम तक कमरा ठंडा बना रहता है और भारी गर्मी में भी एसी चलाने की बहुत कम जरूरत महसूस होती है.
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हवा के आर-पार जाने का सही रास्ता
घर खरीदते समय सिर्फ दिशा ही नहीं, बल्कि क्रॉस वेंटिलेशन का गणित भी समझना जरूरी है. अगर खिड़कियां आमने-सामने वाली दीवारों पर हों, तो हवा का बहाव कुदरती तौर पर बना रहता है. इससे फायदा यह होता है कि सूरज ढलते ही बाहर की ठंडी हवा घर के भीतर की गर्म हवा को धक्का मारकर बाहर निकाल देती है. ऐसे घरों में रात के वक्त एसी चलाने के बजाय सिर्फ पंखे से भी सुकून की नींद ली जा सकती है. साफ है कि खिड़कियां अगर सही जगह पर हों, तो घर में सुकून की ठंडक भी रहेगी और बजट भी नहीं बिगड़ेगा.
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