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होम लोन का प्री-पेमेंट...ना बाबा ना! इन ट्रिक्स से उठाएं डबल फायदा

अमित कुमार दुबे
  • 03 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 3:45 PM IST
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अगर आपने होम लोन लिया हुआ है और उससे जल्द-से-जल्द चुकाना चाहते हैं तो इस खबर को जरूर पढ़ें. उम्मीद है कि इस खबर को पढ़कर आप खुद तय कर लेंगे कि होम लोन का प्री-पेमेंट के ऑप्शन को चुना जाए या फिर इसके बदले निवेश के रास्ते पर चला जाए. (Photo: getty)

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दरअसल हर कोई जल्द-से-जल्द कर्ज से छुटकारा पाना चाहता है. इसलिए कई बार लोग होम लोन को जल्द खत्म करने के लिए प्री-पेमेंट जैसे ऑप्शन को अपनाते हैं. लेकिन अगर आप थोड़ी-सी होशियारी से आंकड़ों पर गौर करेंगे तो आप कभी भी होम लोन को समय से पहले चुकाने की बात नहीं करेंगे. (Photo: getty)


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ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि लोग, खासकर वेतनभोगी तबका हमेशा लोन अकाउंट बंद करने के लिए तैयार बैठा रहता है. जैसे ही उनके पास पुराने निवेश से रिटर्न या फिर कहीं से मोटी रकम आ जाती है तो वो इसे होम लोन को जल्द खत्म करने के लिए लोन खाते में डाल देते हैं. लेकिन अगर आप प्री-पेमेंट की बजाय निवेश के रास्ते को चुनेंगे तो फायदे में रहेंगे. (Photo: getty)

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ऐसी स्थिति में प्री-पेमेंट करें: अगर होम लोन को लेकर बहुत ज्यादा तनाव में हैं तो फिर आखिरी रास्ते के तौर पर ही प्री-पेमेंट को चुनना चाहिए. क्योंकि प्री-पेमेंट एक तरह से घाटे का सौदा है. लेकिन अगर आपको लगता है कि सबसे पहले होम लोन को ही खत्म करना है तो फिर आप अतिरिक्त रकम जमाकर होम लोन की ईएमआई को कम करा सकते हैं और फिर उसे वक्त से पहले खत्म भी कर सकते हैं. (Photo: getty)

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होम लोन के फायदे: होम लोन के प्री-पेमेंट को लेकर कभी भी जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें. तनाव के बारे में भी इस तरीके से सोचना चाहिए कि क्या यह केवल आपके अंदर का भय है, जिसका कोई अस्तित्व नहीं होता. इस डर को निकाल दें कि कल नौकरी रहेगी या नहीं, और फिर शांत दिमाग से इसके बदले बेहतर निवेश के रास्ते को चुनें. खासकर म्यूचुअल फंड में लॉन्ग टर्म के लिए निवेश कर सकते हैं.

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होम लोन पर टैक्स छूट: होम लोन से टैक्स छूट की बड़ी राहत मिलती है. पहला ब्याज के ऊपर और दूसरा प्रिंसिपल अमाउंट पर. होम लोन के ब्याज पर आयकर अधिनियम की धारा 24बी के तहत 2 लाख रुपये तक की छूट और प्रिंसिपल पर धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये की छूट मिलती है. आपके प्रिंसिपल बेनिफिट का फायदा धरा 80सी में 1.5 लाख रुपए डबल हो जाती है. यही नहीं, अगर पति-पत्नी दोनों ने साथ होम लोन लिया है तो दोनों को इसका फायदा मिलेगा. (Photo: getty)

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निवेश का रास्ता अपनाएं: बेहद आसान तरीके से लोन की किस्त के 10 फीसदी के बराबर एक सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू करके आप अपना पूरा ईएमआई रिकवर कर सकते हैं. इसके लिए आपको बेहतर बेहतर म्यूचुअल फंड्स का चयन करना होगा. (Photo: getty)

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उदाहरण के तौर पर अगर आपने 20 साल के लिए 50 लाख रुपये का होम लोन लिया है, और उस पर करीब सालाना 8.70 ब्याज दर वसूला जा रहा है. इस हिसाब से आपकी ईएमआई हर महीने 44,026 रुपये की होगी.

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आपको 50 लाख रुपये के लोन पर हर महीने EMI 44,026 रुपये चुकाने होंगे. अब आप ईएमआई की 10 फीसदी रकम यानी 4400 रुपये हर महीने म्यूचुअल फंड में 20 साल के लिए निवेश करें. (Photo: getty)

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आप 20 साल में होम लोन का भुगतान कुल 10,566,275 रुपये करेंगे. जबकि इस 20 साल में ही आपको 4400 रुपये हर महीने SIP पर 66,70,202 रुपये रिटर्न मिलेंगे. SIP पर 15% सालाना ब्याज दर को मानकर चलना पड़ेगा. इसके लिए बेहतर म्यूचुअल फंड को चुनने की जरूरत होगी, कुछ म्यूचुअल फंड्स ने तो इससे भी बेहतर रिजल्ट दिए हैं.

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आपने 20 साल में होम लोन पर कुल 55,66,275 रुपये ब्याज के तौर पर भुगतान किया. जबकि आपको इन 20 सालों में SIP के निवेश पर कुल 56,14,202 रुपये का ब्याज मिला. यानी 4400 रुपये हर महीने निवेश कर होम लोन पर लगे कुल ब्याज के बराबर की रकम को आप जमा कर सकते हैं.  (Photo: getty)

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एक और आंकड़ों में देखें, 20 साल में होम लोन पर ब्याज के तौर पर आपने 55,66,275 रुपये चुकाया. जबकि 4400 महीने के हिसाब से 20 साल में आपने SIP में महज 10,56,000 रुपये का निवेश किया, यानी ईएमआई का महज 10वां हिस्सा निवेश कर आप उतने ही समय में होम लोन से ज्यादा की रकम को निवेश से जोड़ सकते हैं. हालांकि म्यूचुअल फंड्स एसआईपी के रिटर्न्स शेयर बाजार के रिटर्न के इतिहास को देखकर आंका गया है. इसलिए होम लोन का प्री-पेमेंट करने में जल्दबाजी बिल्कुल नहीं दिखाएं.

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