लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार लगातार मध्यम वर्ग के लोगों को राहत देने वाले फैसले ले रही है. सरकार की ओर से अंतरिम बजट में 5 लाख तक की कमाई करने वाले लोगों को टैक्स छूट का ऐलान किया गया तो वहीं अब जीएसटी की दरों में कटौती कर घर का सपना देख रहे लोगों को राहत दी गई है. आम लोगों को सस्ते घर का तोहफा 1 अप्रैल से मिलने वाला है. आज हम इस रिपोर्ट में बताएंगे कि कैसे और किन शहरों में 1 अप्रैल के बाद घर खरीदने का फायदा मिलेगा.
दरअसल, रविवार को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) काउंसिल की बैठक हुई. इस बैठक में निर्माणाधीन परियोजनाओं में मकानों पर जीएसटी की दर 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई. बता दें कि वर्तमान में निर्माणाधीन या ऐसे तैयार मकान जिनके लिए काम पूरा होने का प्रमाणपत्र (कंप्लीशन सर्टिफिकेट) नहीं मिला हो, उन पर खरीदारों को 12 फीसदी की दर से जीएसटी देना पड़ता है.
इसके साथ ही किफायती दर के मकानों पर भी जीएसटी दर को 8 फीसदी से घटाकर 1 फीसदी करने का फैसला किया गया है. इसके अलावा किफायती दर की परिभाषा को भी उदार बनाया गया है. नई परिभाषा के तहत बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई जैसे मेट्रो शहरों
60 वर्ग मीटर और 45 लाख के अपार्टमेंट किफायती दर के मकान की श्रेणी में आएंगे.आसान भाषा में समझें तो इन शहरों में घर खरीदना पहले के मुकाबले अब सस्ता होगा.
इसी तरह छोटे-मझोले शहरों में 90 वर्ग मीटर तक के मकानों को इस श्रेणी का माना जाएगा. मतलब ये कि इन दोनों कैटेगरी के मकानों पर अब सिर्फ 1 फीसदी जीएसटी लगेगा. जीएसटी की ये दरें एक अप्रैल, 2019 से लागू होंगी.