अमेरिका के वेनेजुएला (US Vs Venezuela) में चलाए गए सैन्य अभियान और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो, उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी की खबर ने दुनिया में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है. Nicolas Maduro के सत्ता से बेदखल होने और अमेरिका की ओर से वेनेजुएला के ऑयल सेक्टर में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप के बयानों ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भी उथल-पुथल मचा दी है.
Venezuela में दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार बताया जाता है और इस पर US के दांव ने इस बात को लेकर अलग-अलग चर्चाओं को जन्म दिया है कि Oil Price में होने वाले बदलावों का अमेरिका पर क्या असर होगा? एक्सपर्ट की मानें, तो ये अमेरिका के लिए फायदा, जबकि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए झटका देने वाला साबित होगा.
अमेरिकी निवेशक ने कही बड़ी बात
Venezuela Oil Reserve पर डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका द्वारा लगाए गए दांव के फायदे और नुकसान को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं. अमेरिकी निवेशक और पर्शिंग स्क्वायर के सीईओ बिल एकमैन (Bill Ackman) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर एक पोस्ट शेयर कर अपनी राय रखी है और वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के प्रभावों को सीधे वैश्विक तेल की कीमतों (Global Crude Oil Price) और भू-राजनीतिक परिणामों से जोड़ा है.
एकमैन ने अपने X पोस्ट में लिखा, 'वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को सत्ता से हटाने से तेल की कीमतें गिरेंगी, जो अमेरिका के लिए एक अच्छी खबर साबित होगी.' अपनी पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा कि जहां ये US के लिए गुड न्यूज है, तो वहीं रूस के लिए बेहद बुरी और झटका देने वाली है. उन्होंने बताया कि रूस की अर्थव्यवस्था (Russian Economy) तेल की कीमतों में गिरावट के बाद कमजोर हो सकती है और इससे यूक्रेन में युद्ध के जल्द और यूक्रेन के लिए अधिक अनुकूल शर्तों पर समाप्त होने की संभावना बढ़ जाएगी.
रूसी तेल की डिमांड कम होने का खतरा!
बता दें कि रूस की भी तेल-गैस निर्यात पर बहुत निर्भरता है. अमेरिकी हस्तक्षेप के पाद वेनेजुएला का तेल उत्पादन बढ़ा तो वैश्विक सप्लाई बढ़ेगी और क्रूड ऑयल की कीमतें गिरेंगी या फिर सीमित रह सकती है. ऐसे में रूस की कमाई घटेगी और उसे नुकसान उठाना पड़ेगा. अभी रूस कई तरह की छूट देकर अपना तेल बेच रहा है और Russian Oil की डिमांड अमेरिका के इस कदम से कम हो सकती है. रूसी तेल की मांग कम हो सकती है.
ये एक्सपर्ट बोले- 'नहीं, ऐसा नहीं...'
हालांकि, बिल एकमैन के इस विचार पर अमेरिकी बायोकेमिस्ट क्रिस मार्टेंसन ने अलग बात कही और और चेतावनी दी है कि सस्ते तेल से America को नुकसान हो सकता है. उन्होंने तर्क देते हुए बताया कि शेल बेसिन पहले से ही इन कीमतों पर संघर्ष कर रहे हैं. कीमतों में और गिरावट आने से नुकसान होगा और यह अमेरिकी समृद्धि के लिए बुरा है.
बता दें कि अमेरिकी शेल ऑयल का प्रमुख बेंचमार्क, WTI (वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट), फिलहाल में 57-60 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है. मार्टेंसन ने बताया कि अधिकांश नए शेल ड्रिलिंग तभी स्पष्ट रूप से फायदेमंद होते हैं, जब कीमतें काफी अधिक हों. उन्होंने बताया कि कई ऑयल प्रोड्यूशर्स का कहना है कि नई गतिविधियों को उचित ठहराने के लिए उन्हें लगभग 65 डॉलर से अधिक कीमतों की आवश्यकता है.
303 अरब बैरल का तेल भंडार
बता दें कि एक्सपर्ट्स की ये टिप्पणियां वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य अभियान के कुछ घंटों बाद ही आईं. बता दें कि वेनेजुएला में दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल भंडार (World Biggest Crude Oil Reserve) है, जिसका अनुमान लगभग 303 अरब बैरल है. मौजूदा कीमतों (लगभग 57 डॉलर प्रति बैरल) पर भी इस तेल भंडार का मूल्य लगभग 17.3 ट्रिलियन डॉलर है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ऐलान करते हुए कहा है कि वाशिंगटन वेनेजुएला के तेल उद्योग में बहुत मजबूती से शामिल होगा, जो देश की ऊर्जा संपत्तियों के प्रति US Policy में एक निर्णायक बदलाव का संकेत है.
US कंपनियों की वेनेजुएला में एंट्री
शनिवार को Donald Trump ने कहा कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला में प्रवेश करेंगी, देश के बुरी तरह से क्षतिग्रस्त ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के लिए अरबों डॉलर का निवेश किया जाएगा और बड़े पैमाने पर उत्पादन फिर से शुरू होगा. ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि, 'हमारी बहुत बड़ी या दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियां वहां जाएंगी और अरबों डॉलर खर्च करेंगी, इसके साथ ही देश के लिए मुनाफा कमाना शुरू कर देंगी. हम तेल के कारोबार में हैं.' राष्ट्रपति के मुताबिक, भविष्य में तेल की बिक्री से होने वाली इनकम (Oil Sale Income) का उपयोग अमेरिकी खर्चों की भरपाई के लिए होगा. जमीन से निकलने वाला पैसा बहुत अधिक है, हम जो भी खर्च करेंगे उसकी भरपाई हमें मिलेगी.
आजतक बिजनेस डेस्क