Tata Group के एक शेयर में मंगलवार को तगड़ी गिरावट देखने को मिली. टाटा का ये शेयर 8 फीसदी से ज्यादा टूटकर बंद हुए, क्योंकि कंपनी के दिसंबर तिमाही के अपडेट विश्लेषकों को प्रभावित करने लायक नहीं थे. यह शेयर टाटा ट्रेंट है, जो 8.46 फीसदी टूटकर 4055 रुपये पर बंद हुआ.
खुदरा निवेशकों के पास टाटा समूह की इस कंपनी में 14.27 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जिसका मूल्य 20,793 करोड़ रुपये था. शेयर में 8.46 प्रतिशत की गिरावट आई और यह दिन के दौरान 4,060.65 रुपये प्रति शेयर के निचले स्तर पर पहुंच गया. छोटे निवेशकों को आज होल्डिंग्स पर करीब 1,676 करोड़ रुपये का सांकेतिक नुकसान हुआ, जबकि सोमवार के बंद भाव पर इसका प्राइस 22,470 करोड़ रुपये था. आज की गिरावट के साथ शेयर पिछले एक साल में 41 प्रतिशत नीचे आ चुका है.
मोतीलाल ओसवाल का क्या अनुमान
मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि राजस्व वृद्धि में तेजी की उम्मीदों के चलते पिछले कुछ दिनों में ट्रेंट के शेयर की कीमत में उछाल आया है. उम्मीद से कमजोर आंकड़े हालिया शेयर प्राइस में हुई रिकवरी पर असर डाल सकते हैं, क्योंकि निकट भविष्य में आय अनुमानों में गिरावट जारी रहने की संभावना है.
ट्रेंट ने बताया कि उसकी स्टैंडअलोन आय में सालाना आधार पर 17 फीसदी की ग्रोथ हुई है और यह बढ़कर 5220 करोड़ रुपये हो गई है. तीसरी तिमाही में कंपनी ने जुडियो के 48 और वेस्टसाइड के 17 नए स्टोर खोले, जिससे कुल स्टोरों की संख्या 854 और 278 हो गई.
तेजी से होगा विस्तार
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का कहना है कि वेस्टसाइड ट्रेंट के लिए एक प्रमुख फोकस क्षेत्र हो सकता है, क्योंकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के पहले तिमाही में 30 स्टोर जोड़े हैं, जबकि पिछले तीन वर्षों में सालाना 14-18 स्टोर ही जोड़े गए थे. हमारा मानना है कि वेस्टसाइड में स्टोरों का तेजी से विस्तार आने वाली तिमाहियों में राजस्व में योगदान देगा.
ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि हमारे विचार में वैल्यू फैशन कैटेगरी में मंदी के बावजूद, बेहतर स्टोर अनुभव और संचालन के अनुशासित विस्तार के कारण ट्रेंट अपने कम्पिटिटर से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. हालांकि, हाई कस्टमर्स बेस और प्रतिकूल मांग की स्थितियों के कारण विकास की प्रवृत्ति में मंदी आने की संभावना है.
एंटीक ने वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2028 के लिए अपने EBITDA अनुमानों में 3-6 प्रतिशत की कटौती की है, लेकिन ट्रेंट पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है क्योंकि उसका मानना है कि कंपनी मध्यम से लंबी अवधि में प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक वातावरण से निपटने के लिए अच्छी स्थिति में है.
टारगेट घटाया
ब्रोकरेज फर्म ने इस शेयर पर टारगेट कम कर दिया है. इसने शेयर के लिए पहले के 6,650 रुपये के मुकाबले 5,700 रुपये का रिवाइज्ड टारगेट दिया है. एचडीएफसी इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि लगभग 50 प्रतिशत की कीमत गिरावट के बाद, जोखिम-लाभ अनुकूल होने के कारण अब निवेश में बदलाव का समय आ गया है. इस ब्रोकरेज फर्म ने ट्रेंट को 'ऐड' रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस 4,700 रुपये प्रति शेयर तय किया है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क