Byju's Crisis: जिसने खड़ी की अरबों की कंपनी... अब उसे ही बाहर निकालने की तैयारी!

Byju's में जारी संकट के बीच आयोजित आम सभा में बड़े शेयर होल्डर Prosus ने कहा है कि आम बैठक (EGM) में, शेयरधारकों ने वोट के लिए रखे गए सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया. इसमें सीईओ बायजू रविंद्रन और उनकी फैमिली को बाहर निकालने का प्रस्ताव भी शामिल है.

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नकदी संकट से जूझ रहे बायजूस में मचा है घमासान नकदी संकट से जूझ रहे बायजूस में मचा है घमासान

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 10:47 AM IST

देश का सबसे बड़े एडटेक स्टार्टअप बायजूस (Byju's) का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. नकदी संकट से जूझती कंपनी में मचा घमासान अब किस कदर बढ़ गया है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस शख्स ने इसकी शुरुआत की और कंपनी को अरब डॉलर की फर्म बनाकर बुलंदियों पर पहुंचाया, उस CEO बायजू रविंद्रन (Byju Raveendran) को ही अब कंपनी से बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी की जा रही है. आइए जानते हैं क्या चल रहा है बायजूस में...  

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इन कारणों से लिया गया है फैसला!
Byju's में संकट के बीच शुक्रवार को कंपनी के शेयरहोल्डर्स ने मिस-मैनेजमेंट और फेलियर्स को लेकर एक EGM बुलाई और इसमें खास बात ये रही कि Investors Prosus, General Atlantic और Peak XV जैसे बड़े शेयरहहोल्डर्स ने कंपनी के फाउंडर बायजू रवींद्रन और उनके परिवार के सदस्यों को बाहर निकलने का प्रस्ताव पर अपनी मंजूरी दे दी. 

रविंद्रन और उनके परिवार के खिलाफ वोट
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, Prosus के प्रवक्ता की ओर कहा गया कि आज की असाधारण आम बैठक में, शेयरधारकों ने वोट के लिए रखे गए सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया. इनमें BYJU's में विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए फाउंडर बायजू रवींद्रन को सीईओ पद से हटाने सहित सभी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. कंपनी के प्रमुख निवेशकों ने यह ईजीएम बुलाई थी, उन्होंने कंपनी के निदेशक मंडल को बदलने और बैजू रवींद्रन की पत्नी और कंपनी की सह-संस्थापक दिव्या गोकुलनाथ तथा उनके भाई ऋजु रवींद्रन को बोर्ड से हटाने के प्रस्ताव को भी पारित कर दिया.

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NCLT में भी कराया मुकदमा दायर
इस ईजीएम में बायजू रविंद्रन और उनके परिवार को कोई भी सदस्य शामिल नहीं हुआ. इन्वेस्टर प्रोसस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि शेयरहोल्डर्स और बड़े इन्वेस्टर्स के रूप में हम बैठक की वैधता और इसमें लिए गए फैसलों पर अपनी स्थिति को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं, जिसे हम अब उचित प्रक्रिया के अनुसार कर्नाटक उच्च न्यायालय (Karnataka High Court) में पेश करेंगे. गौरतलब है कि इससे पहले एडटेक फर्म बायजू के 4 निवेशकों ने एनसीएलटी (NCLT) में मिस मैनेजमेंट के संबंध में मुकदमा दायर किया है और इसमें रवींद्रन को निदेशक मंडल से हटाने की मांग की गई.

2011 में रखी थी बायजूस की नींव
Byju's EGM में कंपनी के 60 फीसदी से ज्यादा शेयरहोल्डर्स ने कंपनी के फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों को कंपनी के बोर्ड से हटाने के प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया. यहां बता दें कि निवेशक फर्म प्रोसस ने कंपनी का मूल्यांकन भी 22 अरब डॉलर से घटाकर 5.1 अरब डॉलर कर दिया है. बायजूस की स्थापना 2011 में बायजू रवींद्रन और उनकी पत्नी दिव्या गोकुलनाथ ने की थी. देखते ही देखते बायजूस एक लर्निंग ऐप के तौर पर मशहूर हो गई.

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रवींद्रन ने खुद इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. उसके बाद उन्होंने 2006 में छात्रों को गणित की कोचिंग देना शुरू किया. साल 2015 में Byju's लर्निंग ऐप लॉन्च किया. यह स्टार्टअप अगले 4 साल में यूनिकॉर्न हो गया. सबसे बड़ी उछाल कोरोना काल में जब स्कूल और कोचिंग बंद हुए तब देखने को मिला.

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