केंद्रीय वित्त मंत्री से लगातार आयकर में राहत देने की मांग की जा रही है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) एक फरवरी को 2023-24 का बजट पेश करेंगी. यह इस सरकार का अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले आखिरी पूर्ण बजट है. ऐसे में मध्यवर्गीय परिवार को उम्मीद है कि इस बार वित्त मंत्री के पिटारे में टैक्स छूट का तोहफा होगा. कुछ लोग 80C का दायरा बढ़ाकर 2 लाख रुपये तक करने की मांग कर रहे हैं.
इससे पहले साल 2020-21 के लिए केंद्रीय बजट पेश करते समय, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई रियायती आयकर व्यवस्था की घोषणा की थी, जिसमें कर की कम दरें पेश की गई थीं. नई व्यवस्था के तहत, 0-2.50 लाख रुपये तक की आमदनी पर पूरी तरह से आयकर छूट है. 2.50-5 लाख रुपये तक आय पर 5 फीसदी टैक्स का प्रावधान है. 5 से 7.50 लाख रुपये तक आमदनी वालों को अब 10 फीसदी टैक्स देना होगा, जिनकी आमदनी 7.50 लाख से 10 लाख रुपये तक है, उन्हें अब 15 फीसदी टैक्स होना होगा. 10 से 12.50 लाख रुपये तक आमदनी वालों को 20 फीसदी टैक्स देना पड़ेगा. 12.50 लाख से 15 लाख रुपये की आमदनी वालों को 25 फीसदी टैक्स देना होगा. वहीं जिनकी आमदमी 15 लाख रुपये से ज्यादा है, ऐसे लोगों को 30 फीसदी टैक्स देना होगा.
नया आयकर स्लैब (New Tax Slab):
0 से 2.5 लाख तक- 0%
2.5 से 5 लाख तक- 5%
5 लाख से 7.5 लाख तक-10%
7.50 लाख से 10 लाख तक- 15%
10 लाख से 12.50 लाख तक- 20%
12.50 लाख से 15 लाख- 25%
15 लाख ऊपर आमदनी पर- 30 फीसदी
पुराना इनकम टैक्स स्लैब (Old Tax Slab)
2.5 लाख तक- 0%
2.5 लाख से 5 लाख तक- 5%
5 लाख से 10 लाख तक- 20%
10 लाख से ऊपर- 30%
ओल्ड टैक्स स्लैब में 5 लाख तक की आय पर किसी तरह का टैक्स नहीं देना होता है, इसमें इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 80 के तहत डेढ़ लाख रुपए निवेश पर कर से छूट भी मिलती है. यानी इस टैक्स स्लैब में टैक्सपेयर को 6.50 लाख तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता.
पुराने टैक्स स्लैब के फायदे
पुराने टैक्स स्लैब के हिसाब से ढाई लाख रुपये तक की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता. ढाई लाख से पांच लाख तक की आमदनी पर 5 फीसद का टैक्स लगता है, लेकिन सरकार इस पर 12,500 की छूट देती है. जिसके बाद पुराने टैक्स स्लैब में 5 लाख तक की आमदनी पर टैक्स नहीं देना पड़ता है.
अगर आयकर नियमों की बात करें तो उस हिसाब से 5 लाख तक अगर आपकी सालाना कमाई है तो आपका टैक्स 12,500 रुपये बनता है, लेकिन सेक्शन 87A के तहत रिबेट मिल जाने से 5 लाख वाले स्लैब में आयकर भुगतान की दावेदारी जीरो हो जाती है.
टैक्स सरकारी कमाई का जरिया
गौरतलब है कि टैक्स से सरकार की सबसे बड़ी कमाई होती है, लेकिन सरकार कर लगाने के साथ ही नागरिकों को इस बात की भी पूरी सुविधा देती है कि वह कानूनी तौर-तरीकों का इस्तेमाल कर अपना टैक्स बचा सकें. इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 80C के तहत आप डेढ़ लाख का निवेश कर अपना टैक्स बचा सकते हैं.अगर आप नेशनल पेंशन स्कीम में 50,000 तक निवेश करते हैं तो सेक्शन 80CCD के तहत आपको इनकम टैक्स में 50,000 रुपये की अतिरिक्त छूट मिलती है.
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