केंद्र की मोदी सरकार 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश कर दिया. वैसे मोदी सरकार इससे पहले अपने कार्यकाल के 5 बजट पेश कर चुकी है. सरकार ने 2014 में अपना सबसे पहला बजट पेश किया था. जिसमें जनधन, सुकन्या समृद्धि, नमामि गंगे और मुद्रा योजनाओं का जिक्र किया गया था. अंतरिम बजट से पहले हम आपके के लिए मोदी सरकार की 10 ऐसी योजनाएं लेकर आए हैं, जो पिछली सरकार से बिल्कुल अलग है और एक तरह से इन योजनाओं का लाभ बड़े पैमाने पर लोगों को मिला. यही नहीं, सकार की मानें तो इन जनहित योजनाओं से आम आदमी की जिंदगी बदल गई.
1. आयुष्मान भारत
मोदी सरकार 'आयुष्मान भारत योजना' को एक बड़ी उपलब्धि बता रही है. इस योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले साल 25 सितंबर लॉन्च की गई थी. इस स्कीम के तहत 100 दिन के भीतर 6 लाख से ज्यादा मरीजों को लाभ मिला है. इस उपलब्धि की दुनियाभर में तारीफ हो रही है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के डायरेक्टर जनरल ने इसे मोदी सरकार की शानदार उपलब्धि करार दिया है. वहीं दुनिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स बिल गेट्स भी मुरीद हो गए हैं. उन्होंने इस सफलता के लिए मोदी सरकार को बधाई भी दी है. आयुष्मान भारत योजना को जन आरोग्य योजना के नाम से भी पुकारा जाता है. अरुण जेटली द्वारा वित्त वर्ष 2018-19 के आम बजट में इस योजना का ऐलान किया था. नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा महत्वाकांक्षी योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे (BPL) आने वाले परिवारों को 5 लाख रुपये तक का नकदी रहित (कैशलेस) स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाना है. सरकार की मानें तो देश में 10 करोड़ परिवारों के 50 करोड़ सदस्यों को इस योजना का लाभ मिलेगा. पीएम मोदी ने कहा कि 1300 गंभीर बीमारियों का इलाज सरकारी ही नहीं निजी अस्पताल में होगा.
2. सुकन्या समृद्धि योजना
केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 के अपने बजट भाषण में कहा था कि जनवरी, 2015 में शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना काफी सफल रही है. उन्होंने बताया कि नवंबर, 2017 तक देशभर में छोटी लड़कियों के नाम पर 1.26 करोड़ खाते खोले गए थे. इन खातों में 19,183 करोड़ रुपये जमा हुए थे. इस योजना एक तरह से गरीब परिवारों ने हाथो-हाथ लिया, अपनी लाडली की भविष्य के लिए इस योजना लोग आज भी जुड़ रहे हैं. सरकार की मानें तो 10 साल से कम उम्र की बच्ची के लिए उच्च शिक्षा और शादी के लिए बचत करने के लिहाज से सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) एक बेहतरीन निवेश योजना है. इस योजना को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ स्कीम के तहत लांच किया गया है. कोई भी अपनी 10 साल से कम उम्र की बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) के तहत महज 250 रुपये जमाकर अकाउंट खुलला सकता है. इसमें साल भर के अंदर अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा कराये जा सकते हैं. सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.5 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता है और ब्याज से हुई आय पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है.
3. उज्ज्वला योजना
5. जनधन योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को जनधन योजना की घोषणा की थी, और 28 अगस्त 2014 को इसका शुभारंभ किया गया था. इस योजना को लेकर सरकार का उद्देश्य है कि देशभर में सभी परिवारों को बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराई जाएं. सरकार की इस योजना को आम आदमी ने हाथो-हाथ लिया. दिसबंर 2018 तक देश में 32 करोड़ से ज्यादा जनधन खाते खुले चुके हैं. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जीरो बैलेंस खाते हैं. PMJDY के अंतर्गत खुले खाते पर धारक 6 महीने के बाद 10,000 रुपये तक की राशि लोन के तौर पर भी ले सकते हैं.
6. उजाला योजना
अंधरे से उजाला की ओर देश को ले जाना एक बड़ी चुनौती थी. क्योंकि बढ़ती आबादी के साथ-साथ बिजली की मांग भी लगातार बढ़ ही रही है, जिससे निपटने के लिए केंद्र सरकार ने साधारण बल्बों की जगह LED बल्ले अपनाने के लिए लोगों से अपील की. क्योंकि साधारण बल्बों, ट्यूबलाइटों तथा सीएफएल (CFL) बल्बों के इस्तेमाल ज्यादा बिजली खपत हो रहा था, जिसे रोकने के लिए घर-घर LED लगाने की शुरुआत हुई. इसके लिए सरकार ने उजाला योजना के अंतर्गत सस्ती दरों पर LED बल्ब भी उपलब्ध करवाए. सरकार का दावा है कि उजाला योजना के तहत मई 2018 तक 29,96,35,477 LED बल्ब लोगों में बांटे गए हैं. वहीं सरकार की मानें तो दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना मई 2018 तक देश के ऐसे 18,374 गांवों में बिजली पहुंचा दी गई है, जहां अब तक बिजली नहीं थी.
7. मुद्रा योजना
देश की लगातार बढ़ती आबादी के बीच बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है, इससे निपटने के उद्देश्य से मोदी सरकार ने लोगों को स्वरोजगार की ओर मोड़ने का प्रयास किया, इसके लिए सरकार मुद्रा योजना जैसी स्कीम की शुरुआत की. इस योजना के तहत सरकार की ओर से लोन उपलब्ध कराया जाता है, ताकि लोग अपना व्यापार शुरू कर सकें और आत्मनिर्भर बनें. सरकार इस योजना को कामयाब बताती है. PMMY के लिए बनाई गई वेबसाइट के मुताबिक 23 मार्च 2018 तक मुद्रा योजना के तहत 228144 करोड़ रुपये के लोन मंजूर किए गए और इस अवधि तक 2,20,596 करोड़ रुपये के लोन बांटे जा चुके हैं. खुद पीएम मोदी ने पिछले साल लाल किले से ऐलान किया था कि मुद्रा योजना के जरिए 13 करोड़ लोगों को कर्ज दिया गया है. इस योजना का आरंभ अप्रैल 2015 में किया गया था. इस योजना के तहत तीन कैटेगरी (शिशु, किशोर और तरुण) में 50 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का लोन दिए जाते हैं. देश के तमाम बैंकों के जरिये ये लोन दिए जा रहे हैं.
8. नमामि गंगे योजना
मोदी सरकार ने 7 जुलाई, 2016 को 'नमामि गंगे' योजना को मंजूरी दी थी. इस योजना के तहत गंगा नदी को समग्र तौर पर संरक्षित और स्वच्छ करने के कदम उठाए जाएंगे. सरकार ने इस योजना पर 5 साल में 20 हजार करोड़ रुपये खर्च के लिए निर्धारित किया था. इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत वाराणसी और हरिद्वार से एक साथ 231 परियोजनाओं को हरी झंडाकर दिखाकर किया गया था. गंगा की कुल लंबाई 2525 किलोमीटर की है. गंगा का बेसिन 1.6 मिलियन वर्ग किलोमीटर का है. गंगा मंत्रालय को संभाल रहे नितिन गडकरी का कहना है गंगा करीब 70 फीसदी निर्मल चुकी है और 2020 तक गंगा का पानी पीने लायक हो जाएगा. बता दें, गंगा को साफ करने के लिए मोदी सरकार ने 2014 में पहली बार गंगा मंत्रालय का गठन किया था.
10. जनसुरक्षा योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मई 2015 को जनसुरक्षा योजना की घोषणा की थी, जिनमें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) भी शामिल थी. इस योजना के तहत दो लाख रुपये तक का जीवन बीमा प्रदान करती है. यानी अगर बीमा धारक की आकस्मिक मौत हो जाती है तो उसके परिवार को दो लाख रुपये की राशि दी जाती है. PMJJBY के तहत मिलने वाली पॉलिसी को हर साल रेनुअल करना होता है और उसके लिए 330 रुपये की प्रीमियम राशि देनी होती है. मोदी सरकार का दावा है कि मई 2018 तक लगभग 19 करोड़ भारतीय इस योजना में शामिल हो चुके हैं.