गौतम अडानी की कंपनी का बड़ा कदम! ला रही है हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रक, जानिए कब होंगे लॉन्च

Adani Enterprises: अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड इस पायलट प्रोजेक्ट का नेतृत्व करेगा वहीं कनाडा की कंपनी बैलार्ड पावर इंजन की आपूर्ति और अशोक लेलैंड तकनीक सहायता प्रदान करेगा. हाइड्रोजन से चलने वाले इन ट्रकों को इसी साल लॉन्च करने की योजना है.

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सांकेतिक तस्वीर: Adani Enterprises To Deploy Hydrogen Truck सांकेतिक तस्वीर: Adani Enterprises To Deploy Hydrogen Truck

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 9:01 AM IST

एशिया के सबसे रईस व्यक्ति गौतम अडानी की कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) ने ग्रीन एनर्जी की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाते हुए अशोक लेलैंड और कनाडा की बैलार्ड पावर के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है. इस समझौते के तहत अडानी इंटरप्राइजेज खनन, रसद और परिवहन के लिए हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक ट्रक (FCET) विकसित करने के लिए पायलट परियोजना शुरू करने जा रही है. इन ट्रकों का इस्तेमाल बड़े उद्योगों में किया जाएगा. 

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एशिया का अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट 

AEL ने अपने ज्ञापन में कहा है कि, यह एशिया का अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है. जहां इस परियोजना का नेतृत्व अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा किया जाएगा वहीं पीईएम फ्यूल सेल इंजन बिजनेस में अग्रणी बैलार्ड हाइड्रोजन ट्रक के लिए एफसी मूव टीएम (FCmoveTM) फ्यूल सेल इंजन की आपूर्ति करेगा. इसके अलावा अशोक लेलैंड, जो कि दुनिया भर में बस जैसे हैवी व्हीकल के निर्माण के लिए मशहूर है, वो इस प्रोजेक्ट में तकनीकी सहायता प्रदान करेगा. ये प्रोजेक्ट माइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन और हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं की बेहतरीन पर केंद्रित है. 

कब लॉन्च होगा फ्यूल-सेल इलेक्ट्रिक ट्रक

हाइड्रोजन फ्यूल-सेल इलेक्ट्रिक ट्रकों को भारत में 2023 में लॉन्च किए जाने की योजना है. बता दें कि, अडानी समूह ने इससे पहले घोषणा की थी कि वह अगले 10 वर्षों में ग्रीन हाइड्रोजन और संबंधित इको सिस्टम में 50 बिलियन अमरीकी डालर से अधिक का निवेश करने की योजना बना रहा है, जिसकी वार्षिक क्षमता 3 मिलियन टन तक है. विनय प्रकाश, निदेशक, एईएल और सीईओ, अडानी नेचुरल रिसोर्सेज ने कहा, "यह अग्रणी और महत्वाकांक्षी ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना भारत की भविष्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए एक मजबूत नींव रखेगी."

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उन्होनें कहा कि, "कमर्शियल फ्लीट (व्यवसायिक वाहनों) के लिए ईंधन के रूप में हाइड्रोजन का इस्तेमाल न केवल देश में खनन और रसद क्षेत्र के लिए हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी के आगमन को आगे बढ़ाता है, बल्कि अन्य व्यवसायों जैसे बंदरगाहों, हवाई अड्डों और फ्लीट इत्यादि में भी दीर्घकालिक समाधानों का विकल्प चुनने में भी देश को सक्षम करेगा.  

कैसा होगा हाइड्रोजन फ्यूल-सेल ट्रक

हाइड्रोजन से चलने वाला इस माइनिंग ट्रक का वजन 55 टन होगा, इसमें तीन हाइड्रोजन टैंक दिए जाएंगे और ये 200 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज देगा. इस ट्रक में बलार्ड की 120 kW PEM फ्यूल-सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. 

रैंडी मैकवेन, सीईओ, बलार्ड पावर सिस्टम्स ने कहा कि, "पिछले साल अडानी समूह के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद, हम अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं और अडानी जैसे एडवांस बिजनेस के साथ सहयोग करने के अवसर का स्वागत करते हैं." 

अशोक लेलैंड के सीटीओ, डॉ. एन. सरवनन ने कहा कि, अशोक लेलैंड भारत में खनन और रसद क्षेत्रों में हाइड्रोजन पावर्ड फ्यूल-सेल इलेक्ट्रिक ट्रकों को लाने के लिए अडानी और बलार्ड के साथ सहयोग करने के लिए उत्साहित है. यूनिक और बेहतर प्रोडक्ट को विकसित करने के हमारे ट्रैक रिकॉर्ड के साथ, फ्यूल सेल में बलार्ड की तकनीकी विशेषज्ञता और हाइड्रोजन के लिए अडानी के समर्पण के साथ, ये भारत के लिए गुड्स और पैसेंजर ट्रांसपोर्टेशन दोनों को डीकार्बोनाइज करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है. 
 

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