How to Start Ginger Farming: भारतीय किसान पारंपरिक फसलों की खेती की ओर तरजीह देते नजर आते हैं. ऐसे में कई बार उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ता है. हालांकि, किसान अब धीरे-धीरे खेती-किसानी के प्रति जागरुक हो रहे हैं. यही वजह है कि किसान अब अलग-अलग मुनाफे वाली फसलों की खेती की तरफ रुख करने लग हैं. अदरक भी इन्हीं फसलों में से एक है. बंगाल, बिहार, चेन्नई, मध्य प्रदेश, पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इस फसल की खेती बड़े पैमाने पर होने लगी है. इसकी खेती से किसानों को बढ़िया मुनाफा भी मिल रहा है.
अदर की खेती के उपयुक्त जलवायु
इसकी खेती गर्म प्रदेशों में की जाती है. इसके लिए औसतन 25 डिग्री से 35 डिग्री का तापमान उपयुक्त रहता है. इसके खेतों का चयन करते वक्त ये ध्यान रखें कि वहां जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध हो. जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था नहीं होने पर फसल को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है. साथ ही ध्यान रखें अदरक की फसल बलुई दोमट और चिकनी मिट्टी में काफी अच्छे तरीके से विकसित होती है.
कैसे करें अदरक की खेती?
अगर आप अदरक की खेती से बंपर पैदावार चाहते हैं तो आईआईएसआर, सुप्रभा, सुरुची, हिमगिरी, आईआईएसआर रजाता की बुवाई कर सकते हैं. ये सभी फसलें 200 से 230 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं. इसे 40 सेमी के अंतराल पर बोना चाहिए. मेड़ या कूड़ विधि से इसकी बुवाई करनी चाहिए. इस बीच खेतों में लगातार नमी बनाएं रखें, यह अदरक की फसल के लिए काफी फायदेमंद साबित होती है.
सिर्फ 8 महीने में कटाई के लिए तैयार
यह फसल 8 महीने के अंतराल में ही कटाई के लिए तैयार हो जाती है. जब इसके पत्तों के रंग पीले पड़ने शुरू हो जाएं तो समझ लिजिए फसल पूरी तरह से कटाई के लिए तैयार हो चुकी है. किसानों पौधों को सावधानी से उखाड़ कर प्रकंदों को जड़ और मिट्टी से अलग कर देना चाहिए.
कमा सकते हैं कितना मुनाफा?
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप अदरक की खेती सही तरीके से करते हैं तो आराम से 350 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक अदरक की पैदावार हासिल कर सकते हैं. एक हेक्टेयर में अदरक की खेती में करीब 7-8 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है. इस वक्त बाजार में अदरक करीब 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. यदि इसे 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मानें तो एक हेक्टेयर में 25 लाख रुपये तक की कमाई हो जाएगी.
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