किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती-किसानी में नई-नई तकनीकों को बढ़ावा दिया जाने लगा है. किसानों को इसका फायदा भी हुआ है. तकनीकों की मदद से किसानों की उपज बढ़ी है. उपज बढ़ते ही मुनाफा भी हुआ है. इसी कड़ी में उत्तराखंड सरकार किसानों को सब्जी-फल-फूल की खेती के लिए पॉलीहाउस बनाने पर सब्सिडी देने का फैसला किया है.
पॉलीहाउस निर्माण पर किसानों को 70 प्रतिशत सब्सिडी
उत्तराखंड सरकार ने 100 वर्ग मीटर आकार के 17,648 पॉलीहाउस की स्थापना के लिए नाबार्ड रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड के तहत 304 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की है. इन पॉलीहाउस के निर्माण पर किसानों को 70 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी.
पहाड़ों पर से रुकेगा पलायन
पॉलीहाउस के जरिए किसान साल भर बेमौसमी सब्जियों और फलों को उगाकर अच्छा मुनाफा कमा सकता है. इससे पहाड़ों पर किसानों के लिए स्वरोजगार का सृजन होगा. सब्जी और फलों के उत्पादन में इजाफा होगा. किसानों का मुनाफा होगा. साथ ही पहाड़ों से पलायन पर रोक लगेगी.
क्या है पॉलीहाउस
पॉलीहाउस में उसके अंदर का वातावरण को फसलों के अनुकूल कर मौसम में विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया जाता है. इसमें फसलों पर बाहरी वातावरण का प्रभाव नहीं पड़ता है और फसलों के नुकसान होने की संभावनाएं कम बनी रहती है. पॉलीहाउस के उपज की स्वस्थ और क्वालिटी में भी अच्छी होती है और लंबे समय तक चलती हैं. यह पौधों को वर्ष के किसी भी समय बढ़ने में मदद करता है .पॉलीहाउस खेती में उपज को प्रभावित करने वाले हर कारक को नियंत्रित किया जा सकता है.पॉलीहाउस को पॉलीटनल, ग्रीन-हाउस या ओवर-हेड टनल के रूप में भी जाना जाता है. आसान भाषा में समझें कि यहां उन फसलों की खेती की जाती है, जो अधिक तापमान पर नहीं हो पाती हैं. पॉलीहाउस पूरी तरह पॉलीथिन सीट से कवर होता है जबकि शेडनेट हाउस मच्छरदानी की तरह जालीदार होता है .
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