धनिया के खेती के लिए राजस्थान का हड़ौती संभाग काफी मशहूर है. देश के कुल धनिया उत्पादन का 70 प्रतिशत हिस्सा हड़ौती में ही होता है. कोटा में स्थित एशिया की नंबर वन धनिया मंडी रामगंजमंडी में धनिया की आवक शुरू हो गई है. यह मंडी देश की नामी मसाला कंपनियों के व्यवसाय को भी बूस्ट करने का काम करती है.
यहां से विदेशों में भी निर्यात होता है धनिया
रामगंजमंडी में राजस्थान ही नहीं मध्यप्रदेश से भी किसान धनिया लेकर पहुंचते हैं. पिछले 42 वर्षों के दौरान ये मंडी धनिये के व्यापार में एक लीडर के तौर पर उभर कर सामने आई है. पूरे देश में जहां भी धनिया का व्यापार किया जाता है, वहां भी इसके भाव का निर्धारण रामगंजमंडी के धनिये के भावों के आधार पर किया जाता है. रामगंजमंडी से धनिये का निर्यात ताईवान, ताजीकिस्तान,पाकिस्तान व बांग्लादेश के साथ कई अन्य देशों में किया जाता है.
इस बार धनिया की बुवाई हुई थी लेट
बता दें कि इस साल बारिश के चलते धनिया की बुवाई लेट हुई थी. इसके चलते इसकी आवक भी लेट होगी. फिर भी अनुमान लगाया जा रहा है इस बार भी धनिया की बंपर उपलब्धता मंडी में रहेगी. अपने फ्लेवर और महक के चलते हाड़ौती संभाग का धनिया बेस्ट माना जाता है.
अब तक मंडी मे इतने क्विंटल धनिया की आवक
धनिया का रेट भी इस साल पिछले साल की ही तरह रहेगा. गीला धनिया धनिया 4 हजार से लेकर 5500 रुपये तक बिक रहा है. संभावना है कि धनिया का बाजार अच्छा रहेगा. प्रमुख धनिया व्यवसायियों की माने तो देश की जानी मानी मसाला कंपनी रामगंजमंडी से ही माल लेना पसंद करती हैं. साल 2018 में 712365 क्विंटल, 2019 में 587027 क्विंटल, 2020 में 951711 क्विंटल, 2021 में 664674 क्विंटल और इस साल फरवरी तक 438185 क्विंटल धनिया मंडी में आ गया. व्यवसायियों की मानें तो इस साल धनिया की आवक के सारे रिकॉर्ड टूट सकते हैं.
चेतन गुर्जर