टीम इंडिया ने 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया में हुई 4 मैचों की टेस्ट सीरीज को जीतकर इतिहास रचा था. भारतीय टीम एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट मैच को बुरी तरह हार गई थी. इसके बाद उसने पलटवार करते हुए मेलबर्न और ब्रिस्बेन में ऑस्ट्रेलिया को पटखनी दी. टीम इंडिया के लिए ये सीरीज कई मायनों में यागदार रही. इस सीरीज को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बड़ा फैसला सुनाया है.
आईसीसी ने इस सीरीज को क्रिकेट इतिहास की ‘The Ultimate Test Series’ बताया है. ये फैसला वोटिंग के जरिए किया गया. दरअसल, आईसीसी ने वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल से पहले The Ultimate Test Series नाम से एक मुहिम शुरू की थी, जिसमें 16 सीरीजों को शॉर्टलिस्ट किया गया था.
इसमें 1999 में ऑस्ट्रेलिया-वेस्टइंडीज के बीच खेली गई टेस्ट सीरीज, 2005 में खेली गई एशेज सीरीज, 2008-09 में ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच खेली गई टेस्ट सीरीज शामिल थी. लेकिन ये सभी सीरीज बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 से मात खा गईं. इस सीरीज को कुल सात मिलियन से ज्यादा वोट मिले.
Ahead of the final, we set out to determine .
— ICC (@ICC)
After 15 head-to-heads and over seven million votes across our social channels, we have a winner…
The 2020/21 Border-Gavaskar Trophy takes the crown 👑
भारत को मिली थी 2-1 से जीत
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 मैचों की टेस्ट सीरीज भारत के लिए चुनौतियों से भरी थी. एडिलेड में टीम इंडिया की शर्मनाक हार हुई थी. इसके बाद कप्तान विराट कोहली अपने बच्चे के जन्म के लिए स्वदेश लौट गए थे. यहां से फिर कप्तानी की जिम्मेदारी अजिंक्य रहाणे के कंधों पर आई.
उन्होंने मेलबर्न में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में शतक जड़कर टीम इंडिया की सीरीज में वापसी कराई. इसके बाद तो टीम इंडिया ने वो कर दिखाया, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. ऋषभ पंत, हनुमा विहारी, मोहम्मद सिराज, शार्दुल ठाकुर, वॉशिंगटन सुंदर, टी.नटराजन जैसे युवा खिलाड़ी इस सीरीज के हीरो थे. इन्होंने टीम इंडिया को सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाई.