कोरोना संकट और लॉकडाउन के दौरान भारतीय डाक भी बखूबी अपनी भूमिका निभा रहा है. भारतीय डाक उन जगहों पर लोगों को पैसा उपलब्ध करा रहा है जहां के लोग लॉकडाउन के कारण बैंक नहीं पहुंच पा रहे हैं.
डाक विभाग ने मछुआरों को नाव पर उनके बैंक खाते से पैसा निकाल कर दिया. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने डाक विभाग द्वारा नाव पर मछुआरों को पैसे देने की तस्वीर अपने ट्वीटर अकाउंट पर शेयर की है. रविशंकर प्रसाद ने लिखा है कि अयोध्या के गांव मांझा कलां के मछुवारों को नाव पर उनके बैंक खाते से पैसे निकाल कर डाक विभाग ने दिया है. बता दें कि डाक विभाग का जिम्मा केंद्रीय संचार और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद के पास ही है.
मंत्री रविशंकर प्रसाद के ट्वीट कर स्वदेस फिल्म के उस गाने को याद किया जिसमें नाव का जिक्र आता है. आज इसी नाव पर बैठे-बैठे गांव के ये मछुआरे एटीएम सुविधा का लाभ उठा रहे हैं.
ये जो देश है तेरा, स्वदेस है मेरा।
Fishermen from Manjha Kalan village in Ayodhya (Uttar Pradesh) were unable to withdraw cash from Bank due to lockdown. On their request offered them cash withdrawal through AEPS in the village itself.
— Ravi Shankar Prasad (@rsprasad)
डाक विभाग की इस सेवा को लेने के लिए आपके बैंक अकाउंट का आधार से जुड़ा रहना जरूरी है. डाक विभाग आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम का इस्तेमाल कर लोगों को पैसे देता है.
डाक विभाग की सेवा के जरिए 10 हजार तक की रकम आसानी से निकाली जा सकती है. यूपी के चीफ पोस्ट मास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने बताया कि महिलाएं घर से निकल नहीं पाती हैं, लॉकडाउन की वजह से उनकी दिक्कतें और बढ़ रही हैं. उन्हें हम घर तक जाकर पैसा दे रहे हैं.
इसके अलावा बूढ़े, दिव्यांग, अक्षम, गरीब, किसान, मजदूर भी डाक विभाग की इस सुविधा के जरिए अपने घर पर ही किसी भी बैंक के अपने खाते से पैसे निकाल पा रहे हैं.